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दो सप्ताह बाद घोड़परास और जंगली सूअरों को नष्ट करेंगे शूटर

Updated at : 08 Aug 2024 1:23 AM (IST)
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दो सप्ताह बाद घोड़परास और जंगली सूअरों को नष्ट करेंगे शूटर

जमुई, बांका, गया, नवादा व औरंगाबाद में कम हुई धान की रोपनी

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– जमुई, बांका, गया, नवादा व औरंगाबाद में कम हुई धान की रोपनी – किसानों को पटवन के लिए 150 करोड़ रुपये डीजल अनुदान देगी सरकार: कृषि मंत्री संवाददाता, पटना कृषि मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि राज्यभर में जंगली सूअरों के आतंक से किसान आलू की खेती कम कर रहे हैं. घोड़परास खड़ी फसलों और बीज उत्पादन में बाधा बन रहे हैं. बिहार के अधिकांश इलाकों से किसान इसकी शिकायत कर रहे हैं. अब दो सप्ताह के बाद इन जंगली सूअरों और घोड़परासों को नष्ट किया जायेगा. वन विभाग में लिस्टेड शूटर इन जंगली पशुओं को नष्ट करेंगे. पटना के सूचना भवन में बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री बोल रहे थे. मंत्री ने बताया कि 30 जिलों में 2 लाख 95 हजार 866 घोड़परास और 67 हजार 255 जंगली सूअरों के आतंक से किसान परेशान हैं. कहा कि बंदरों को भगाने पर भी विभाग विचार करेगा. मौके पर कृषि सचिव संजय अग्रवाल, निदेशक , कृषि निदेशक मुकेश कुमार लाल, प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य बीज निगम डॉ आलोक रंजन घोष, निदेशक उद्यान अभिषेक कुमार, शैलेंद्र कुमार आदि मौजूद थे. राज्यभर में हुई 81 फीसदी धान की रोपनी मंत्री मंगल पांडेय ने बताया कि पूरे राज्य में 36.54 लाख हेक्टेयर में धान की खेती का लक्ष्य रखा गया है. इसमें 29.65 लाख हेक्टेयर में धान की रोपनी हो गयी. पूरे राज्यभर में लगभग 81 फीसदी धान की रोपनी हो चुकी है. कटिहार, सहरसा, किशनगंज, गोपालगंज और अररिया में सर्वाधिक सौ फीसदी से अधिक धान रोपे जा चुके हैं. जमुई में 46 फीसदी बांका में 49, गया व नवादा में 54, औरंगाबाद में 55 प्रतिशत ही धान की रोपनी हो सकी है. मंत्री ने बताया कि बारिश की खराब स्थिति को देखते हुए डीजल अनुदान देने की प्रक्रिया शुरू की गयी है. इसके लिए 150 करोड़ रुपये आवंटित कर दिये गये हैं. अब तक 32 हजार किसानों ने आवेदन किया है. 10 से 12 लाख रुपये का भुगतान किया गया है. बीज उत्पादन नीति बना रहा विभाग मंत्री ने बताया कि हाइब्रिड बीज के उत्पादन और मार्केटिंग के लिए विभाग की ओर से नीति बनायी जा रही है. इससे राज्य में ही बीज उत्पादित होंगे. इससे बीज का मूल्य कम हो जायेगा. दलहन, तेलहन विकास, कोल्ड स्टोरेज, बागवानी की उपलब्धियां और आगामी कार्यक्रमों की मंत्री ने जानकारी दी.

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