हेमंत सोरेन ने पश्चिमी सिंहभूम को दी 412 करोड़ की 246 योजनाओं की सौगात, बोले- हमें आदिवासी होने पर गर्व

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कल्पना सोरेन के साथ पहुंचे थे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन. फोटो : प्रभात खबर

Hemant Soren Gift: सेरंगसिया के महानायकों को याद करने पश्चिमी सिंहभूम पहुंचे झारखंड के मुख्यमंत्री ने जिले को 412 करोड़ रुपए से अधिक की योजनाओं की सौगात दी. उन्होंने 178 योजनाओं का शिलान्यास और 68 योजनाओं का उद्घाटन किया.

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Hemant Soren Gift: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार (2 जनवरी 2025) को पश्चिमी सिंहभूम को 412 करोड़ रुपए से अधिक की 246 योजनाओं की सौगात दी. वह ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ 1837 में हुए विद्रोह के महानायकों की याद में टोंटो प्रखंड के सेरेंगसिया में आयोजित शहीद दिवस समारोह में शामिल हुए. अमर वीर शहीदों को नमन किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी. उन्होंने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के 54,946 लाभार्थियों के बीच 362 करोड़ 80 लाख 99 हजार रुपए की परिसंपत्तियों का वितरण किया. 135 लोगों को नियुक्ति पत्र भी दिये.

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सेरेंगसिया में शहीदों को श्रद्धांजलि देते मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन. फोटो : प्रभात खबर

178 योजनाओं का शिलान्यास, 68 योजनाओं का किया उद्घाटन

मुख्यमंत्री ने 315 करोड़ 27 लाख 70 हजार 359 रुपए की 178 योजनाओं का शिलान्यास एवं 96 करोड़ 97 लाख 26 हजार 600 रुपए की 68 महत्वाकांक्षी योजनाओं का उद्घाटन किया. इसके साथ विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के 54,946 लाभार्थियों के बीच परिसंपत्तियां बांटी. इसमें जेएसएलपीएस के तहत 6,999 दीदियों को 87.78 करोड़ रुपए की कैश क्रेडिट लिमिट और 6,963 दीदियों को 85.86 करोड़ रुपए का बैंक लिंकेज दिया गया.

1837 के विद्रोह के नायकों को श्रद्धा सुमन अर्पित करने पहुंचे हेमंत सोरेन का वीडियो.

पूर्वजों की वजह से आदिवासियों को मिली अलग पहचान – हेमंत

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस अवसर पर कहा कि आदिवासी समुदाय के पूर्वजों की तपस्या, त्याग और बलिदान का परिणाम है कि आदिवासियों को आज एक अलग पहचान मिल रही है. उन्होंने कहा, ‘हम उन शहीदों को नमन करते हैं, जिनकी बदौलत देश के विभिन्न मंचों पर अपनी आवाज बुलंद करने की हम सभी को ताकत मिली है. हमें आदिवासी होने पर फक्र है. हमें अपने शहीदों और आंदोलनकारियों पर गर्व है.’

आजादी की लड़ाई से पहले आदिवासियों ने किया संघर्ष

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश की आजादी की लड़ाई शुरू भी नहीं हुई थी, तब भी ताकतवर अंग्रेजी फौज से आदिवासियों ने संघर्ष किया. अपना लोहा मनवाया. देश के स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासियों के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता. उन्होंने कहा कि आज भी सामंती ताकतों के खिलाफ आदिवासियों का संघर्ष जारी है. उन्होंने आदिवासियों से अपील की कि वे अपने बच्चों को पढ़ा-लिखाकर उनका भविष्य संवारें. आदिवासियों को आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक रूप से मजबूत होने की जरूरत है.

हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना मुर्मू सोरेन ने भी सेरेंगसिया में शहीदों को दी श्रद्धांजलि. फोटो : प्रभात खबर

नए वर्ष की पहली तारीख से ही शहादत दिवस की हो जाती है शुरुआत

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड वीरों और शहीदों की धरती है. इस राज्य में इतने बलिदान दिये हैं कि यहां सालों भर शहादत दिवस मनाने की परंपरा है. नववर्ष की पहली तारीख को खरसावां गोलीकांड के शहीदों को नमन करने के साथ इसकी शुरुआत हो जाती है. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हमारी सरकार शहीदों और उनके आश्रितों को सम्मान के साथ हक- अधिकार दे रही है.’

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आधी आबादी को दे रहे सम्मान, बना रहे सशक्त – हेमंत सोरेन

हेमंत सोरेन ने कहा कि वर्ष 2019 में उनकी सरकार बनी. सरकार को पूरे कार्यकाल के दौरान कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा. वर्ष 2024 में एक बार फिर मजबूत सरकार बनी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का महिलाओं के विकास के लिए लगभग 25- 26 हज़ार करोड़ रुपए का बजट है. वहीं, हमारी सरकार आधी आबादी को सशक्त और मजबूत बनाने के लिए हर महीने 15 अरब रुपए का प्रावधान किया है. झारखंड देश का पहला राज्य है, जो बहन -बेटियों को हर महीने 25-25 सौ रुपए सम्मान राशि के रूप में दे रही है.

परियोजनाओं का शिलान्यास-उद्घाटन एवं परिसंपत्ति वितरण कार्यक्रम का उद्घाटन करते झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन. फोटो : प्रभात खबर

पैसे कहां खर्च करने हैं, सरकार रास्ता दिखाएगी – मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने महिलाओं को आगाह किया कि वे लालच देने वालों से बचें. उन्होंने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि वे अपने पैसे कहां और कैसे खर्च करेंगी, अब सरकार उनको रास्ता बतायेगी. सीएम ने जिला प्रशासन से कहा कि महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए कार्ययोजना बनाये और गांव और पंचायत स्तर पर कार्यशाला आयोजित कर उन्हें स्वावलंबी बनाने में मदद करें.

अलग राज्य के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा – हेमंत सोरेन

मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग झारखंड राज्य के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा. दिशोम गुरु शिबू सोरेन के नेतृत्व में आदिवासियों ने लगभग 40-50 वर्षों तक संघर्ष किया. तब जाकर झारखंड राज्य मिला. 18-20 वर्षों तक जिन लोगों ने झारखंड में शासन किया, उन्होंने राज्य के विकास तथा आदिवासियों की चिंता नहीं की. उन्होंने कहा, ‘हमने लड़कर झारखंड लिया. उसी तरह लड़कर हक और अधिकार भी लेंगे.’

कल्पना मुर्मू सोरेन, जोबा मांझी और रामदास सोरेन ने भी किया परिसंपत्तियों का वितरण. महिला को दिया अबुआ आवास योजना का लाभ. फोटो : प्रभात खबर

कार्यक्रम में ये लोग भी हुए शामिल

इस अवसर पर झारखंड सरकार के मंत्री दीपक बिरुवा, रामदास सोरेन, सांसद जोबा मांझी, विधायक कल्पना सोरेन, विधायक निरल पूर्ति, विधायक सोनाराम सिंकु, विधायक जगत मांझी, जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरीन, प्रमंडलीय आयुक्त हरि प्रसाद केशरी और जिले के उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक प्रमुख रूप से मौजूद थे.

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