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साइबर ठगों के गेमिंग ऐप के जाल में फंसा युवक, दांव पर लगा दी रिश्तेदार के जीवन भर की कमाई

Updated at : 24 Feb 2025 10:20 PM (IST)
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Cyber Crime News Deoghar

Cyber Crime News Deoghar

Cyber Crime News Deoghar: साइबर ठगों के गेमिंग ऐप के जाल में फंसकर और पैसे कमाने की लालच में एक युवक ने अपने रिश्तेदार की जिंदगी भर की कमाई दांव पर लगा दी.

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Cyber Crime News Deoghar: देवघर जिले के करौं थाना क्षेत्र का एक युवक साइबर ठगों के गेमिंग ऐप के जाल में फंसकर एक साल में करीब 71 लाख रुपए गंवा दिये. उसके 22 लाख रुपए डूब गये हैं. इस शख्स ने लालच में फंसकर कुल 71 लाख रुपए लगा दिये. इसमें 49 लाख रुपए ही उसे वापस मिले. उस पर भी बैंक ने होल्ड लगा दिया है. उसने बैंक से पूछा, तो उसे बताया गया कि उसके खाते में साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर की गयी है. इस तरह से उस पर दोहरी मार पड़ी है. सोमवार को मामले की शिकायत करने के लिए पीड़ित युवक साइबर थाने पहुंचा. यह पूरी रकम उसके रिश्तेदार के रिटायमेंट के बाद मिले पैसे हैं, जिसे उसने गेमिंग ऐप में लगा दिया.

फेसबुक पर 91 गेमिंग ऐप का प्रचार देख पैसे कमाने की सोची

इस युवक ने सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर युवक ने 91 गेमिंग ऐप का प्रचार देखा. उसके माध्यम से पैसे कमाने की सोची. पहले उसे बताया गया कि जो भी पैसा वह लगायेगा, उस पर उसे 24 घंटे में एक से दो प्रतिशत ब्याज मिलेगा. इसके बाद उसने 100-150 रुपए की छोटी-छोटी राशि लगानी शुरू की. बदले में उसे ब्याज मिलता गया. इसके साथ ही उसका विश्वास बढ़ता चला गया. बाद में उसे पैसे ज्यादा लगाने को कहा गया. उसने लालच में मोटी रकम लगानी शुरू कर दी. पैसे वापस भी मिल रहे थे.

  • साइबर ठग चला रहे हैं कई गेमिंग ऐप, देवघर में हुआ खुलासा
  • गेमिंग ऐप के जाल में फंसकर लगा दिये 71 लाख रुपए, गंवा बैठे 22 लाख रुपए
  • अपने रिश्तेदार के जीवन भर की कमाई को लगा दिया था दांव पर
  • 2 आइडी बनाकर सालभर से लगाता गया 47 लाख और 24 लाख
  • दोनों आइडी के 12 लाख रुपए और 10 लाख रुपए वापस नहीं मिले
  • लौटी हुई रकम पर बैंक ने लगाया होल्ड, कहा- ठगी के पैसे आये हैं खाते में

गेमिंग ऐप में पैसे लगाने के लिए 2 आइडी बनायी

इसके बाद उसने गेमिंग ऐप में पैसे लगाने के लिए 2 अलग-अलग आइडी बना ली. पहली आइडी से उसने 47 लाख रुपए लगाये, जिसमें 35 लाख रुपए वापस आ गये. दूसरी आइडी से उसने 24 लाख रुपए लगाये. इसमें उसे 14 लाख रुपए वापस मिले. इसके बाद जिन-जिन बैंक अकाउंट्स में उसके पैसे गेमिंग ऐप ने दिये थे, उन सभी अकाउंट्स को बैंक ने यह कहते हुए होल्ड लगा दिया कि सारी रकम देश के अलग-अलग राज्यों से हुई साइबर ठगी के पीड़ितों के खाते से ट्रांसफर हुए हैं. उसके अकाउंट में दिल्ली, गुजरात और अन्य राज्यों से लिएन लगाये गये हैं. यह भी पता चला है कि इन खाताधारियों के खिलाफ कई राज्यों में केस दर्ज हैं.

बैंक अकाउंट पर होल्ड लगने के बाद होश में आया युवक

उसके एक अकाउंट में 10 लाख रुपए पर लिएन लगा है. दूसरे अकाउंट में 2 लाख रुपए पर लिएन गुजरात से लगाया गया है, जिसमें वहां के थाने में 54 लाख की साइबर ठगी का केस है. इसके बाद उसे मालूम हुआ कि वह फंस चुका है. उसके 22 लाख रुपए भी डूब जायेंगे. अकाउंट में जो पैसे आये हैं, उसकी रिकवरी होगी कि नहीं, यह भी नहीं मालूम. इस संबंध में पीड़ित युवक सोमवार को मामले की शिकायत करने साइबर थाना पहुंचा.

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साइबर पुलिस से पैसे वापस कराने की युवक ने की अपील

इस शख्स ने अपने एक रिश्तेदार की रिटायरमेंट के बाद मिले सारे पैसे भी गेम में लगा दिये. सारी रकम जिन बैंक खातों में जमा थी, सभी का संचालन वही करता था. यह भी बताया कि एफडी तोड़कर भी उसने गेमिंग ऐप में रुपए लगा दिये. पैसे कमाने की लालच में पड़कर उसने रिश्तेदार के जीवन भर की कमाई गंवा दी. पैसे की रिकवरी के प्रलोभन में फंसकर वह बारी-बारी से पैसे लगाता गया. मामले में उसने पुलिस से राहत दिलाते हुए ठगी की गयी रकम वापस कराने का आग्रह किया है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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