लखीसराय में टंकी खड़ी, लेकिन नल सूखे! 10 दिनों से पानी के लिए भटक रहे ग्रामीण

Published by : Pratyush Prashant Updated At : 19 May 2026 9:24 AM

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Lakhisarai Water Crisis

Lakhisarai Water Crisis: लखीसराय के पीरीबाजार इलाके में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहरा गया है. गांव में जलमीनार होने के बावजूद पिछले 10 दिनों से लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है.

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Lakhisarai Water Crisis: पीरी बाजार (लखीसराय) से रवि राज आनंद की रिपोर्ट — जेठ महीने की तपती गर्मी में लखीसराय के पीरीबाजार थाना क्षेत्र स्थित चौरा राजपुर पंचायत के लठिया भैरो टोला में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है. वार्ड नंबर 10 में पिछले दस दिनों से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है. गांव में जलमीनार खड़ा है, लेकिन नलों में पानी नहीं आने से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है. ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद विभागीय अधिकारी मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं.

भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी को तरस रहे लोग

लठिया कोड़ासी गांव के लोग इन दिनों पानी के लिए रोज संघर्ष कर रहे हैं. सुबह होते ही महिलाएं और बच्चे पानी की तलाश में इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं. पीने के पानी से लेकर खाना बनाने और घरेलू काम तक प्रभावित हो गए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि तेज गर्मी के बीच हालात और ज्यादा खराब हो गए हैं.

शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई

ग्रामीण संतोष कोड़ा, मंगल कोड़ा, विरेन्द्र कोड़ा और रंजीत कोड़ा समेत कई लोगों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि समस्या की जानकारी समय रहते पीएचईडी विभाग के कनीय अभियंता को दे दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.

जलमीनार बना शोपीस

गांव में बनी पानी की टंकी अब ग्रामीणों के लिए केवल शोपीस बनकर रह गई है. लोगों का कहना है कि सरकार की योजनाओं का लाभ जमीन पर नहीं दिख रहा. जलापूर्ति बंद होने के कारण गांव की दैनिक व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है. खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है.

अब डीएम और विधायक से लगाई गुहार

विभागीय उदासीनता से परेशान ग्रामीणों ने अब सामूहिक रूप से लखीसराय के जिलाधिकारी और स्थानीय विधायक से हस्तक्षेप की मांग की है. लोगों का कहना है कि अगर जल्द जलापूर्ति बहाल नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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