शुभेंदु कैबिनेट में अशोक डिंडा की एंट्री, टीएमसी के हमलों और फर्जी मुकदमे झेलने वाले क्रिकेटर ने मयना में रचा इतिहास

Ashok Dinda Minister West Bengal Suvendu Adhikari Cabinet Expansion
Ashok Dinda Minister West Bengal: भारत और आरसीबी के पूर्व तेज गेंदबाज अशोक डिंडा पश्चिम बंगाल सरकार में राज्य मंत्री बन गये हैं. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के कैबिनेट विस्तार में शपथ लेने के बाद डिंडा ने टीएमसी राज में खुद पर हुए हमलों और फर्जी मुकदमों पर बड़ा खुलासा किया. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
खास बातें
Ashok Dinda Minister West Bengal: क्रिकेट की दुनिया में अपनी तेज रफ्तार गेंदों और खास हाइपर-जंप (ऊंची छलांग) बॉलिंग एक्शन से बल्लेबाजों के मन में खौफ पैदा करने वाले अशोक डिंडा बंगाल के मंत्री बन गये हैं. शुभेंदु अधिकारी के पहले कैबिनेट विस्तार में टीम इंडिया के पूर्व पेसर और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के पूर्व धाकड़ गेंदबाज डिंडा को राज्यपाल ने सोमवार को पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी.
डिंडा का भावुक कर देने वाला दर्द
लोक भवन में शपथ लेने के तुरंत बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अशोक डिंडा बेहद भावुक हो गये. उन्होंने विपक्षी विधायक के तौर पर बिताये पिछले 5 सालों के उस कड़वे सच को उजागर किया, जो अब तक सामने नहीं आया था.
ममता बनर्जी सरकार नहीं देती थी क्षेत्र में रैली की अनुमति
डिंडा ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के शासनकाल में जब वे विपक्ष की बेंच पर बैठते थे, तो उन्हें अपने ही विधानसभा क्षेत्र मयना (Moyna) में जनता के बीच जाने या कोई छोटी राजनीतिक रैली तक करने की इजाजत नहीं दी जाती थी.
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पुलिस और गुंडों का झेला तांडव
उन्होंने बताया कि तृणमूल कांग्रेस के शासन में उन पर और उनके कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमले किये जाते थे. टीएमसी के गुंडों के हमलों में वे खुद कई बार चोटिल हुए, लेकिन उन्होंने मैदान नहीं छोड़ा. डिंडा ने खुलासा किया कि उनकी आवाज को दबाने के लिए प्रशासन का इस्तेमाल कर उनके खिलाफ कई फर्जी एफआईआर (झूठे मुकदमे) दर्ज कराये गये, ताकि वे डरकर राजनीति छोड़ दें.
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2021 की तपस्या और 2026 में दोबारा धमाकेदार जीत
अशोक डिंडा को मंत्री पद मिलना केवल उनकी लोकप्रियता का इनाम नहीं, बल्कि पूर्व मेदिनीपुर में तृणमूल कांग्रेस के सिंडिकेट राज के खिलाफ उनकी जमीनी लड़ाई का नतीजा है.
क्रिकेट से संन्यास लेकर राजनीति में ली एंट्री
डिंडा ने 2 फरवरी 2021 को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लिया था और उसके ठीक बाद भाजपा में शामिल हो गये थे. पार्टी ने उन्हें पूर्वी मेदिनीपुर की मयना सीट से उतारा, जहां उन्होंने कड़े मुकाबले में टीएमसी के संग्राम कुमार दोलुई को हराकर पहली बार विधानसभा में कदम रखा था.
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2026 में भी पस्त हुए डिंडा के विरोधी
बंगाल चुनाव 2026 में टीएमसी ने डिंडा को हराने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था. लेकिन डिंडा की जमीनी पकड़ और जनता के बीच उनकी छवि इतनी मजबूत थी कि उन्होंने दोबारा बड़े अंतर से जीत दर्ज की.
Ashok Dinda Minister West Bengal: शुभेंदु अधिकारी के राइट हैंड
पूर्व मेदिनीपुर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का गृह जिला है. ऐसे में मेदिनीपुर की माटी से आने वाले डिंडा को कैबिनेट में शामिल करना शुभेंदु अधिकारी का एक बड़ा रणनीतिक फैसला है, ताकि इस गढ़ में भाजपा की पकड़ को और अधिक अभेद्य बनाया जा सके.
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खेल या युवा कल्याण? कौन सा विभाग मिलेगा?
अशोक डिंडा ने देश के लिए 13 वन-डे और 12 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके नाम 420 विकेट दर्ज हैं. वे आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और आरसीबी जैसी बड़ी टीमों का हिस्सा रहे हैं. इसलिए माना जा रहा है कि उन्हें खेल मंत्रालय मिल सकता है. हालांकि, यह विभाग पहले ही नीशीथ प्रमाणिक को मिल चुका है.
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By मिथिलेश झा
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