Cockroach Janata Party : तेजी से बढ़ रहे हैं 'कॉकरोच जनता पार्टी' के फॉलोअर्स, जानें किसने की इस पार्टी की शुरुआत

Published by : Preeti Singh Parihar Updated At : 21 May 2026 1:48 PM

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कॉकरोच जनता पार्टी इंस्टाग्राम पेज

किसी भी आंदोलन की शुरुआत एक दिन में नहीं होती, इसके पीछे आमतौर पर लंबे जन अभियान होते हैं और कुछ बड़े लोगों से मिलने वाली वित्तीय सहायता भी अहम भूमिका निभाती है. लेकिन अब हम डिजिटल युग में हैं, जहां कोई भी विचार एक ट्वीट, एक इंस्टा या फेसबुक पोस्ट के जरिये एक व्यापक आंदोलन में बदल सकता है. ऐसा ही कुछ सोशल मीडिया कैंपेन "कॉकरोच जनता पार्टी" के साथ हुआ है. इसे बेरोजगार युवाओं की सिस्टम के प्रति नाराजगी जताने के एक मजाकिया तरीके के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन इसमें कहीं न कहीं बहुतायत में आहत युवा मन भी है...

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देश का युवा मन 15 मई को आई भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की एक टिप्पणी से, जिसमें उन्होंने कहा था-‘कुछ युवा कॉकरोच की तरह हैं, जिन्हें कोई रोजगार नहीं मिलता या पेशे में कोई जगह नहीं मिलती. उनमें से कुछ मीडिया बन जाते हैं, कुछ सोशल मीडिया बन जाते हैं, कुछ आरटीआई एक्टिविस्ट बन जाते हैं, तो कुछ अन्य तरह के एक्टिविस्ट बन जाते हैं और वे हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं…’ से बहुत आहत हुआ है और रातों रात ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बन गयी. सोशल मीडिया में इस टिप्पणी के खिलाफ उपजे आक्रोश के बाद मुख्य न्यायाधीश ने सफाई दी और कहा,’ मेरे बयान को संदर्भ से बाहर करके पेश किया गया है. मैंने विशेष रूप से उन लोगों की आलोचना की थी जो फर्जी और जाली डिग्रियों के सहारे वकालत जैसे पेशे में घुस आये हैं.’ लेकिन तब तक ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की आग युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले चुकी थी और इसके संचारक थे अभिजीत दिपके.

कौन हैं अभिजीत दिपके

abhijeet dipke
Abhijeet dipke

कॉकरोच जनता पार्टी के इंस्टा अकाउंट में लिखा है- ‘युवाओं का, युवाओं द्वारा, युवाओं के लिए एक राजनीतिक मोर्चा’. सीईओ/ अकाउंट के आगे अभिजीत दिपके नाम है. एक रिपोर्ट के अनुसार, 30 वर्षीय दिपके ने अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से हाल ही में पब्लिक रिलेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. इससे पहले वह 2020 से 2023 तक आम आदमी पार्टी (आप) की सोशल मीडिया टीम में स्वयंसेवक के तौर पर काम कर चुके हैं और बीते चार दिनों से मीडिया में छाये हुए हैं. 

पांच दिन में हुए एक करोड़ से अधिक फॉलोअर्स

मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी पर सोशल मीडिया में आक्रोश बढ़ने के साथ ही अभिजीत दिपके नाम के युवा ने 16 मई को एक्स पर पोस्ट किया- ‘क्या होगा अगर सारे तिलचट्टे एक साथ आ जाएं?’ उन्होंने अपने मजाक और उसके पीछे छिपी हताशा भरी भावनाओं को आगे बढ़ाते हुए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से एक वेबसाइट https://cockroachjantaparty.org/ और सोशल मीडिया अकाउंट बनाये. इसके बनने के पांच दिनों ही कॉकरोच जनता पार्टी के इंस्टा पर फॉलोवर्स की संख्या 1 करोड़ 25 लाख से अधिक हो चुकी है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो 350,000 से अधिक लोगों ने इसकी वेबसाइट में गूगल फॉर्म के माध्यम से पार्टी की सदस्यता के लिए पंजीकरण कराया है. जिन लोगों ने पंजीकरण कराया है उनमें टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और पूर्व सांसद व क्रिकेटर कीर्ति आजाद सहित कई दिग्गज भी शामिल हैं.

क्या है कॉकरोच जनता पार्टी का घोषणा पत्र 

तिलचट्टा जनता पार्टी यानी कॉकरोच जनता पार्टी की वेबसाइट में संस्थापक की जगह अभिजीत दिपके का नाम है और सबसे पहले ‘हमारे आंदोलन का दृष्टिकोण’ में बताया गया है कि ‘हम यहां न तो कोई और पीएम केयर योजना शुरू करने आये हैं, न ही करदाताओं के वेतन पर दावोस में छुट्टियां मनाने आये हैं और न ही भ्रष्टाचार को “रणनीतिक खर्च” का नाम देने आये हैं. हम यहां जोर-शोर से, बार-बार, लिखित रूप में यह पूछने आये हैं कि पैसा कहां गया.’  इसके बाद ‘हमारा विशेष कार्य’ में बताया गया है- ‘एक ऐसी पार्टी का निर्माण करें, जो उन युवाओं के लिए हो, जिन्हें लगातार आलसी, क्रॉनिकली ऑनलाइन (हर वक्त इंटरनेट पर रहने वाला) और हाल ही में – कॉकरोच कहा गया है. बस यही है. यही हमारा मिशन है. बाकी सब व्यंग्य है.’ इसके साथ ही युवाओं के लिए छोटे-छोटे संदेश हैं और पार्टी का पांच सूत्रीय घोषणा पत्र भी है, जो कहता है- –  यदि मुख्य न्यायाधीश सत्ता में आते हैं, तो किसी भी मुख्य न्यायाधीश को सेवानिवृत्ति के बाद पुरस्कार के रूप में राज्यसभा सीट नहीं दी जायेगी. 
– यदि किसी वैध वोट को रद्द किया जाता है, चाहे वह मुख्य न्यायिक परिषद (सीजेपी) द्वारा शासित राज्य में हो या विपक्ष द्वारा शासित राज्य में, तो सीईसी को यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया जायेगा , क्योंकि नागरिकों के मतदान के अधिकार को छीनना आतंकवाद से कम नहीं है.
– संसद की संख्या बढ़ाये बिना महिलाओं को 33% नहीं बल्कि 50% आरक्षण मिलेगा. इसके अतिरिक्त, मंत्रिमंडल के सभी पदों में से 50% पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे.
– अंबानी और अदानी के स्वामित्व वाले सभी मीडिया संस्थानों के लाइसेंस रद्द किये जायेंगे, ताकि वास्तव में स्वतंत्र मीडिया को जगह मिल सके. गोदी मीडिया के एंकरों के बैंक खातों की जांच की जायेगी.
– कोई भी विधायक या सांसद जो एक पार्टी से दूसरी पार्टी में दल-बदल करता है, उसे 20 वर्षों की अवधि के लिए चुनाव लड़ने और किसी भी सार्वजनिक पद को धारण करने से प्रतिबंधित कर दिया जायेगा. 

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Preeti Singh Parihar

लेखक के बारे में

By Preeti Singh Parihar

Senior Copywriter, 15 years experience in journalism. Have a good experience in Hindi Literature, Education, Travel & Lifestyle...

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