दुष्कर्मी को सात वर्ष की सश्रम कैद की सजा

Updated at : 04 Oct 2018 6:27 AM (IST)
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दुष्कर्मी को सात वर्ष की सश्रम कैद की सजा

धनबाद : शादी का प्रलोभन देकर बहला फुसला कर तीन वर्षों से एक युवती के साथ दुराचार करने के मामले में बुधवार को जिला व सत्र न्यायाधीश संजीता श्रीवास्तव की अदालत ने सजा के बिंदु पर फैसला सुनाते हुए जेल में बंद महेशपुर (मधुबन) निवासी मिथिलेश रजवार को भादवि की धारा 376 में दोषी पाकर […]

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धनबाद : शादी का प्रलोभन देकर बहला फुसला कर तीन वर्षों से एक युवती के साथ दुराचार करने के मामले में बुधवार को जिला व सत्र न्यायाधीश संजीता श्रीवास्तव की अदालत ने सजा के बिंदु पर फैसला सुनाते हुए जेल में बंद महेशपुर (मधुबन) निवासी मिथिलेश रजवार को भादवि की धारा 376 में दोषी पाकर सात वर्ष की सश्रम कैद व दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनायी.
ज्ञात हो कि 10 जनवरी 17 को ग्यारह बजे रात को मिथिलेश रजवार ने अपने मोबाइल से फोन किया तथा उसे आपत्तिजनक फोटो को सार्वजनिक करने की धमकी देकर अपने घर के पीछे बुलाया. जब डर से पीड़िता वहां गयी तो उसके साथ दुष्कर्म किया. घटना के बाद पीड़िता ने मधुबन थाना में कांड संख्या-12/17 दर्ज कराया. केस के आइओ नरेंद्र कुमार ने चार्जशीट दायर किया. 8 जनवरी 18 को अदालत ने आरोपी के खिलाफ आरोप तय किया. अभियोजन ने 8 गवाहों का मुख्य परीक्षण कराया.
गोपाल कुंभकार हमलाकांड में एक दोषी करार : जान मारने की नीयत से सिंदरी निवासी गोपाल कुंभकार के सिर पर लोहे के रॉड से हमला करने के मामले में बुधवार को प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार चौधरी की अदालत ने झोंपड़पट्टी सिंदरी निवासी विकास कुमार को भादवि की धारा 307 में दोषी करार देते हुए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. अदालत फैसला 5 अक्तूबर को सुनायेगी. घटना आठ नवंबर 11 की है. गोपाल ने सिंदरी थाना में कांड संख्या-26/11 दर्ज कराया था.
घूसखोर पूर्व बीइइओ को तीन वर्ष की सजा : निगरानी के विशेष न्यायाधीश ओम प्रकाश पांडेय की अदालत ने बुधवार को रिश्वतखोरी के एक मामले में लाल बहादुर सिंह रिटायर्ड प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी पेटरवार (बोकारो) को पीसी एक्ट की धारा 7 में 2 वर्ष कैद, छह हजार जुर्माना, जबकि 13(2) सहपठित 13 (1) (डी) में तीन वर्ष कैद व दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनायी. जुर्माना राशि अदा नहीं करने पर दो माह अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी. सजा के बिंदु पर निगरानी के विशेष लोक अभियोजक अनिल कुमार सिंह नंबर-2 ने बहस की. जबकि बचाव पक्ष से अधिवक्ता दीपनारायण भट्टाचार्य ने बहस की.
मामला उत्क्रमित मध्य विद्यालय गगा (पेटरवार) का मामाला है.
गवाही नहीं देने वाले दो अनुसंधानकर्ता का वेतन रोकने का आदेश : नीरा देवी हत्याकांड की सुनवाई बुधवार को जिला व सत्र न्यायाधीश संजय कुमार की अदालत में हुई. आरोपी विनोद कुमार वर्मा के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र समर्पित करने वाले केस के अनुसंधानकर्ता द्वय नसीरुद्दीन खान व फिहहीस पन्ना द्वारा गवाही नहीं दिये जाने के मामले में अदालत ने गंभीरता से लिया है. अदालत ने झारखंड के डीजीपी को पत्र प्रेषित कर उपरोक्त आइओ द्वय का वेतन रोकने का आदेश दिया है. मामला 18 मार्च 11 को खेसमी (तोपचांची) निवासी नीरा देवी की हत्या उसके घर में ही कर दी गयी थी.
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