सीवान. कृषि विभाग व राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने किसानों को सशक्त एवं समृद्ध बनाने की दिशा में फार्मर रजिस्ट्री (किसानों की डिजिटल पहचान) अभियान को तेज कर दिया गया है. इसके तहत जिले में छह जनवरी से नौ जनवरी तक विशेष अभियान चलाकर किसानों की फार्मर रजिस्ट्री आईडी बनाई जाएगी. जिला कृषि पदाधिकारी आलोक कुमार ने फार्मर रजिस्ट्री आईडी बनवाना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सहित कृषि विभाग की विभिन्न सरकारी योजनाओं का सरल, पारदर्शी एवं त्वरित लाभ प्राप्त करने के लिए अनिवार्य बताया है. इस पहल के माध्यम से प्रत्येक किसान की भूमि से संबंधित जानकारी, आधार संख्या एवं अन्य विवरणों को डिजिटल रूप से एकीकृत किया जा रहा है, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे पात्र किसानों तक पहुंच सके. कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार किसान अपने क्षेत्र के कृषि सलाहकार, कृषि समन्वयक अथवा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के हल्का कर्मचारी से संपर्क कर फार्मर रजिस्ट्री आईडी बनवा सकते हैं. इसके लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर तथा भूमि से संबंधित दस्तावेज (आनलाइन जमाबंदी/स्वामित्व प्रमाण पत्र) अनिवार्य होंगे. प्रक्रिया के अंतर्गत ई-केवाइसी, भूमि संबंधित दस्तावेज का सत्यापन एवं ई-साइनिंग के बाद फार्मर रजिस्ट्रेशन आईडी तैयार की जाएगी. 18 से 21 जनवरी तक चलेगा दूसरे चरण का अभियान : जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपज बिक्री, फसल क्षति की स्थिति में मुआवजा, विभिन्न कृषि अनुदान योजनाओं का लाभ तथा किसान की एक स्थायी डिजिटल पहचान जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी. फार्मर रजिस्ट्री किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. इसके बिना भविष्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सहित कई सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावित हो सकता है. उन्होंने बताया कि अभियान के दूसरे चरण में 18 जनवरी से 21 जनवरी तक पंचायत स्तर पर फार्मर रजिस्ट्री कैंप का आयोजन किया जाएगा. इन कैंपों में कृषि समन्वयक के साथ संबंधित पंचायत के किसान सलाहकार एवं राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के हल्का कर्मचारी तैनात रहेंगे.
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