लक्ष्मी भंडार योजना 2026: बंगाल की सबसे बड़ी सरकारी योजना में कितने रुपए मिलते हैं, कौन और कैसे ले सकता है लाभ?

Lakshmir Bhandar Scheme 2026: पश्चिम बंगाल की सबसे बड़ी जनकल्याणकारी योजना लक्ष्मी भंडार का लाभ किन लोगों को मिलता है. इस योजना के तहत हर महीने महिलाओं के बैंक अकाउंट में कितने रुपए आते हैं. कैसे करें आवेदन. इन सभी सवालों के जवाब आपको यहां मिलेंगे.
हाईलाइट्स
Lakshmir Bhandar Scheme West Bengal: पश्चिम बंगाल सरकार की सबसे चर्चित और लोकप्रिय सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में से एक है लक्ष्मीर भंडार (Lakshmir Bhandar). यह योजना राज्य की महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करती है, ताकि घरेलू खर्च और बुनियादी जरूरतों में उन्हें आर्थिक सहारा मिल सके.
वर्ष 2021 में लॉन्च हुई यह स्कीम आज भी बंगाल की राजनीति और सामाजिक विमर्श के केंद्र में है. वर्ष 2026 के चुनावी माहौल में इसकी चर्चा और तेज हो गयी है. इस डिटेल रिपोर्ट में आपको हम बतायेंगे कि योजना के तहत कितनी राशि मिलती है, कौन इसके लिए पात्र है, आवेदन कैसे करें.
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लक्ष्मी भंडार योजना क्या है?
लक्ष्मी भंडार योजना पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा शुरू की गयी एक डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) स्कीम है. इसका उद्देश्य राज्य की 25 से 60 वर्ष की महिलाओं को हर महीने नकद सहायता देना है.
लक्ष्मी भंडार योजना को जानें
- सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपए प्रति माह मिलते हैं.
- एससी/एसटी वर्ग की महिलाओं को 1700 रुपए प्रति माह मिलते हैं.
- यह राशि महिलाओं के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाती है.
योजना का उद्देश्य घरेलू अर्थव्यवस्था को सहारा देना
राज्य सरकार का कहना है कि जब से इस स्कीम की शुरुआत की गयी है, तब से परिवारों में महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर रहती हैं. हर महीने नकद सहायता मिलने से उन्हें कई फायदे होते हैं, जो इस प्रकार हैं :
- घरेलू खर्च में मदद मिलती है.
- बच्चों की पढ़ाई में सहयोग मिलता है.
- स्वास्थ्य और पोषण पर खर्च की क्षमता बढ़ती है.
- महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलता है.
- ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना को ‘घर चलाने की सुरक्षा राशि’ के रूप में देखा जाता है.
लक्ष्मी भंडार योजना की पात्रता (Eligibility Criteria)
लक्ष्मी भंडार योजना का लाभ लेने के लिए सामान्यत: निम्न शर्तों को पूरा करना होता है.
- आवेदक महिला पश्चिम बंगाल की निवासी हो
- महिला की आयु 25–60 वर्ष के बीच हो
- आवेदक सरकारी कर्मचारी या इनकम टैक्स पेयी न हो
- परिवार की आय निर्धारित सीमा के भीतर हो
(नवीनतम दिशा-निर्देश समय-समय पर अपडेट हो सकते हैं.)
आवेदन की प्रक्रिया : कैसे करें अप्लाई?
- नजदीकी दुआरे सरकार (Duare Sarkar) कैंप या ब्लॉक ऑफिस में आवेदन करें.
- आधार कार्ड, स्वास्थ्य साथी कार्ड, बैंक पासबुक, राशन कार्ड जैसे दस्तावेज लेकर जायें.
- फॉर्म वेरिफिकेशन के बाद DBT के जरिये राशि सीधे लाभुक के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर होगा.
- राज्य सरकार ने Duare Sarkar कैंप के माध्यम से लाखों महिलाओं का रजिस्ट्रेशन कराया है.
कितनी महिलाओं को मिला लाभ?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस योजना से 2.20 करोड़ यानी 2 करोड़ 20 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हुई हैं. लक्ष्मीर भंडार योजना पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े DBT कार्यक्रमों में से एक है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ग्रामीण और निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों को इस योजना ने बहुत प्रभावित किया है.
लक्ष्मी भंडार के 3 सबसे बड़े फायदे
- सीधे बैंक खाते में सहायता
- महिला सशक्तिकरण
- आर्थिक स्थिरता
Lakshmir Bhandar Scheme की हो रही आलोचना
- राज्य पर वित्तीय बोझ
- विपक्ष का ‘फ्री बी’ नैरेटिव
लक्ष्मी भंडार योजना के तहत कितनी राशि मिलती है?
सामान्य वर्ग की महिलाओं को पहले 500 रुपए और एससी/एसटी वर्ग को 1000 रुपए प्रति माह मिलते थे. अब यह राशि बढ़कर सामान्य वर्ग के लिए 1500 रुपए और आरक्षित वर्ग के लिए 1700 रुपए हो गयी है.
लक्ष्मी भंडार योजना के लिए उम्र सीमा क्या है?
आमतौर पर 25 से 60 वर्ष की महिलाओं को इस योजना का लाभ दिया जाता है.
आवेदन कैसे करें?
दुआरे सरकार (Duare Sarkar) कैंप या संबंधित सरकारी कार्यालय में आवेदन करके इस योजना का लाभ ले सकते हैं.
क्या यह राशि सीधे बैंक खाते में आती है?
हां, यह DBT के माध्यम से उन महिलाओं के खाते में रशि ट्रांसफर की जाती है, जिनको योजना के लिए चुना जाता है.
लोक्खीर भंडार से जुड़ी खास बातें
| योजना से जुड़े सवाल | योजना से जुड़े सवालों के जवाब |
|---|---|
| कब हुई योजना का लॉन्चिंग | फरवरी 2021 |
| योजना को लागू करने वाला विभाग | महिला एवं बाल विकास और सामाजिक कल्याण विभाग, पश्चिम बंगाल |
| कौन हैं योजना की लाभुक | पश्चिम बंगाल की 25 से 60 साल की महिलाएं |
| हर महीने कितनी मिलती है मदद | एससी/एसटी वर्ग की महिलाओं को 1700 रुपए, अन्य वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपए |
| सरकार ने अब तक कितने रुपए खर्च किये | करीब 74000 करोड़ रुपए (दिसंबर 2025 तक) |
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By Mithilesh Jha
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