बिना चालान एक ट्रैक्टर बालू पर लगेगा 5 लाख का जुर्माना, झारखंड सरकार ने बदली लघु खनिज नियमावली
Published by : Sameer Oraon Updated At : 15 May 2026 5:30 AM
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, Pic Credit- X
Jharkhand Sand Rules 2026: झारखंड सरकार ने लघु खनिज नियमावली में संशोधन कर सरकारी ठेकेदारों के लिए रॉयल्टी पर बालू लेने की सुविधा खत्म कर दी है. अब उन्हें बाजार दर पर चालान लेकर ही बालू उठाना होगा, अन्यथा 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है.
Jharkhand Sand Rules 2026, रांची, (सुनील चौधरी की रिपोर्ट): झारखंड सरकार ने सरकारी निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाले बालू और अन्य लघु खनिजों की आपूर्ति व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है. अब राज्य में किसी भी सरकारी निर्माण कार्य (सड़क, भवन आदि) के लिए बालू केवल आधिकारिक चालान के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकेगा. ‘झारखंड लघु खनिज समनुदान नियमावली 2004’ में संशोधन कर इस नए प्रावधान को लागू कर दिया गया है. खान निदेशालय ने सभी जिलों को संशोधित नियमावली भेजकर इसके अनुरूप कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
अब बाजार दर पर ही बालू लेंगे ठेकेदार
नई नियमावली के लागू होने से अब सरकारी ठेकेदारों को मिलने वाली विशेष छूट खत्म कर दी गई है. पहले सरकारी निर्माण के लिए ठेकेदार केवल रॉयल्टी का दोगुना भुगतान (लगभग 380 रुपये प्रति 100 CFT) करके कहीं से भी बालू उठा लेते थे. लेकिन अब ठेकेदारों को बालू घाट के डीलर से उसी बाजार दर पर बालू खरीदना होगा, जिस पर आम जनता खरीदती है. डीलर द्वारा जारी चालान के बिना बालू का उठाव अवैध माना जाएगा.
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अवैध उठाव पर भारी जुर्माने का प्रावधान
झारखंड सरकार ने अवैध बालू के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए दंडात्मक कार्रवाई को बेहद सख्त कर दिया है. यदि बिना चालान के एक ट्रैक्टर बालू या गिट्टी भी पकड़ी जाती है, तो 5 लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है. बिना वैध चालान के पाए जाने वाले किसी भी लघु खनिज को अब पूरी तरह से अवैध करार दिया जाएगा.
संशोधन की मुख्य वजहें
खान विभाग द्वारा नियमावली में इस बदलाव के पीछे दो प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं. इसके मुताबिक विभाग को सूचना मिली थी कि सरकारी काम के नाम पर ठेकेदार भारी मात्रा में बालू उठाकर उसे खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेच रहे थे. दूसरा ये कि बालू घाटों की नीलामी के बाद घाट संचालकों (डीलरों) ने शिकायत की थी कि उनकी लागत अधिक है, ऐसे में ठेकेदार कम कीमत (केवल रॉयल्टी) पर बालू कैसे ले सकते हैं.
महत्वपूर्ण बदलाव एक नजर में
- अब ठेकेदारों को अधिकृत डीलर से ही लघु खनिज लेना होगा.
- पहले 1.90 रुपये प्रति CFT रॉयल्टी की व्यवस्था थी, जो अब प्रभावी नहीं रहेगी.
- सरकारी निर्माण और निजी निर्माण के लिए बालू की दरें अब एक समान होंगी.
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By Sameer Oraon
समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.
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