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बसंत पंचमी के रंग में रंगा देवघर, सवा लाख तिलकहरु बाबा बैद्यनाथ का करेंगे तिलकोत्सव

Updated at : 03 Feb 2025 4:00 AM (IST)
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Basant Panchami in Deoghar

बसंत पंचमी की पूर्व संध्या पर बाबा मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़. फोटो : प्रभात खबर

Basant Panchami in Deoghar: बाबानगरी देवघर बसंत पंचमी के रंग में रंग गयी है. मिथिलांचल से सवा लाख तिलकहरुए बाबा बैद्यनाथ का तिलकोत्सव करने पहुंच गए हैं.

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Basant Panchami in Deoghar: बाबानगरी देवघर पर बसंत पंचमी का रंग पूरी तरह से चढ़ गया है. सोमवार को बसंत पंचमी के दिन बाबा बैद्यनाथ का तिलकोत्सव होगा. बाबा को तिलक चढ़ाने के लिए मिथिला से तिलकहरुए बड़े-बड़े कांवर लेकर बाबाधाम पहुंच चुके हैं. मिथिलावासियों से बाबा मंदिर सहित पूरा शहर पट गया है. हर तरफ बाबा को तिलक चढ़ाने आए तिलकहरुओं का हुजूम लग गया है.

हर हो भोला और बम बम महादेव से गुंजायमान हुआ बाबा मंदिर

रविवार अहले सुबह से ही पूरा मंदिर परिसर ‘हर हो भोला’ और ‘बम बम महादेव, हर हर महादेव’ से गुंजयमान होता रहा. इन तिलकहरुओं का सोमवार दोपहर तक आना जारी रहेगा. रविवार को भीड़ के कारण जलार्पण करने वाले भक्तों की आम कतार मानसरोवर ओवरब्रिज तक पहुंच गयी थी.

बाबाधाम में बाबा के भक्तों ने जमकर खेली होली. फोटो : प्रभात खबर

शीघ्रदर्शन पास से मंदिर को हुई 18.81 लाख रुपए की कमाई

शीघ्रदर्शनम पास से भी भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने जलार्पण किया. मंदिर का पट बंद होने तक 6,273 कूपन जारी हुए और 300 रुपए की दर से मंदिर को कुल 18,81,900 रुपए की आमदनी हुई. पट बंद होने तक करीब सवा लाख भक्तों ने बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण किया.

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जगह-जगह रही जाम की स्थिति

रविवार सुबह में तिलकहरुए बांस के पारंपरिक कांवर से गंगा जल निकालकर कांवर को फुट ओवरब्रिज गली की सड़क से लेकर पंडित शिवराम झा चौक एवं बीएन झा रोड पर ही रखकर जलार्पण के लिए निकल गये. इस कारण सड़क जाम हो गया. बाबा मंदिर परिसर की स्थिति इस बार ठीक-ठाक रही. कांवरियों को यहां भारी कांवर लेकर प्रवेश पर रोक लगा दिया था.

बाबाधाम में बसंत पंचमी के लिए सजा बाजार. फोटो : प्रभात खबर
  • रात सवा नौ बजे के करीब बंद हुआ बाबा बैद्यनाथ का पट
  • सवा लाख कांवरियों ने किया जलार्पण, जारी हुए 6000 कूपन
  • आम से खास तक लगे कतार में, जमकर हुआ धार्मिक संस्कार

तिलकहरुओं के बड़े-बड़े कांवरों की संख्या दिखी कम

इस बार मंदिर परिसर में तिलकहरुओं के बड़े-बड़े कांवर की संख्या कम रही. जगह-जगह कुछ कांवर रखने के कारण अन्य भक्तों को एक मंदिर से दूसरे मंदिर में जाने में थेड़ी परेशानी हुई. मान्यता है कि कांवर को लांघकर नहीं जाना चाहिए. वहीं, मंदिर परिसर में स्थानीय आम श्रद्धालुओं सहित सफाईकर्मियों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा.

आम से खास तक रहे कतार में

सुबह से लेकर देर शाम तक आम से लेकर खास लोग तक कतार में लगे रहे. पट खुलने से पहले कांवरियों की कतार जलसार पार्क तक दिखी. खास यानी कूपन वाली कतार सभी होल्डिंग प्वाइंट भरने के बाद नाथबाड़ी के द्वार तक पहुंच गयी थी. इस कारण करीब 4 घंटे तक कूपन व्यवस्था को रोककर भीड़ प्रबंधन के लिए काठ गेट का लगातार उपयोग किया गया.

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जमकर हुआ धार्मिक संस्कार

शुभ तिथि होने के कारण बाबा मंदिर आये भक्तों ने जमकर अलग-अलग धार्मिक अनुष्ठान एवं संस्कार कराये. इसमें सबसे अधिक भीड़ बच्चे का मुंडन एवं उपनय कराने वालों को देखा गया. मंदिर परिसर स्थित सभी मंदिरों के बरामदे पर सुबह से लेकर शाम तक अलग-अलग संस्कार कराते भक्तों को देखा गया.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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