बंगाल के बर्नपुर में चला बुलडोजर, 63 वर्ष पुराने ख्याली क्लब को किया जा रहा ध्वस्त

Author Ashish Jha
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बुलडोजर एक्शन

Bulldozers: ख्याली क्लब के सदस्यों में रोष देखा जा रहा है. सदस्य लोग सेल आईएसपी प्रबंधन पर पक्षपात का आरोप लगा रहे हैं. एनडीसी क्लब को सोमवार शाम तक स्वयं हटाने के लिए समय मिला था.

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Bulldozers: संतोष कुमार, बर्नपुर. सेल आईएसपी (आईएसपी बर्नपुर) के नगर सेवा विभाग की ओर से सोमवार को एक बार फिर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया. इस दौरान बर्नपुर क्षेत्र के चर्चित और लगभग 63 वर्ष पुराने ख्याली क्लब को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त करने का फैसला लिया गया है. क्लब को तोड़े जाने से सदस्यों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी गई. क्लब के सदस्यों ने अधिकारियों से अनुरोध किया कि उन्हें क्लब का ढांचा स्वयं हटाने के लिए कुछ समय दिया जाए. सदस्यों के अनुरोध पर अधिकारियों ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सोमवार शाम तक का समय दे दिया. अधिकारियों के आश्वासन के बाद टीम वहां से लौट गई.

1963 में स्थापित ख्याली क्लब

जानकारी के अनुसार, वर्ष 1963 में स्थापित ख्याली क्लब लंबे समय से सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र रहा है. क्लब की ओर से छठ पूजा, दुर्गा पूजा सहित विभिन्न धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में सेवा शिविर लगाए जाते रहे हैं. इसके अलावा जरूरतमंद लोगों की सहायता और अन्य सामाजिक कार्यों में भी क्लब की सक्रिय भूमिका रही है. सोमवार को अप्पर रोड स्थित एनडीसी क्लब पर भी नगर सेवा विभाग की टीम बुलडोजर अभियान चलाने पहुंची थी. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है तो सभी संस्थाओं और निर्माणों के खिलाफ समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि किसी प्रकार के भेदभाव की आशंका न रहे.

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सेल आईएसपी प्रबंधन की कार्रवाई पर सवाल

क्लब से जुड़े राजेश पांडे ने सेल आईएसपी प्रबंधन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि प्रबंधन चुनिंदा संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है. उन्होंने कहा कि ख्याली क्लब का किसी राजनीतिक दल या प्रभावशाली व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है, इसलिए उसे निशाना बनाया गया है. वहीं आसपास के कुछ अन्य क्लब, जिनके राजनीतिक संपर्क हैं, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. राजेश ने कहा कि ख्याली क्लब वर्षों से समाज सेवा में लगा हुआ है और ऐसे क्लब को बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के तोड़ देना दुर्भाग्यपूर्ण है. इस कार्रवाई से क्लब के सदस्यों और क्षेत्र के लोगों में गहरा आक्रोश है.

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आशीष झा

लेखक के बारे में

By आशीष झा

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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