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भाजपा के ‘वार रूम’ से ममता बनर्जी के करीबी तक, ऐसा रहा है झारखंड में जन्मे प्रतीक जैन का सफर

Updated at : 08 Jan 2026 11:46 PM (IST)
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Who is Prateek Jain West Bengal Election 2026

आई-पैक के सह-संस्थापक प्रतीक जैन. फोटो : X

Who is Prateek Jain I-PAC: पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस की सबसे बड़ी नेता और प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जिस शख्स के लिए केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी और देश के गृह मंत्री तक को भला-बुरा कह दिया, वह शख्स है कौन? आज हर कोई जानना चाहता है कि प्रतीक जैन, जिसके 2 ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय ने छापेमारी की, वो है कौन? क्या करते हैं? कहां जन्म हुआ? आपके इन सभी सवालों के जवाब यहां हैं.

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Who is Prateek Jain I-PAC: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के लाउडन स्ट्रीट स्थित एक अपार्टमेंट में सुबह-सुबह केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की. जिस अपार्टमेंट में छापेमारी हुई, वहां रेड के कुछ ही देर बाद प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहुंचीं और ईडी पर जमकर हमला बोला. इसके बाद प्रतीक जैन चर्चा में आ गये. लोगों में यह जानने की उत्सुकता जगी कि प्रतीक जैन हैं कौन? आईए, आपको बताते हैं कि प्रतीक जैन कौन हैं और कैसे ममता बनर्जी के करीबी बन गये.

भारतीय राजनीति में पर्दे के पीछे काम करते हैं प्रतीक जैन

समकालीन भारतीय राजनीति में पर्दे के पीछे काम करने वाले प्रमुख लोगों में आई-पैक के सह संस्थापक प्रतीक जैन का भी नाम है. उन्होंने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के ‘वार रूम’ में अहम भूमिका निभायी. बाद में वह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 में तृणमूल कांग्रेस का डिजिटल और जमीनी विमर्श तैयार करने से लेकर वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव तक में इसकी पतवार को मजबूती से थामे रखा.

2021 की तस्वीर में मोदी के साथ दिखे थे प्रतीक जैन

फेसबुक पर 16 मई 2014 की एक तस्वीर है, जिसमें एक युवा अपने सहयोगियों के साथ विजयी नरेंद्र मोदी के बगल में खड़ा दिख रहा है. उनके चेहरे पर हल्की-सी मुस्कान है. यह वही दिन था, जब भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने आम चुनाव में शानदार जीत हासिल की थी.

Who is Prateek Jain: टीएमसी के प्रमुख रणनीतिकार हैं प्रतीक जैन

एक दशक से भी अधिक समय बाद, प्रतीक जैन भारत के राजनीतिक परिदृश्य के दूसरे छोर पर खड़े हैं. अब वह तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख रणनीतिकार हैं, जिन्हें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सार्वजनिक रूप से अपनी पार्टी के आईटी और रणनीति प्रभारी के रूप में वर्णित किया है.

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प्रशांत किशोर की टीम का अहम हिस्सा थे प्रतीक

जैन के साथ काम करने वाले लोग कहते हैं कि धैर्य उनके लिए सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि एक राजनीतिक हथियार है, ‘संकटों से उबरने, जनता के गुस्से के शांत होने का इंतजार करने और विमर्श को अपने आप खत्म होने देने का एक तरीका.’ वर्ष 2013 में, जब भाजपा नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की तैयारी कर रही थी, तब जैन (चुनावी रणनीतिकार) प्रशांत किशोर के नेतृत्व वाली मुख्य टीम का हिस्सा थे.

डेटा और संचार विशेषज्ञ हैं प्रतीक जैन

उस समय एक कम प्रसिद्ध डेटा और संचार विशेषज्ञ होने के बावजूद, जैन ने अंदरूनी लोगों के बीच न केवल चुनावी गणित बल्कि नेताओं के व्यवहार को समझने, कैमरे पर उनके हावभाव को समझने, टेलीविजन स्क्रीन के माध्यम से आक्रोश के प्रसार और अधीरता को बेअसर करने में अपनी विशेषज्ञता के लिए ख्याति हासिल की.

झारखंड में जन्मे, आईआईटी मुंबई में की पढ़ाई

झारखंड में जन्मे प्रतीक जैन ने वर्ष 2008 में आईआईटी मुंबई में दाखिला लिया और मेटालर्जिकल इंजीनियरिंग एवं पदार्थ विज्ञान में बीटेक की डिग्री हासिल की. उनका प्रारंभिक करियर राजनीति से बिल्कुल अलग था. एक निजी बैंक में प्रशिक्षु के रूप में काम करने के बाद, उन्होंने वर्ष 2012 से एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में डेटा विश्लेषक के रूप में काम किया.

आई-पैक के संचालन में प्रमुख व्यक्ति के रूप में उभरे

नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद, प्रतीक जैन ने आई-पैक की सह-स्थापना की और इसके संचालन के प्रमुख व्यक्ति के रूप में उभरे. आई-पैक के चेहरे प्रशांत किशोर की तुलना में वह कम चर्चित रहे, लेकिन उनके समान ही महत्वपूर्ण थे.

प्रतीक के घर और दफ्तर पर ईडी ने मारी रेड

प्रतीक जैन अपनी सफलता का श्रेय अक्सर अपने सहयोगियों को दिया करते हैं. बृहस्पतिवार को प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने कोयला ‘घोटाला’ से जुड़े धन शोधन मामले के सिलसिले में जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित घर और उनके साल्ट लेक स्थित कार्यालय की तलाशी ली.

मोदी, नीतीश, केजरीवाल और उद्धव ठाकरे के लिए कर चुके हैं काम

इससे पहले, आई-पैक ने नरेंद्र मोदी, नीतीश कुमार, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे के लिए रणनीतिकार के तौर पर काम किया है. राज्य स्तर पर, आइ-पैक ने आंध्रप्रदेश में वाईएस जगनमोहन रेड्डी (वाईएसआरसीपी) और तमिलनाडु में एमके स्टालिन (डीएमको) को सत्ता में लाने में अहम भूमिका निभायी थी.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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