NTPC Profits: एनटीपीसी नार्थ कर्णपुरा को 686 करोड़ का मुनाफा, 1.92 पैसे प्रति यूनिट बिजली उत्पादन

Updated at : 01 Feb 2026 2:08 PM (IST)
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NTPC Profits

प्रेस कॉन्फ्रेंस में एनटीपीसी नॉर्थ कर्णपुरा के अधिकारी (बाएं से ऊपर).

NTPC Profits: एनटीपीसी नॉर्थ करणपुरा पावर प्रोजेक्ट ने 2025-26 में 10195.89 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन कर 686 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया. कोयले की निकटता से यहां 1.92 रुपये प्रति यूनिट बिजली उत्पादन हो रहा है. परियोजना से कई राज्यों को बिजली आपूर्ति के साथ प्रभावित गांवों के विकास पर भी करोड़ों खर्च किए गए हैं. नीचे पूरी खबर पढ़ें.

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टंडवा से बरुण सिंह की रिपोर्ट

NTPC Profits: नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) नॉर्थ करणपुरा पावर प्रोजेक्ट ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 10195.89 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है. इस उत्पादन के जरिए चालू वित्त वर्ष में अब तक 686 करोड़ रुपये का मुनाफा अर्जित किया गया है. यह जानकारी नॉर्थ करणपुरा पावर प्लांट के परियोजना प्रमुख एके त्रिपाठी ने प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया को दी.

तीनों यूनिट से निर्बाध बिजली उत्पादन

परियोजना प्रमुख एके त्रिपाठी ने बताया कि नॉर्थ करणपुरा पावर प्लांट की तीनों इकाइयों से लगातार और निर्बाध बिजली उत्पादन हो रहा है. यूनिट-1 से 1 मार्च 2023, यूनिट-2 से 20 मार्च 2024 और यूनिट-3 से 15 जून 2025 से व्यवसायिक बिजली उत्पादन शुरू हो चुका है. तीनों यूनिट के संचालन से प्लांट की उत्पादन क्षमता पूरी तरह साकार हो रही है.

21,495 करोड़ की परियोजना

नॉर्थ करणपुरा थर्मल पावर प्रोजेक्ट की कुल स्वीकृत परियोजना लागत 21,495 करोड़ रुपये है, जिसमें से अब तक 17,593 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं. परियोजना के निर्माण और संचालन में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे उत्पादन लागत कम हुई है और दक्षता बढ़ी है.

कई राज्यों को हो रही बिजली आपूर्ति

नॉर्थ करणपुरा पावर प्लांट से उत्पादित बिजली नॉर्थ करणपुरा–चंदवा और नॉर्थ करणपुरा–गया ट्रांसमिशन लाइन के माध्यम से विभिन्न राज्यों को भेजी जा रही है. बिहार को 890.46 मेगावाट, झारखंड को 532.22 मेगावाट, ओडिशा को 432.23 मेगावाट, पश्चिम बंगाल को 124.14 मेगावाट और सिक्किम को 0.73 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की जा रही है. कुल उत्पादित बिजली में सबसे अधिक 44.97 प्रतिशत हिस्सा बिहार राज्य को दिया जा रहा है.

कोयले की निकटता से सस्ती बिजली उत्पादन

परियोजना प्रमुख ने बताया कि कोयले की खदानों की निकटता के कारण नॉर्थ करणपुरा पावर प्लांट में बिजली उत्पादन की लागत मात्र 1.92 रुपये प्रति यूनिट है. वर्तमान में कोयले की आपूर्ति रोड ट्रांसपोर्ट के माध्यम से की जा रही है, लेकिन भविष्य में मगध परियोजना से पाइप कन्वेयर के जरिए कोयला पहुंचाने की योजना अंतिम चरण में है.

देश का सबसे लंबा एनटीपीसी कोल पाइप कन्वेयर

करीब साढ़े सात किलोमीटर लंबा यह पाइप कन्वेयर भारत में एनटीपीसी का सबसे लंबा कोल पाइप कन्वेयर होगा. इसके शुरू होने से कोयला परिवहन अधिक सुरक्षित, सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल हो जाएगा. इससे सड़क परिवहन पर निर्भरता भी कम होगी.

जल आपूर्ति के लिए तीन लगून तैयार

पावर प्लांट में पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तीन लगून बनाए गए हैं. लगून-1 की क्षमता 9.7 एमसीएम, लगून-2 की 6.27 एमसीएम और लगून-3 की 2.62 एमसीएम है. इन लगूनों में बारिश के मौसम में पानी संग्रह कर लगभग दस महीने की आवश्यकता पूरी की जाती है.

प्रभावित गांवों के विकास पर करोड़ों खर्च

एनटीपीसी नॉर्थ करणपुरा परियोजना ने प्रभावित गांवों के विकास के लिए भी बड़े पैमाने पर निवेश किया है. वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2024-25 तक वेलफेयर, स्पोर्ट्स और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर 3.59 करोड़ रुपये खर्च किए गए. स्वास्थ्य क्षेत्र में 9.21 करोड़, शिक्षा में 2.06 करोड़, ग्राम विकास निर्माण में 35.01 करोड़, स्किल ट्रेनिंग में 1.20 करोड़, शौचालय निर्माण में 3.40 करोड़ और पेयजल योजनाओं में 13.35 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं.

फ्लाई ऐश ढुलाई पर एनटीपीसी सख्त

फ्लाई ऐश ढुलाई को लेकर पूछे गए सवालों पर परियोजना प्रमुख ने कहा कि एनटीपीसी इस मुद्दे पर पूरी तरह सख्त है. फ्लाई ऐश परिवहन में लापरवाही बरतने पर ट्रांसपोर्टरों पर 60 लाख रुपये की पेनाल्टी लगाई गई है. ओवरलोडेड ट्रकों पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं.

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कांटा घर निर्माण अंतिम चरण में

उन्होंने बताया कि कुछ ट्रांसपोर्टरों द्वारा रास्ते में फ्लाई ऐश फेंकने की शिकायतें मिली हैं. इसे रोकने के लिए तिरपाल को सील करने की व्यवस्था की जाएगी. साथ ही कांटा घर की कमी को दूर करने के लिए नया कांटा घर बनाया जा रहा है. इसके चालू होने के बाद हर वाहन का वजन किया जाएगा और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा. इस मौके पर अजय कहलकर, राजीव कुमार सिन्हा, दीपक कुमार दलई, नीरज राय, अभिषेक आनंद और सूचना जनसंपर्क अधिकारी मोहिनी समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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