साल 2025 में वाहन दुर्घटना में आयी कमी

Published by : DEEPAK MISHRA Updated At : 07 Jan 2026 10:11 PM

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जिला समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई. इस दौरान डीएम ने सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता को सर्वाधिक महत्वपूर्ण बताया.बैठक में जानकारी दी गई कि 2024 में जिले में कुल 297 दुर्घटनाएं हुई थी. इनमें 228 व्यक्ति की जान गयी. 202 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इसी प्रकार 2025 में कुल 262 वाहन दुर्घटनाएं हुईं. इसमें 220 मृत हुए एवं 143 घायल हुए हैं.

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सीवान.जिला समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई. इस दौरान डीएम ने सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता को सर्वाधिक महत्वपूर्ण बताया.बैठक में जानकारी दी गई कि 2024 में जिले में कुल 297 दुर्घटनाएं हुई थी. इनमें 228 व्यक्ति की जान गयी. 202 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इसी प्रकार 2025 में कुल 262 वाहन दुर्घटनाएं हुईं. इसमें 220 मृत हुए एवं 143 घायल हुए हैं. बैठक में ग्रामीण एवं शहरी सड़कों पर वाहन चालकों को यातायात नियमों का सुदृढ़तापूर्ण ढंग से अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु व्यापक दिशा निर्देश दिए. नाबालिगों के द्वारा वाहन चलाए जाने पर जिलाधिकारी ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए उनपर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने काे निर्देश दिया. प्रभारी जिला परिवहन पदाधिकारी अमर ज्योति द्वारा बताया गया कि सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में ओवर स्पीडिंग वाहनों का परिचालन, गलत दिशा में वाहनों का परिचालन, वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग करना, बिना हेलमेट/ सीट बेल्ट के वाहनों का परिचालन करना, सड़कों पर बिना इंडिकेटर जलाए वाहनों को अचानक मोड़ लेना, विपरीत दिशा से वाहनों को चलाना एवं यातायात से संबंधित नियमों से अनभिज्ञ होना है. इस पर जिलाधिकारी ने सड़क सुरक्षा के मानकों का कार्यान्वयन सुनिश्चित करने हेतु नियमित रूप से हेलमेट/ सीट बेल्ट चेकिंग अभियान चलाने को कहा. उन्होंने सड़क सुरक्षा तकनीक के रूप में स्पीड कैमरा, ट्रैफिक सिग्नल एवं सड़क सुरक्षा सेंसर का व्यापक प्रयोग करने को कहा. बताया गया कि जिला में वैसे सड़क, जहां तीन साल में पांच बड़े हादसे हो गए हो या फिर एक ही स्थान पर तीन वर्षों में सड़क दुर्घटना में 10 मौतें हुई हों, तो वैसे स्थान को ब्लैक स्पाट घोषित कर दिया जाता है. वैसे ब्लैक स्पाट स्थलों पर विशेष रूप से हादसों से संबंधित सांकेतिक बोर्ड, रिफ्लेक्टर आदि लगाए गए हैं. ऐसे में एनएच एवं ग्रामीण सड़कों के कार्यपालक अभियंताओं को रोड के किनारे अनावश्यक झाड़ियां एवं पेड़ों के बढ़ने पर दुर्घटनाओं की संभावनाओं को देखते हुए उनकी छंटनी करवाने का निर्देश दिया गया.

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