बंगाल में लक्ष्मीर भंडार घोटाले की होगी SIT जांच, 30 लाख फर्जी खाते खंगालेंगे अधिकारी
Published by : Mithilesh Jha Updated At : 01 Jun 2026 5:08 PM
Laxmi Bhandar Scam SIT Probe: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ‘लक्ष्मीर भंडार’ योजना में 30 लाख फर्जी खातों का दावा किया है. महिलाओं के पैसे पुरुषों के खातों में ट्रांसफर होने पर डीजीपी को एसआईटी गठन का निर्देश दिया है. कहा है कि बुधवार से ‘अन्नपूर्णा भंडार’ के तहत महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपए मिलेंगे.
खास बातें
Laxmi Bhandar Scam SIT Probe: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी नकद अंतरण योजना ‘लक्ष्मीर भंडार’ में व्यापक धांधली की जांच के लिए एसआईटी बनाने का आदेश देकर प्रदेश की राजनीति में खलबली मचा दी है. राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ममता बनर्जी सरकार की इस योजना में करीब 30 लाख खाते पूरी तरह फर्जी पाये गये हैं.
फर्जी दस्तावेजों के सहारे पुरुषों ने लिये पैसे
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि महिलाओं के लिए बनी इस वित्तीय सहायता योजना का लाभ फर्जी दस्तावेजों के सहारे पुरुषों ने उठाया. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) इस महा-घोटाले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन करने जा रहे हैं.
घोटाले के तरीके का मुख्यमंत्री ने किया खुलासा
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस घोटाले के मॉडस ऑपरेंडी (काम करने के तरीके) का खुलासा करते हुए सबको चौंका दिया. सरकारी फाइलों में हेर-फेर करके पुरुषों को महिला लाभार्थी के रूप में दर्ज किया गया और उनके खातों में हर महीने सरकारी पैसा ट्रांसफर होता रहा. मुख्यमंत्री ने बताया कि झूठे दावों और जालसाजी के जरिये योजना का लाभ उठाने के आरोप में कुछ पुरुषों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
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मनी लाउंडरिंग की जांच
मुख्यमंत्री ने कहा कि चूंकि इस पूरे खेल में करोड़ों रुपए का अवैध नकद अंतरण (Illegal Cash Transfer) शामिल है, इसलिए सरकार इस मामले में धन शोधन यानी मनी लाउंडरिंग के एंगल से भी जांच आगे बढ़ायेगी.
12 पन्नों के फॉर्म का रहस्य और महा-धमाका
भाजपा सरकार द्वारा शुरू की जा रही ‘अन्नपूर्णा भंडार योजना’ पर विपक्ष लगातार हमलावर था. मुख्यमंत्री ने इसका करारा जवाब दिया है.
- सत्यापन क्यों है जरूरी?: टीएमसी के नेता भाजपा सरकार की नयी योजना के 12 पृष्ठों के लंबे सत्यापन प्रपत्र (Verification Form) पर सवाल उठा रहे थे. शुभेंदु अधिकारी ने साफ किया कि ‘लक्ष्मीर भंडार’ जैसी 30 लाख फर्जीवाड़े की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ही इतना कड़ा स्क्रूटनी सिस्टम बनाया गया है, ताकि टैक्सपेयर्स का पैसा सही हाथों में जाये.
- 3,000 रुपए प्रति माह की सौगात : ‘लक्ष्मीर भंडार’ की जगह लेने जा रही ‘अन्नपूर्णा भंडार योजना’ के तहत महिलाओं को मिलने वाली राशि को बढ़ाकर 3,000 रुपए प्रति माह कर दिया गया है.
- बुधवार को पहली किस्त : विरोधियों को करारा जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि आगामी बुधवार को राज्य की लाखों पात्र महिला लाभार्थियों के खातों में ‘अन्नपूर्णा भंडार’ की पहली किस्त सीधे ट्रांसफर कर दी जायेगी.
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जमीनी स्तर पर खत्म करेंगे भ्रष्टाचार
शुभेंदु अधिकारी ने पूर्ववर्ती सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने वोट बैंक की राजनीति के लिए सरकारी खजाने को दोनों हाथों से लुटाया. बिचौलियों को फायदा पहुंचाया. उन्होंने कहा- हम इन अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को जमीनी स्तर पर पूरी तरह खत्म करके दम लेंगे. हर एक फर्जी खाते की जांच होगी और जिस भी अधिकारी या नेता ने इस पर दस्तखत किये हैं, वह जेल जायेगा.
Laxmi Bhandar Scam SIT Probe: टीएमसी खेमे में भारी बेचैनी
इस घोषणा के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर हड़कंप मचा हुआ है. ‘लक्ष्मीर भंडार’ ममता बनर्जी का सबसे सफल चुनावी कार्ड माना जाता था, जिसने कई चुनावों में टीएमसी की नैया पार लगायी थी. अब उसी योजना में 30 लाख फर्जी खातों और पुरुषों द्वारा लाभ लिये जाने के खुलासे ने टीएमसी के ‘महिला सशक्तीकरण’ के दावों को बैकफुट पर ला दिया है. एसआईटी की जांच शुरू होते ही कई स्थानीय प्रमोटरों और प्रशासनिक अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है.
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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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