ममता बनर्जी ने भाजपा सांसद अनंत महाराज को दिया था ‘बंग विभूषण’ सम्मान, शुभेंदु सरकार ने लिया वापस, लटकी गिरफ्तारी की तलवार

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भाजपा सांसद अनंत महाराज.

पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के लिए भाजपा सांसद अनंत महाराज से 'बंग विभूषण' सम्मान वापस ले लिया गया है. बंगाल चुनाव 2026 से ठीक पहले ममता बनर्जी की सरकार ने उन्हें इस सम्मान से नवाजा था.

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पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने वाले राज्यसभा सांसद से ‘बंग विभूषण’ सम्मान वापस ले लिया है. संसद के उच्च सदन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रतिनिधि अनंत महाराज को बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सरकार ने उन्हें बंग विभूषण सम्मान से नवाजा था. पुरस्कार वापसी के साथ ही अनंत महाराज पर गिरफ्तारी की भी तलवार लटकने लगी है. उधर, अनंत महाराज ने कहा है कि उन्हें ऐसा कोई दस्तावेज नहीं मिला, जिससे पता चलता हो कि नेताजी ने देश को आजाद कराया था. अगर कोई गलती की होती, तो मैं माफी मांग लेता.

पश्चिम बंगाल की धरती पर मैं नेताजी का अपमान नहीं होने दूंगा. पुलिस को गिरफ्तारियां करने के लिए भी कहा गया है. पुलिस ऐसे मामलों में स्वतंत्र रूप से काम करेगी और राज्य सरकार जांच या क्या कार्रवाई की जाये, यह तय करने में कोई दखल नहीं देगी. -शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल

‘नेताजी पर अपमानजनक टिप्पणी करने वालों को गिरफ्तार करेगी पुलिस’

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस फैसले से एक दिन पहले बुधवार को पुलिस को निर्देश दिया था कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वालों को गिरफ्तार करें. सीएम ने कहा कि सांसदों, विधायकों तथा सरकारी अधिकारियों के लिए कानून समान है.

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अनंत महाराज बोले- मैंने कुछ गलत नहीं कहा

बृहस्पतिवार को अनंत महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जो भी कहा है, सही कहा है. उन्होंने कहा कि सीएम ने ठीक कहा है कि कानून सबके लिए बराबर है. लेकिन, मैंने अपनी तरफ से कुछ नहीं कहा है. जो मैंने पढ़ा है, जो रिकॉर्ड में है, वही कहा. सरकार इसे बदलने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि मैंने जो कुछ भी कहा, वह ‘इंडियन इंडिपेंडेंस मूवमेंट इन ईस्ट एशिया’ में शरत चंद्र बसु ने लिखा है. मैंने सिर्फ कोट किया है. जिन्होंने लिखा है, उनके खिलाफ कार्रवाई हो. मैंने नेताजी को गुंडा तो नहीं कहा. सिर्फ इतना कहा है कि उन्होंने देश को आजादी दिलायी, इसका कोई प्रमाण मुझे नहीं मिला. मेरे खिलाफ कार्रवाई करने वालों को यह साबित करना होगा कि मैंने गलत कहा.

अनंत महाराज ने नेताजी को बताया था ‘युद्ध अपराधी’

मुख्यमंत्री का यह निर्देश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद नगेंद्रनाथ राय उर्फ अनंत महाराज की टिप्पणी के कुछ दिन बाद आया. राय ने नेताजी को ‘युद्ध अपराधी’ बताया था. साथ ही भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनके नेतृत्व तथा आजाद हिंद फौज की भूमिका पर सवाल उठाये थे. अनंत महाराज उत्तर बंगाल के कूचबिहार से आते हैं.

शुभेंदु ने कहा था- नेताजी का अपमान करन वाले होंगे गिरफ्तार

मुख्यमंत्री ने बुधवार को कहा था कि उत्तर बंगाल के कई निर्वाचित प्रतिनिधियों और मंत्रियों ने उनसे नेताजी से जुड़े पोस्ट और ‘मीम्स’ के बारे में शिकायतें की थीं. उन्होंने कहा था कि जिन्होंने नेताजी के बारे में गलत जानकारी फैलायी है और मीम्स बनाये हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. उन्हें गिरफ्तार किया जायेगा.

अनंत महाराज के करीबी किरण कुमार दास गिरफ्तार

अनंत महाराज की अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन उनके एक करीबी किरण कुमार दास को गिरफ्तार किया जा चुका है. किरण कुमार उत्तर दिनाजपुर के चाकुलिया का रहने वाला है. कथित तौर पर वह पिछले कई दिनों से नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बारे में अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहा था.

नेताजी का अपमान बर्दाश्त नहीं : शमिक भट्टाचार्य

पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य से जब अनंत महाराज की टिप्पणी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस सिर्फ नेता नहीं थे. वह नेताओं के नेता थे. राष्ट्रभक्त नेता थे. अगर उनके बारे में कोई गलत बात करेगा और लोगों की भावनाओं को आहत करेगा, तो उसके बारे में पार्टी कोई न कोई फैसला जरूर करेगी.


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मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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