खूब बज रहे हैं प्रेशर हॉर्न, प्रशासन मौन

छपरा (सदर) : ध्वनि प्रदूषण अधिनियम के मानकों को लागू करने में प्रशासनिक उदासीनता के कारण छपरा शहर के हजारों लोग दिन-रात विभिन्न वाहनों की तेज व लगातार आवाज के कारण विभिन्न मानसिक व श्रवण से संबंधित बीमारियों के शिकार हो रहे हैं. इसकी मुख्य वजह शहर की घनी आबादीवाले आधा दर्जन मुहल्लों से दिन-रात […]
छपरा (सदर) : ध्वनि प्रदूषण अधिनियम के मानकों को लागू करने में प्रशासनिक उदासीनता के कारण छपरा शहर के हजारों लोग दिन-रात विभिन्न वाहनों की तेज व लगातार आवाज के कारण विभिन्न मानसिक व श्रवण से संबंधित बीमारियों के शिकार हो रहे हैं. इसकी मुख्य वजह शहर की घनी आबादीवाले आधा दर्जन मुहल्लों से दिन-रात बड़े वाहनों के गुजरने व चालकों द्वारा प्रेशर हॉर्न का बजाया जाना है. हालांकि,
इस संबंध में आमजनों की परेशानियों को समझते हुए डीएम के द्वारा रात में बड़े वाहनों को शहर के बीचो-बीच गुजरने से रोकने व प्रेशर हॉर्न बजाने पर प्रतिबंध लगाने के संबंध में संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश भी दिया था. परंतु, आम जनों के लिए इस सबसे ध्वनि प्रदूषण की समस्या पर लगाम नहीं लग पाया. हालांकि, इस संबंध में पटना उच्च न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए सरकार से जवाब मांगा है.
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