NCPI का भाजपा में विलय करेंगे तृणमूल के बागी 20 सांसद? जानें शमिक भट्टाचार्य ने क्या कहा

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भाजपा और एनसीपीआई के चुनाव चिह्न.

भाजपा और एनसीपीआई के चुनाव चिह्न.

तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों के नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) से भारतीय जनता पार्टी (BJP) में सीधे विलय की अटकलें तेज हैं. कानूनी जटिलताओं से बचने के लिए इस रणनीति पर विचार किया जा रहा है. पश्चिम बंगाल BJP अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने इस पर प्रतिक्रिया दी है.

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NCPI BJP Merger: तृणमूल कांग्रेस (TMC) का नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय करने की घोषणा करने वाले टीएमसी के 20 बागी सांसद अपनी पार्टी का भारतीय जनता पार्टी में विलय करेंगे? संसद के मानसून सत्र के दौरान यह चर्चा तेज है कि बागी सांसदों को एनडीए (NDA) के घटक दल के रूप में शामिल करने में आ रही तकनीकी और कानूनी जटिलताओं से बचने के लिए उन्हें सीधे भाजपा में शामिल कराने की रणनीति पर विचार चल रहा है. बागियों का नेतृत्व सांसद सुदीप बनर्जी और काकोली घोष दस्तीदार कर रहीं हैं.

कानूनी अड़चनों और सर्वदलीय बैठक से उपजा विवाद

एनसीपीआई (NCPI) के 20 सांसदों के भविष्य को लेकर उठ रहे सवालों के कई कारण हैं. आइए, उन कारणों के बारे में विस्तार से जानते हैं.

  • टीएमसी की लोकसभा अध्यक्ष से शिकायत : तृणमूल कांग्रेस ने बागी सांसदों की सदस्यता की वैधता को चुनौती देते हुए लोकसभा अध्यक्ष को एक पत्र सौंपा है. टीएमसी का तर्क है कि एनसीपीआई को अभी तक आधिकारिक रूप से स्वतंत्र दल की मान्यता नहीं मिली है.
  • सर्वदलीय बैठक में आमंत्रण पर हंगामा : मानसून सत्र से पहले बुलायी गयी सर्वदलीय बैठक में एनसीपीआई के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था. इसको लेकर टीएमसी समेत अन्य विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया और विरोध स्वरूप वॉकआउट किया था.
  • सीधे भाजपा में विलय का विकल्प : कानूनी दांव-पेच और सांसदों की सदस्यता पर मंडराते खतरे से बचने के लिए अब एनसीपीआई के सभी 20 सांसदों को सीधे भाजपा का सदस्य बनाने की योजना पर मंथन चल रहा है.

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क्या बोले पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य?

एनसीपीआई के भाजपा में विलय की खबरों और अटकलों पर जब पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि एनसीपीआई के फैसले पर पार्टी के शीर्ष नेता ही आधिकारिक रूप से कुछ कह सकते हैं. मैं केवल भारतीय जनता पार्टी के विषय में बात कर सकता हूं, क्योंकि मैं एनडीए का केंद्रीय नेता नहीं हूं. जहां तक बंगाल का सवाल है, हमने अपने दम पर चुनाव लड़ा है और जीत हासिल की है. हमारा ध्यान पार्टी को मजबूत करने पर केंद्रित है.

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20 सांसदों के शामिल होने से बढ़ेगी भाजपा की ताकत

एनसीपीआई के 20 सांसद आधिकारिक रूप से यदि भाजपा में शामिल होते हैं, तो यह न केवल लोकसभा में भाजपा का संख्या बल बञॉायेगा, बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ भाजपा की स्थिति मजबूत होगी.

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मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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