ePaper

Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि से पहले बाबा बैद्यनाथ और मां पार्वती मंदिर के शिखर से उतारे गये पंचशूल

Updated at : 24 Feb 2025 7:34 PM (IST)
विज्ञापन
Mahashivratri 2025 deoghar panchshul jharkhand

इस तरह मंदिरों के शिखर से उतारे गये पंचशूल. फोटो : प्रभात खबर

Mahashivratri 2025: देवघर के प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि से पहले बाबा भोलेनाथ और माता पार्वती मंदिर के शिखर से पंचशूलों को आज उतारा गया. बाबा और मां के मंदिरों से उतारे गये पंचशूलों का मिलन कराया गया. और क्या-क्या परंपराएं हुईं, जानने के लिए पढ़ें.

विज्ञापन

Mahashivratri 2025| देवघर, संजीव कुमार मिश्र : फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष एकादशी को बाबा बैद्यनाथ एवं माता पार्वती के शिखर पर स्थापित पंचशूल को डीसी के विशाल सागर की मौजूदगी में उतारा गया. इस दौरान पंचशूल को स्पर्श करने के लिए भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा. इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम मंदिर प्रांगण में किये गये थे. आज यानी मंगलवार (24 फरवरी 2025) को बाबा बैद्यनाथ एवं मां पार्वती के मंदिरों के शिखर से खोले गये पंचशूलों की पूजा करके इन्हें फिर से मंदिरों के शिखर पर लगाया जायेगा. उसके बाद गठबंधन की परंपरा का निर्वहण शुरू होगा.

बाबा एवं माता पार्वती मंदिर से खुले पंचशूल कर कराया गया मिलन

बाबा बैद्यनाथ एवं माता मंदिर में लगे पंचशूल को खोलने की प्रक्रिया राजू भंडारी की अगुवाई में दोपहर 2 बजे से शुरू हुई. इस दौरान सबसे पहले दोनों मंदिरों के बीच में लगे गठबंधन को खोला गया. करीब पौने 3 बजे तक दोनों मंदिरों से खोले गये गठबंधन को सुरक्षित तौर पर मंदिर प्रशासनिक भवन में रखा गया. उसके बाद दोनों मंदिरों के शिखर पर एक साथ भंडारी के द्वारा पंचशूल को खोलने कीर प्रकिया शुरू की गयी. सवा तीन बजे के करीब दोनों मंदिरों से पंचशूल को उतारकर मंदिर की छत पर लाया गया. यहां पर सरदार पंडा के भाई बाबा झा ने पंचशूल को पकड़कर नीचे उतारा. पंचशूल को नीचे उतारने के बाद माता के मंदिर से लाये गये पंचशूल से उसका मिलन कराया गया.

  • दोपहर 2 बजे से शुरू हुई पंचशूल को उतारने की प्रकिया
  • डीसी सहित अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में सवा 3 बजे खोले गये पंचशूल
  • बाबा भोलेनाथ एवं माता पार्वती मंदिर से खुले पंचशूल कर कराया गया मिलन
  • बाबा भोलेनाथ और पार्वती मंदिर से उतरे पंचशूल के स्पर्श के लिए उमड़ी भीड़
  • परिसर से प्रशासनिक भवन तक कड़ी सुरक्षा के बीच लाये गये दोनों पंचशूल
कड़ी सुरक्षा के बीच पंचशूलों को प्रशासनिक भवन ले जाया गया. फोटो : प्रभात खबर

पंचशूलों का मिलन देखने के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

इस क्षण को देखने और पंचशूल को स्पर्श करने के लिए बाबा मंदिर में भारी संख्या लोग जुट गये. पंचशूल को किसी तरह का नुकसान न हो, इसके लिए पुलिस ने पहले से ही तैयारी कर रखी थी. सुरक्षा घेरे में पंचशूल को प्रशासनिक भवन पहुंचाया गया. यहां पर डीसी सह मंदिर प्रशासक विशाल सागर और मंदिर प्रभारी समेत अन्य लोगों ने पंचशूल को सिर से लगाया और बाबा भोलेनाथ और मां पार्वती को नमन किया.

देवघर के उपायुक्त ने पंचशूलों को इस तरह किया नमन. मंदिरों की छत पर और मंदिर प्रांगण में पंचशूलों के दर्शन और स्पर्श के लिए लगी भीड़. फोटो : प्रभात खबर

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

सरदार पंडा के आवास ले जाये गये पंचशूल

अब तक की परंपरा के अनुसार, सरदार पंडा श्रीश्री गुलाब नंद ओझा के आवास पर पंचशूल को ले जाया गया. यहां पर मंदिर महंत ने पंचशूल को स्पर्श कर नमन किया. इस दौरान डीसी ने कहा कि महाशिवरात्रि को लेकर बाबा मंदिर, शिवगंगा, मंदिर के आसपास के क्षेत्रों के अलावा शिव बारात रूटलाइन में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं. देवघर शहर के साथ मंदिर की साफ-सफाई, साज-सज्जा और सजावट का काम भी विशेष रूप से किया जायेगा.

थम गयी गठबंधन चढ़ाने की परंपरा

बाबा बैद्यनाथ एवं माता पार्वती के मंदिर से प्रेम के प्रतीक के तौर पर बंधे गंठबंधन को खोले जाने के साथ ही आम लोगों के लिए गंठबंधन चढ़ाने की परंपरा आज से बंद हो गयी. अब इस परंपरा की शुरुआत मंगलवार से होगी. पंचशूल की पूजा संपन्न होने के बाद सभी मंदिरों में पंचशूल स्थापित होने के बाद मंदिर महंत सरदार पंडा श्रीश्री गुलाब नंद ओझा पहला गठबंधन चढ़ाकर इस परंपरा की शुरुआत करेंगे.

मंदिर के शिखर से पंचशूल उतारे जाने के समय उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़. फोटो : प्रभात खबर

ये लोग भी रहे मौजूद

इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार, नजारत उपसमाहर्ता शैलेश कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी राहुल कुमार भारती, गोपनीय प्रभारी मुकेश कुमार, जिला खेल पदाधिकारी संतोष कुमार, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी, मंदिर प्रबंधक रमेश परिहस्त के अलावा संबंधित अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, तीर्थ पुरोहित के साथ काफी संख्या में स्थानीय लोग और श्रद्धालु मौजूद रहे.

इसे भी पढ़ें

रांची और बोकारो में इतना गिर गया तापमान, जानें झारखंड का कितना है अधिकतम पारा

Ration Card News: झारखंड में कौन लोग बनवा सकेंगे कार्ड, जानें पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया

24 फरवरी को आपको कितने में मिलेगा 14.2 किलो का गैस सिलेंडर, यहां जानें

झरिया बाजार समिति की दुकानों पर दबंगों का कब्जा, 100 दुकान और गोदाम, 7 से ही आता है किराया

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola