खास बातें
Annapurna Bhandar Yojana: पश्चिम बंगाल की राजनीति में योजनाओं के नाम बदलने और नये सिरे से डेटा संग्रह के मुद्दे पर सियासी पारा चढ़ गया है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार की ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना का कायाकल्प करते हुए इसे ‘अन्नपूर्णा भंडार योजना’ के रूप में पेश किया है.
11 पेज का फैमिली लेवल डेटा कलेक्शन फॉर्म
यह सिर्फ नाम बदलना भर नहीं है. सरकार ने इस योजना के लिए 11 पन्नों का एक विस्तृत ‘फैमिली लेवल डेटा कलेक्शन फॉर्म’ जारी किया है, जो लाभार्थियों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति का ‘एक्स-रे’ कर देगा. इस फॉर्म में मांगी गयी जानकारियां इतनी विस्तृत हैं कि अब केवल नाममात्र के आवेदन से काम नहीं चलेगा.
महा-फॉर्म में क्या-क्या पूछा जा रहा?
अन्नपूर्णा भंडार योजना के आवेदन पत्र में परिवार के हर सदस्य की विस्तृत जानकारी मांगी गयी है. इसे 6 मुख्य वर्गों में बांटा गया है. इसमें पारिवारिक पहचान, आवास और जमीन का ब्योरा, आर्थिक स्थिति और संपत्ति के साथ-साथ आय के स्रोत शामिल हैं.
- पारिवारिक पहचान (Family Identity): राशन कार्ड नंबर, मतदाता पहचान पत्र (Voter ID) और परिवार के मुखिया की जानकारी देनी होगी.
- आवास और जमीन का ब्योरा : आपके पास अपना घर है या नहीं? घर कच्चा है या पक्का? आपके नाम पर कितनी खेती की जमीन है? इन सबका विवरण देना होगा.
- आर्थिक स्थिति और संपत्ति : फॉर्म में पूछा जा रहा है कि क्या परिवार के पास चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर या मछली पकड़ने वाली नाव है? क्या घर में रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन या एयर कंडीशनर (AC) है?
- आय के स्रोत : परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है या नहीं? क्या परिवार की मासिक आय 15,000 रुपए से अधिक है? इसके अलावा, क्या परिवार का कोई सदस्य आयकर (Income Tax) भरता है?
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पेंशन और बैंक की पूरी ‘कुंडली’
शुभेंदु अधिकारी की सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि योजना का लाभ केवल जरूरतमंदों को मिले. इसलिए जरूरी जनकारी आवेदन करने वालों से मांग रही है, जो इस प्रकार है.
- पिछली योजनाओं का डेटा : फॉर्म में पूछा गया है कि क्या लाभार्थी को पहले से ‘लक्ष्मी भंडार’, ‘वृद्धावस्था पेंशन’ या ‘विधवा पेंशन’ मिल रही है?
- बैंक अकाउंट और डीबीटी : बैंक का नाम, ब्रांच, आईएफएससी कोड और बैंक अकाउंट से मोबाइल नंबर लिंक होने की जानकारी मांगी गयी है.
- शिक्षा और स्वास्थ्य : परिवार के बच्चों की शिक्षा और सदस्यों की पुरानी बीमारियों का डेटा भी इस 11 पन्ने के फॉर्म का हिस्सा है.
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Annapurna Bhandar Yojana: क्यों खास है यह फॉर्म?
पिछली सरकार की तुलना में यह योजना अधिक डेटा-संचालित (Data-driven) है. क्यों खास है यह फॉर्म, यहां जानें.
- फिल्टरेशन प्रोसेस : 11 पन्नों की इस जानकारी के जरिये सरकार उन अपात्र लोगों को बाहर करेगी, जो आर्थिक रूप से संपन्न होने के बावजूद सरकारी मदद ले रहे थे.
- डिजिटल मैपिंग : इस फॉर्म के डेटा को सीधे राज्य के मुख्य सर्वर से जोड़ा जायेगा, ताकि भविष्य में जरूरतमंद लोगों को अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देना आसान होगा.
- सत्यापन की सख्ती : फॉर्म के अंत में एक घोषणा पत्र है, जिसमें गलत जानकारी देने पर कानूनी कार्रवाई और दी गयी सहायता राशि की वसूली का प्रावधान है.
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कैसे और कहां जमा होगा आवेदन?
अधिकारियों के मुताबिक, यह फॉर्म पंचायत और नगरपालिका स्तर पर आयोजित होने वाले विशेष कैंपों में मिलेगा.
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
- राशन कार्ड
- वोटर आईडी
- बैंक पासबुक की फोटोकॉपी
हेल्पलाइन नंबर
सरकार जल्द ही एक टोल-फ्री नंबर जारी करेगी, जहां आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जायेगा.
