बंगाल चुनाव 2026 में हार के बाद ‘कॉकरोच’ के सहारे ममता-अभिषेक! वायरल CJP का किया समर्थन
Published by : Mithilesh Jha Updated At : 25 May 2026 6:29 PM
Mamata Banerjee Supports Cockroach Janata Party: बंगाल चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने वायरल डिजिटल ग्रुप कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को समर्थन दिया है. NEET पेपर लीक और युवाओं के मुद्दों पर CJP की बढ़ती लोकप्रियता के बीच टीएमसी का यह समर्थन बड़ा सियासी दांव माना जा रहा है.
खास बातें
Mamata Banerjee Supports Cockroach Janata Party: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपनी रणनीति को पूरी तरह री-सेट करने में जुट गयी है. इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर तहलका मचाने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को अपना समर्थन देकर सबको चौंका दिया है.
युवाओं के डिजिटल आंदोलन के साथ टीएमसी : ओब्रायन
राज्यसभा सांसद डेरेक ओब्रायन ने सोमवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि टीएमसी नेतृत्व अब युवाओं के इस डिजिटल आंदोलन के साथ खड़ा है. बंगाल की हार के बाद ममता का यह कदम युवाओं को फिर से अपने पाले में लाने की एक बड़ी कोशिश मानी जा रही है.
क्या है कॉकरोच जनता पार्टी और क्यों मचा है बवाल?
यह कोई पारंपरिक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक डिजिटल व्यंग्य (Satire) आंदोलन है, जिसने पिछले एक हफ्ते में भारतीय इंटरनेट पर तूफान ला दिया है. इसकी शुरुआत बोस्टन यूनिवर्सिटी के छात्र अभिजीत दिपके ने की थी.
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क्या है पूरा मामला
यह आंदोलन सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की एक कथित टिप्पणी के बाद शुरू हुआ, जिसमें ‘कॉकरोच’ शब्द का इस्तेमाल हुआ था. हालांकि, बाद में इस पर स्पष्टीकरण भी आया, लेकिन युवाओं ने इसे अपनी बेरोजगारी और संघर्ष से जोड़कर एक आंदोलन का रूप दे दिया. CJP ने हाल ही में NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को जोर-शोर से उठाया है, जिससे यह मेडिकल परीक्षार्थियों के बीच बेहद लोकप्रिय हो गयी है.
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ममता और अभिषेक का दांव
डेरेक ओब्रायन के मुताबिक, ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने न केवल CJP की लोकप्रियता को सराहा है, बल्कि इसे युवाओं के गुस्से की जायज अभिव्यक्ति भी माना है. CJP के समर्थन के बहाने टीएमसी केंद्र सरकार पर बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर और आक्रामक होने की योजना बना रही है. CJP ने इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स के मामले में बीजेपी और कांग्रेस को पछाड़ दिया है. टीएमसी इस डिजिटल रीच का फायदा उठाना चाहती है.
सरकार बनाम ‘कॉकरोच’: भारी कार्रवाई और हैकिंग का आरोप
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने हाल ही में दावा किया कि सरकार उनके आंदोलन को कुचलने की कोशिश कर रही है. CJP का आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट और इंस्टाग्राम पेज हैक या ब्लॉक कर दिया गया है. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बिना नाम लिये इस आंदोलन को ‘पाकिस्तान और जॉर्ज सोरोस गैंग’ से प्रेरित बताया है. हालांकि, दिपके ने डेटा साझा करते हुए दावा किया कि उनके 94 प्रतिशत फॉलोअर्स भारतीय हैं.
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Mamata Banerjee Supports Cockroach Janata Party: सियासी गलियारों में हलचल
टीएमसी का CJP को समर्थन देना यह संकेत है कि ममता बनर्जी अब पारंपरिक राजनीति के साथ-साथ ‘मीम कल्चर’ और डिजिटल विरोध प्रदर्शनों को भी हथियार बनाने वाली हैं. बीजेपी इसे विपक्ष की ‘साजिश’ बता रही है, तो युवाओं के बीच ममता का यह ‘प्रो-यूथ’ स्टैंड चर्चा का विषय बना हुआ है.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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