Ranchi: पेट्रोल-डीजल का डर बढ़ा, ईवी की बंपर डिमांड; शोरूम्स से गाड़ियां हुईं आउट ऑफ स्टॉक

Published by : AmleshNandan Sinha Updated At : 14 May 2026 11:58 PM

विज्ञापन

रांची में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की डिमांड बढ़ी. AI Image

Ranchi में पेट्रोल-डीजल की किल्लत की आशंका के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ गई है. कई शोरूम्स में ईवी गाड़ियां आउट ऑफ स्टॉक हो गई हैं. पूरी रिपोर्ट नीचे पढ़ें.

विज्ञापन

बिपिन सिंह
Ranchi: अमेरिका-इजरायल-ईरान संघर्ष के कारण होरमुज जलडमरूमध्य में तेल आपूर्ति में बाधा हो रही है, जिससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता से लोग डर गए हैं. संघर्ष और भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भविष्य की वृद्धि को लेकर लोगों में इस बात का डर बढ़ गया है, जिसके बाद झारखंड में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की मांग में भारी उछाल आया है. ग्राहकों का रुझान तेजी से इलेक्ट्रिक व्हीकल की तरफ बढ़ रहा है. फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (एफएडीए) के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महीने नई कारों की बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी 3.5% से बढ़कर 5.1% हो गई है.

यह बढ़ोतरी साफ संकेत देती है कि लोग अब फ्यूल की अनिश्चितता से बचना चाहते हैं. खासकर टू व्हीलर क्षेत्र में सर्वाधिक डिमांड देखी जा रही है. कस्टमर्स को लग रहा है कि फ्यूल की उपलब्धता और कीमतें एक मुद्दा बन सकती हैं. इलेक्ट्रिक कारों की मांग में पिछले महीने की तुलना में 20-30% तक का उछाल आया है, जिसका सीधा कारण पश्चिम एशिया में चल रहा संकट है.

पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों और किल्लत से लोग डरे

भारत में रिटेल कीमतें अभी स्थिर हैं, लेकिन चुनाव के बाद या अंतरराष्ट्रीय कीमतों के दबाव में बढ़ोतरी की आशंका से ग्राहक पेट्रोल-डीजल वाहनों के बजाय ईवी चुन रहे हैं. उनका रुझान टू व्हीलर और फोर व्हीलर दोनों पर देखा जा रहा है.

डिमांड बढ़ने से वेटिंग पीरियड और सप्लाई चेन गड़बड़ाया

सभी शोरूम में लंबा वेटिंग पीरियड देखा जा रहा है. भारी मांग के कारण कई लोकप्रिय ईवी मॉडलों पर वेटिंग पीरियड बढ़ गया है. 2026 में कुछ मॉडलों के लिए यह 05-12 सप्ताह या उससे भी अधिक तक पहुंच गया है. एथर इलेक्ट्रिक स्कूटी पूरी तरह से आउट ऑफ स्टॉक हो गई है. डिमांड इतना ज्यादा है कि सहजानंद चौक स्थित इधर शोरूम में एक भी मॉडल बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है.

यही हाल ओला, टीवीएस, विडा, बजाज चेतक, ओकीनावा, एमपेरे मोटर्स सहित अन्य मॉडलों की भी है. या तो इनके कुछ मॉडल ही शेष रह गए हैं, या फिर जल्द ही यहां भी वेटिंग का दबाव ग्राहकों को झेलना पड़ सकता है. टाटा के कुछ इलेक्ट्रिक मॉडल के लिए वेटिंग पीरियड 4 से 6 सप्ताह (लगभग 1-2 महीने) तक है. यही हाल महिंद्रा, एमजी सहित अन्य ऑटोमोबाइल कंपनियों की भी है.

तेजी से बढ़ रही ईवी की मांग

पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और उपलब्धता को लेकर चिंता के बीच, मार्च 2026 में इलेक्ट्रिक स्कूटी और कारों का रजिस्ट्रेशन 38% बढ़कर 2,490 यूनिट हो गया है.

गाड़ियों की इंक्वायरी भी बढ़ी

अब ज्यादा ग्राहक शोरूम में आते ही इलेक्ट्रिक गाड़ियां को प्राथमिकता दे रहे हैं. जो लोग अभी तक दुविधा में थे, वे भी अब तेजी से इलेक्ट्रिक प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ते दिख रहे हैं.

रांची में अभी तक रजिस्टर्ड वैकल्पिक ईंधन वाली कुल गाड़ियां

  • ऑनली सीएनजी : 8,667
  • इलेक्ट्रिक बैट्री ऑपरेटेड व्हीकल : 20,358
  • इथेनॉल : 14
  • प्योर ईवी : 8,053
  • स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड ईवी : 476

रांची में 26 जनवरी से अभी तक रजिस्टर्ड वैकल्पिक ईंधन वाली कुल गाड़ियां

  • इलेक्ट्रिक बैट्री ऑपरेटेड कमर्शियल व्हीकल : 391
  • ई-रिक्शा (गुड्स) : 06
  • ई-रिक्शा (पैसेंजर) : 203
  • मोबाइल साइकिल-स्कूटर : 100
  • मोटर कैब : 02
  • थ्री व्हीलर पैसेंजर : 80

प्योर ईवी गाड़ियां

  • ई-रिक्शा (गुड्स) : 11
  • ई-रिक्शा (पैसेंजर) : 132
  • गुड्स कैरियर : 08
  • मोबाइल साइकिल-स्कूटर : 1046
  • मोटर कैब : 02
  • मोटर कार : 91
  • थ्री व्हीलर गुड्स : 15
  • थ्री व्हीलर पैसेंजर : 225
  • प्योर ईवी कुल : 1530

ये भी पढ़ें…

झारखंड हाईकोर्ट की बड़ी कार्रवाई: हिरासत में हुए मौत के 262 मामलों में फिर होगी न्यायिक जांच

आदिवासी आजीविका को नई उड़ान: झारखंड में लगेगा राष्ट्रीय स्तर का वन मेला, खरीदार-विक्रेता होंगे एक मंच पर

विज्ञापन
AmleshNandan Sinha

लेखक के बारे में

By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola