JEE Advanced 2026: पिछले साल की निराशा को पछाड़ा, रांची के प्रभु शुक्ला ने हासिल की 4901 रैंक

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JEE Advanced 2026

प्रभु शुक्ला की फाइल फोटो

JEE Advanced 2026: रांची के प्रभु शुक्ला ने जेईई एडवांस 2026 में ऑल इंडिया 4901वीं रैंक हासिल की है. साल 2025 में एडवांस का कटऑफ पार न कर पाने के बाद डीपीएस रांची के इस पूर्व छात्र ने हार नहीं मानी और अपनी गलतियों से सीखकर दोबारा तैयारी की और यह बड़ी सफलता अर्जित की.

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रांची से राजेश झा की रिपोर्ट

रांची : कहते हैं कि असफलता ही सफलता की पहली सीढ़ी होती है और इस कहावत को रांची के रहने वाले प्रभु शुक्ला ने पूरी तरह सच साबित कर दिखाया है. आईआईटी प्रवेश परीक्षा ‘जेईई एडवांस 2026’ (JEE Advanced 2026) के जारी परिणामों में प्रभु ने ऑल इंडिया 4901वीं रैंक (AIR 4901) हासिल कर राजधानी का मान बढ़ाया है. पिछले साल मिली निराशा को उन्होंने अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया, बल्कि उससे सीख लेकर दोबारा तैयारी की और यह शानदार मुकाम हासिल किया.

10वीं-12वीं के टॉपर, 2025 में ‘एडवांस’ ने दिया था झटका

प्रभु शुक्ला का शैक्षणिक रिकॉर्ड शुरू से ही बेहतरीन रहा है. उन्होंने साल 2023 में डीपीएस रांची (DPS Ranchi) से 98.2 प्रतिशत अंकों के साथ 10वीं की परीक्षा पास की थी. इसके बाद साल 2025 में उन्होंने 12वीं (इंटरमीडिएट) की परीक्षा में भी 94.4 प्रतिशत अंक हासिल किए. उसी वर्ष (2025) उन्होंने जेईई मेंस (JEE Mains) में तो सफलता पा ली थी, लेकिन जेईई एडवांस (JEE Advanced) की परीक्षा में कटऑफ पार नहीं कर सके. यह उनके लिए बेहद निराशाजनक पल था, लेकिन उन्होंने हिम्मत हारने के बजाय एक साल ‘ड्रॉप’ लेकर अगले प्रयास में खुद को साबित करने का दृढ़ संकल्प लिया.

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माता-पिता बने ताकत, गलतियों को सुधारने पर दिया जोर

प्रभु अपनी इस बड़ी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता को देते हैं. उनके पिता श्यामा चरण शुक्ला एक व्यवसायी हैं और माता साधना शुक्ला ने हर मुश्किल घड़ी में उनका मनोबल ऊंचा रखा.

सफलता का मूलमंत्र

प्रभु ने बताया कि उनके माता-पिता ने उन्हें सलाह दी थी कि वे परीक्षा के डर से घबराने के बजाय ज्यादा से ज्यादा मॉक टेस्ट और पुराने प्रश्नपत्र (Question Papers) हल करें. प्रभु नियमित रूप से टेस्ट देते थे और जो भी गलतियां होती थीं, उन कमजोरियों को चिह्नित कर उन्हें सुधारने पर काम करते थे.

तनाव दूर करने के लिए देखते थे कॉमेडी वीडियो और फिल्म

आजकल जहां छात्र पढ़ाई के दबाव में चौबीसों घंटे डूबे रहते हैं, वहीं प्रभु का फंडा थोड़ा अलग और स्मार्ट था. पढ़ाई के कड़े तनाव (Stress) को कम करने के लिए वह रोजाना 15 से 20 मिनट कॉमेडी वीडियो देखा करते थे. इतना ही नहीं, अपनी परीक्षा से ठीक एक दिन पहले भी उन्होंने खुद को पूरी तरह रिलैक्स रखने के लिए ‘नीड फॉर स्पीड’ (Need for Speed) फिल्म देखी, ताकि परीक्षा हॉल में उनका दिमाग शांत और एकाग्र रह सके.

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समीर उरांव

लेखक के बारे में

By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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