भारत का पाकिस्तान पर पलटवार, कहा- नरसंहार का इतिहास रखने वाला कश्मीर पर न दे ज्ञान

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संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वथनेनी (Photo: ANI)

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN) में पाकिस्तान द्वारा जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने पर भारत ने कड़ा जवाब दिया. भारत के प्रतिनिधि हरीश पर्वथनेनी ने कहा कि जिस देश का इतिहास नरसंहार और हिंसा से जुड़ा रहा हो, उसे भारत के अंदरूनी मामलों पर अंतरराष्ट्रीय मंच से बोलने का कोई हक नहीं है.

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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने पाकिस्तान से कहा कि वो ज्यादा ज्ञान न दे. भारत ने कहा कि पाकिस्तान का इतिहास लंबे समय से नरसंहार और हिंसा से जुड़ा रहा है. वह अपनी अंदरूनी नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए सीमा के भीतर और बाहर हिंसा का सहारा लेता है. यह बयान सशस्त्र संघर्ष में नागरिकों की सुरक्षा पर हुई UNSC की खुली बहस के दौरान दिया गया.

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वथनेनी ने पाकिस्तान को कड़ा जवाब देते हुए कहा कि जिस देश का इतिहास नरसंहार और हिंसा से दागदार रहा हो, उसका भारत के अंदरूनी मामलों पर बोलना सही नहीं है. यह टिप्पणी तब की गई जब पाकिस्तान ने बहस के दौरान जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाया.

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पाकिस्तान ने काबुल के अस्पताल पर हवाई हमला किया

भारत के प्रतिनिधि ने कहा कि दुनिया भूली नहीं है कि इसी साल रमजान के महीने में (जब शांति और दया का समय माना जाता है) पाकिस्तान ने काबुल के ओमिद नशा मुक्ति अस्पताल पर हवाई हमला किया था. उन्होंने इसे बेहद बर्बर कार्रवाई बताते हुए पाकिस्तान की आलोचना की. भारत ने कहा कि पाकिस्तान के इस हमले में 269 आम नागरिकों की मौत हुई और 122 लोग घायल हुए थे. हरीश पर्वथनेनी ने कहा कि जिस अस्पताल को किसी भी तरह सैन्य ठिकाना नहीं माना जा सकता, उस पर हमला बेहद कायराना था. उन्होंने पाकिस्तान को पाखंडी बताते हुए कहा कि वह एक तरफ अंतरराष्ट्रीय कानून की बात करता है और दूसरी तरफ मासूम लोगों को निशाना बनाता है.

पर्वथनेनी ने कहा कि UNAMA के मुताबिक यह हवाई हमला तरावीह की नमाज के बाद हुआ था, जब कई मरीज मस्जिद से बाहर निकल रहे थे. उन्होंने बताया कि इस हमले और सीमा पार हिंसा की वजह से 94 हजार से ज्यादा लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा. पाकिस्तान जैसे देश से ऐसी आक्रामक कार्रवाई हैरान करने वाली नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि जो देश अपने ही लोगों पर बमबारी करता हो और नरसंहार जैसे कामों में शामिल रहा हो, उससे अलग व्यवहार की उम्मीद नहीं की जा सकती.

पाकिस्तान की सेना ने करीब चार लाख महिलाओं के साथ सामूहिक दुष्कर्म किए

भारत के प्रतिनिधि ने कहा कि 1971 में ऑपरेशन सर्चलाइट के दौरान पाकिस्तान की सेना ने करीब चार लाख महिलाओं के साथ सामूहिक दुष्कर्म किए थे. भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के इन पुराने रिकॉर्ड का जिक्र करते हुए उसके जम्मू-कश्मीर मुद्दा उठाने की कोशिश को खारिज किया और इसे भारत का अंदरूनी मामला बताया.  

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