क्लिनिक व जांच घर संचालक के प्रमाण पत्र की होगी जांच
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 27 Apr 2016 1:14 AM
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निर्देश. सिविल सर्जन ने जिले के सभी पीएचसी प्रभारी को भेजा पत्र प्रखंडों में संचालित सभी प्रकार के क्लिनिक, नर्सिंग होम व जांच घर की सूची तीन दिनों के भीतर सीएस कार्यालय में जमा होगी. इसमें संचालक की योग्यता का प्रमाण पत्र भी देना है. सिविल सर्जन रामेश्वर साफी ने जिले के सभी पीएचसी प्रभारी […]
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निर्देश. सिविल सर्जन ने जिले के सभी पीएचसी प्रभारी को भेजा पत्र
प्रखंडों में संचालित सभी प्रकार के क्लिनिक, नर्सिंग होम व जांच घर की सूची तीन दिनों के भीतर सीएस कार्यालय में जमा होगी. इसमें संचालक की योग्यता का प्रमाण पत्र भी देना है. सिविल सर्जन रामेश्वर साफी ने जिले के सभी पीएचसी प्रभारी को पत्र भेज कर इसका निर्देश दिया है. प्रभात खबर में मंगलवार को प्रकाशित खबर उपचार के नाम पर मौत बांट रहे फरजी चिकित्सक पर संज्ञान लेते हुए सिविल सर्जन ने उक्त निर्देश जारी किया है.
सुपौल : सिविल सर्जन रामेश्वर साफी ने जिले के सभी पीएचसी प्रभारी को पत्र भेज कर प्रखंड में संचालित सभी प्रकार के क्लिनिक, नर्सिंग होम व जांच घर की सूची तीन दिनों के भीतर कार्यालय को समर्पित करने का निर्देश जारी किया है. सिविल सर्जन ने यह निर्देश प्रभात खबर अखबार में प्रकाशित समाचार पर संज्ञान लेते हुए दिया है. मंगलवार को प्रभात खबर में प्रमुखता से उपचार के नाम पर मौत बांट रहे फरजी चिकित्सक वाली खबर प्रकाशित हुई थी.
इसमें जिला मुख्यालय सहित सभी प्रखंडों में संचालित अवैध नर्सिंग होम, जहां बिना डिग्रीधारी डॉक्टर उपचार करते हैं का मुद्दा जोर शोर से उठाया गया था. इस खबर पर संज्ञान लेते हुए सिविल सर्जन ने सभी पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में चल रहे क्लिनिक, नर्सिंग होम व जांच घर का सर्वेंक्षण कर सूची तैयार करें व इसकी रिपोर्ट समर्पित करें.
रिपोर्ट में मुख्य रूप से संस्था का नाम, चिकित्सक का नाम,जांच घर संचालक का नाम व पता साथ ही चिकित्सकों का योग्यता प्रमाण पत्र आवश्यक रूप से भेजने का निर्देश दिया गया है. ज्ञात हो कि इस संबंध में पूर्व में भी सिविल सर्जन द्वारा पत्राचार किया गया था, लेकिन किसी पीएचसी प्रभारी ने रिपोर्ट समर्पित नहीं की थी.
आनंद हेल्थ केयर के संचालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज
जिले के राघोपुर प्रखंड के सिमराही बाजार में संचालित आनंद हेल्थ केयर क्लिनिक की संचालक डॉ अर्चना सिन्हा पर अवैध रूप से क्लिनिक चलाने एवं भोले-भाले मरीज को ठगने के आरोप में राघोपुर थाना में पीएचसी प्रभारी के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है. सिविल सर्जन डॉ साफी के निर्देश पर पीएचसी प्रभारी डॉ दीप नारायण राम ने प्राथमिकी दर्ज करायी है. ज्ञात हो कि चार अप्रैल को सीएस ने बीडीओ एवं पीएचसी प्रभारी के मौजूदगी में आनंद हेल्थ केयर क्लिनिक की जांच की थी.
जांच के दौरान सीएस ने क्लिनिक की संचालिका अर्चना सिन्हा से उनके क्लिनिक चलाने के संबंध में प्रमाण पत्र की मांग की थी. मौके पर संचालिका ने लिखित रूप से पांच अप्रैल को सिविल सर्जन कार्यालय पहुंच कर प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने का वादा किया था, लेकिन इतने दिन बीत जाने के बाद भी क्लिनिक की संचालिका ने कोई प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया. इसके बाद सिविल सर्जन ने माना कि डॉ सिन्हा द्वारा बिना किसी प्रमाण पत्र के अवैध रूप से निजी क्लिनिक का संचालन किया जा रहा है. वहीं फरजी चिकित्सक पर प्राथमिकी दर्ज होने से ऐसे अन्य चिकित्सकों के बीच हड़कंप पैदा हो गया है.
िबना किसी प्रमाण पत्र के क्लिनिक चलाने और मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करने के आरोप में दर्ज हुई प्राथमिकी: राघोपुर थानाध्यक्ष राजीव कुमार झा ने बताया कि पीएचसी प्रभारी डॉ दीप नारायण राम के आवेदन पर डॉ अर्चना सिन्हा के विरुद्ध बिना किसी प्रमाण पत्र के क्लिनिक चलाने और मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. पुलिस मामले में विधि सम्मत कार्रवाई में जुटी हुई है.
मंगलवार को प्रभात खबर में उपचार के नाम पर मौत बांट रहे फरजी चिकित्सक वाली खबर हुई थी प्रकाशित
उक्त खबर पर सिविल सर्जन ने लिया संज्ञान
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