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पाकिस्तान की जेल में बंद बंगाल के मछुआरों का परिवार से संपर्क टूटा, परिजन चिंतित

Updated at : 24 Feb 2026 8:31 AM (IST)
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पाकिस्तान की जेल में बंद बंगाल के मछुआरों का परिवार से संपर्क टूटा, परिजन चिंतित

Bengal Fishermen: पाकिस्तान की जेल में बंद बंगाल के मछुआरों के परिजनों ने कहा कि यह जानना जरूरी है कि उन लोगों का क्या हुआ. उन्होंने कहा कि जेल में होने के बावजूद उनसे संपर्क नहीं रुकना चाहिए. वे इस बात को लेकर बेहद चिंतित हैं.

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Bengal Fishermen: कोलकाता. बंगाल के नामखाना इलाके के जिन तीन मछुआरों को पाकिस्तान की जेल में बंद किया गया है, उनका अपने परिवार से संपर्क टूट गया है. संपर्क टूटने के बाद मछुआरों के परिवार वाले चिंता में दिन गुजार रहे हैं. इन तीनों मछुआरे का नाम तपन मोहपात्रा (50), काशीनाथ मंडल (58) और दिलीप बाग (48) हैं. लगभग ढाई वर्षों से पाकिस्तान ने नामखाना के इन तीन मछुआरों को बंदी बना रखा है. परिजनों का कहना है कि इस मामले में राज्य और केंद्र सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है. ऐसे में मामले को लेकर काफी असमंजस हैं.

काम की तलाश में गये थे गुजरात

बताया जाता है कि बंगाल के ये मछुआरे काम के लिए गुजरात गए थे. वहां वे एक ट्रॉलर से समुद्र में मछली पकड़ने जाते थे. 20 दिन बाद, पाकिस्तानी तटरक्षक बल ने अचानक उन्हें गिरफ्तार कर लिया. ट्रॉलर के मालिक ने लापता मछुआरों के परिवार को घटना की जानकारी दी. परिजनों का कहना है कि इसके बाद, गिरफ्तार मछुआरों ने घर फोन किया. उन्होंने व्यक्तिगत रूप से अपने पकड़े जाने की सूचना दी. फिर भी, वे कभी-कभार अपने परिवारों के संपर्क में रहे. तपन मोहपात्रा ने कराची की लांधी जेल से घर दो पत्र लिखकर भेजे हैं.

सांसद ने दिया परिजनों को भरोसा

परिवार के लोग कहते हैं कि पहले उन्हें एक-दो बार फोन पर अपने परिवार से बात करने की इजाजत दी जाती थी. लेकिन, अब न तो कोई फोन आया है और न ही कोई चिट्ठी. परिवार में किसी को कुछ पता नहीं है. हर कोई इस बात को लेकर चिंतित है कि उनसे संपर्क क्यों नहीं हो पा रहा है. मथुरापुर के सांसद बापी हल्दर ने कहा- पहले सांसद अभिषेक बनर्जी ने इराक से कई लोगों को वापस देश लाने का इंतजाम किया था. मुख्यमंत्री भी बांग्लादेश में हिरासत में लिए गए कई लोगों को वापस ला चुकी हैं. मैं इस बारे में अधिकारियों को सूचित करूंगा, ताकि तीनों को जल्द वापस लाने की व्यवस्था की जा सके.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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