प्रज्ञा विद्या विहार में सावन उत्सव, 80 छात्राओं ने मेहंदी प्रतियोगिता में दिखाई प्रतिभा

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फोटो- छात्रा के हाथों पर उकेरी गई मेहंदी की आकर्षक कलाकृति

लखीसराय के प्रज्ञा विद्या विहार में सावन उत्सव के दूसरे दिन 80 छात्राओं ने मेहंदी प्रतियोगिता में भाग लिया. विभिन्न डिजाइनों से छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया. स्वतंत्रता दिवस पर विजेताओं को किया जाएगा सम्मानित.

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Lakhisarai Sawan Utsav: लखीसराय. प्रज्ञा विद्या विहार पब्लिक स्कूल के प्रज्ञालयम में विद्यार्थियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और प्रतिभा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से त्रिदिवसीय सावन उत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है. उत्सव के दूसरे दिन 13 अगस्त को मेहंदी प्रतियोगिता आयोजित हुई, जिसमें वर्ग पंचम से दशम तक की 80 छात्राओं ने हिस्सा लिया.

80 छात्राओं ने मेहंदी प्रतियोगिता में लिया हिस्सा

शिक्षक मुकेश कुमार, विकास कपूर और शैलेंद्र कुमार सुमन की देखरेख में आयोजित प्रतियोगिता में छात्राओं ने विभिन्न आकर्षक डिजाइनों के जरिए अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया. राशि, आरुषि, स्वीटी, गुनगुन, आकांक्षा, अर्पिता, अनन्या, तेजू, शांभवी, वैष्णवी, नायशा, निधि, श्वेता शांडिल्य, रौशनी, रचना, पलक, सुहानी, सारिका और सृष्टि सहित कई छात्राओं ने सुंदर मेहंदी रचाई.

14 अगस्त को होगी राखी मेकिंग प्रतियोगिता

उत्सव के अंतिम दिन 14 अगस्त को राखी मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी. विद्यालय प्रबंधन के अनुसार इसमें 100 से अधिक बच्चों के शामिल होने की उम्मीद है. प्रतियोगिता के जरिए विद्यार्थियों को रचनात्मकता और हस्तकला के प्रदर्शन का अवसर मिलेगा.

स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित होंगे प्रतिभागी

त्रिदिवसीय उत्सव के दौरान अलग-अलग विधाओं में चयनित सर्वश्रेष्ठ तीन-तीन प्रतिभागियों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित मुख्य समारोह में विद्यालय की ओर से विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा.

रचनात्मक गतिविधियों से बढ़ता है आत्मविश्वास


फोटो- छात्रा के हाथों पर मेहंदी की आकर्षक कलाकृति उकेरी गई
फोटो- छात्रा के हाथों पर मेहंदी की आकर्षक कलाकृति उकेरी गई

Lakhisarai Sawan Utsav: विद्यालय के निदेशक रंजन कुमार ने कहा कि रचनात्मक प्रतियोगिताओं में भाग लेने से विद्यार्थियों में सकारात्मक बदलाव आता है. इससे उनका बौद्धिक विकास होता है और पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ती है. ऐसी गतिविधियों से अनुशासन, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और मेहनत की भावना विकसित होती है तथा बच्चों में विषम परिस्थितियों का सामना करने का आत्मविश्वास भी बढ़ता है.उन्होंने कहा कि ऐसे मंच विद्यार्थियों में माता-पिता और गुरु के प्रति सम्मान, नैतिक मूल्यों तथा जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं. साथ ही उन्हें अपनी प्रतिभा के बल पर विद्यालय, समाज और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित करते हैं.


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राजेश कुमार

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By राजेश कुमार

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