तृणमूल कांग्रेस में बगावत, टूट के कगार पर पार्टी, 50 विधायक आज लेंगे बड़ा फैसला

Published by : Ashish Jha Updated At : 02 Jun 2026 7:40 AM

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ममता और अभिषेक

Mamata Banerjee: विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद ही तृणमूल का संकट गहराता जा रहा है. तृणमूल कांग्रेस ने सामवार को ऋतब्रता और संदीपान साहा को पार्टी से निष्कासित कर दिया. इसके बाद पार्टी में टूट का खतरा बढ़ गया है. मंगलवार को 50 विधायक दोबारा स्पीकर को अपने नाम सौंप रहे हैं. ऋतब्रता बनर्जी इस गुट का चेहरा हो सकती हैं.

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Mamata Banerjee : कोलकाता: बंगाल में हालात बदल चुके हैं. ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस पर पकड़ कमजोर हुई है. पार्टी को एकजुट रखना मुश्किल हो गया है. इतने सारे विधायक होने के बावजूद, कभी बोर्ड टूटता है, तो कभी पार्षद इस्तीफा देते हैं. ऐसी घटनाओं से तृणमूल कांग्रेस के भीतर बेचैनी बढ़ती जा रही थी. अब दरार एक बार फिर गहरी हो गई है. हस्ताक्षर जालसाजी के आरोपों में सीआईडी ​​एक-एक करके विधायकों के घरों की छापेमारी कर रही है. अभिषेक बनर्जी भी इससे अछूते नहीं रहे. इस बीच तृणमूल कांग्रेस के 50 विधायक, तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ बगावत पर उतर बाये हैं. ये 50 विधायक ममता बनर्जी के नाम पर नारे लगा रहे हैं और अभिषेक बनर्जी के खिलाफ अपना विद्रोह जता रहे हैं.

स्पीकर को सूची सौंपने की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक, इन 50 विधायकों की सूची मंगलवार को स्पीकर को सौंपी जाएगी. उन्होंने खुद को ‘असली तृणमूल’ बताया है. तब से यह सवाल उठ रहा है कि क्या तृणमूल कांग्रेस में बड़ा विभाजन होने वाला है. तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी कल एक बैठक बुलायी थी जिसमें केवल 20 विधायक आये. ममता एक बार फिर कल धरने पर बैठने वाली हैं. चुनाव के बाद हुई हिंसा पर अपनी राय व्यक्त करने के लिए तृणमूल नेता एक बार फिर जमीनी स्तर पर उतर आई हैं. सूत्रों के मुताबिक, जब वह सड़कों पर नए सिरे से विरोध प्रदर्शन का आह्वान कर रही हैं, तब 50 विधायकों द्वारा हस्ताक्षरित एक प्रस्ताव स्पीकर को सौंपा जाएगा.

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पार्टी से निकाले जा रहे गद्दार

तृणमूल के 50 विधायक दोबारा स्पीकर को अपने नाम सौंप रहे हैं. सूत्रों ने यह भी बताया कि ऋतब्रता बनर्जी इस गुट का चेहरा हो सकती हैं. मदन मित्रा, फिरहाद हकीम और कुणाल घोष इन विधायकों में शामिल नहीं हैं. सोमवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हस्ताक्षर जालसाजी के आरोप वास्तव में संदीपान साहा और ऋतब्रता बनर्जी ने लगाए थे. मुख्यमंत्री के भाषण के बीस मिनट के भीतर ही तृणमूल ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में दोनों विधायकों को निष्कासित कर दिया. कुणाल घोष पहले ही इन दोनों को ‘गद्दार’ कह चुके हैं. इस बार, इस बदले हुए हालात में उनके नाम सामने आए हैं.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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