मानव जीवन में है कर्म की प्रधानता: वैराग्यानंद

Published at :25 Jan 2016 4:23 AM (IST)
विज्ञापन
मानव जीवन में है कर्म की प्रधानता: वैराग्यानंद

दिघवारा : मानव जीवन में कर्म की प्रधानता है एवं हर इनसान को कर्म करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए. जीवन का सुख-दुख कर्म पर ही निर्भर करता है. बिना कर्म किये सिर्फ ईश्वर को शरणागत होने से ही सुख की प्राप्ति संभव नहीं है. उपरोक्त बातें नगर पंचायत के बस स्टैंड अवस्थित सेंट्रल पब्लिक […]

विज्ञापन

दिघवारा : मानव जीवन में कर्म की प्रधानता है एवं हर इनसान को कर्म करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए. जीवन का सुख-दुख कर्म पर ही निर्भर करता है. बिना कर्म किये सिर्फ ईश्वर को शरणागत होने से ही सुख की प्राप्ति संभव नहीं है. उपरोक्त बातें नगर पंचायत के बस स्टैंड अवस्थित सेंट्रल पब्लिक स्कूल परिसर में चल रहे तीन दिवसीय रामकथा प्रवचन समारोह के अंतिम दिन श्रद्धालुओं के बीच प्रवचन की अमृतवर्षा करते हुए स्वामी वैराग्यानंद जी परमहंस ने कहीं.

स्वामी जी ने कहा कि ईश्वर भक्ति, शांति व अाध्यात्मिक शक्ति के बिना मानव का जीवन बेकार है. उन्होंने कहा कि जिस घर में शांति नहीं है, वहां ईश्वर का वास नहीं होता है एवं छली, कपटी व दुगुर्णों से पूर्ण व्यक्ति भी ईश्वर के शरणागत होने से अच्छे गुणोंवाला इनसान बन जाता है. स्वामी जी ने एक प्रसंग की व्याख्या करते हुए कहा कि हर इनसान को ईश्वर भक्ति में जोंक जैसी तन्मयता व कछुए जैसा ध्यान होना चाहिए.

प्रवचन के अंतिम दिन प्रवचन के बाद स्वामी जी को अंगवस्त्र देकर श्रद्धालुओं ने विदा किया. अंतिम दिन के प्रवचन में मोहन शंकर प्रसाद, सीता राम प्रसाद, हरेश प्रसाद, हरिचरण प्रसाद, रामजंगल सिंह कॉलेज के सचिव अशोक सिंह, सुनील सिंह, कमलेश दूबे, जीवन सिंह समेत दर्जनों गण्यमान्य लोग शरीक हुए.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन