खास बातें
Suvendu Adhikari Fake Beneficiaries List: पश्चिम बंगाल की राजनीति में कैश ट्रांसफर (नकद हस्तांतरण) योजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक ऐसा खुलासा किया है, जिसने पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार के दावों की पोल खोल दी है. मुख्यमंत्री ने बुधवार को प्रेस वार्ता के दौरान सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली सरकार की महिलाओं के लिए चल रही प्रत्यक्ष नकद अंतरण योजना में भारी धांधली हुई है.
फर्जीवाड़ा रोकने के लिए भाजपा सरकार ने जारी किया नया फॉर्म
मुख्यमंत्री अधिकारी के मुताबिक, इस योजना की लगभग 30 लाख महिला लाभार्थी या तो भारत की नागरिक ही नहीं हैं (गैर-भारतीय) या फिर मतदाता सूची से उनका नाम गायब है. इस फर्जीवाड़े को रोकने और असली हकदारों तक लाभ पहुंचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार ने अब नयी योजना का आधिकारिक फॉर्म जारी कर दिया है.
30 लाख फर्जी लाभार्थियों पर गिरी गाज
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने प्रशासनिक जांच का हवाला देते हुए बताया कि पिछली सरकार ने बिना किसी ठोस वेरिफिकेशन के करोड़ों रुपए बांट दिये. जांच में पाया गया कि लाखों ऐसी महिलाओं के खातों में पैसे जा रहे थे, जिनके पास न तो वैध भारतीय नागरिकता के दस्तावेज हैं और न ही वे वोटर लिस्ट में दर्ज हैं. यह खजाने की खुली लूट थी. अब सरकार ने इन 30 लाख संदिग्ध नामों को डेटाबेस से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
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पारदर्शिता के लिए नया फॉर्म जारी, अब ऐसे मिलेगा लाभ
भ्रष्टाचार को खत्म करने और बिचौलियों की भूमिका समाप्त करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए नयी अन्नपूर्णा भंडार योजना डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम के लिए नया आवेदन फॉर्म लांच किया.
- आधार और वोटर कार्ड अनिवार्य : अब लाभ पाने के लिए लाभार्थी का भारतीय नागरिक होना और मतदाता सूची में नाम होना अनिवार्य होगा.
- KYC वेरिफिकेशन : सभी आवेदकों को बायोमेट्रिक और दस्तावेजी वेरिफिकेशन की प्रक्रिया से गुजरना होगा, ताकि केवल पश्चिम बंगाल की स्थायी और वैध निवासी महिलाओं को ही पैसा मिले.
- डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT): सरकार सुनिश्चित करेगी कि पैसा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जाये और बीच में कोई ‘कट-मनी’ न ले सके.
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पिछली सरकार की नीतियों पर तीखा हमला
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पिछली सरकार ने अपनी योजनाओं को केवल वोट बैंक की राजनीति का जरिया बनाया था. हमारी सरकार पारदर्शिता में विश्वास रखती है. हम महिलाओं का सम्मान करते हैं, लेकिन बंगाल का पैसा उन लोगों को नहीं दिया जायेगा, जो हमारे देश के नागरिक नहीं हैं. नया फॉर्म जारी करने का उद्देश्य यही है कि हक केवल ‘असली लक्ष्मी’ को मिले.
Suvendu Adhikari Fake Beneficiaries List: विपक्ष में मची हलचल
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर बेचैनी बढ़ गयी है. जानकारों का मानना है कि यदि 30 लाख लाभार्थियों के नाम कटते हैं, तो यह राज्य के बजट और चुनावी समीकरणों पर बड़ा असर डालेगा. प्रशासन अब जिला स्तर पर शिविर लगाकर नये फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है, जहां दस्तावेजों की सघन जांच की जायेगी.
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