बिहार प्रदेश कांग्रेस में नये विवाद की आहट, विरोधाभास के बीच हो रहा राज्य प्रतिनिधि सम्मेलन
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 09 Oct 2017 10:47 AM
पटना : बिहार प्रदेश कांग्रेस और विवादों का नाता बहुत दिनों तक जारी रहने की संभावना है. बिहार की राजनीति में पुनर्जन्म का सुख भोग रही कांग्रेस सत्ता से अलग होने के बाद अपने अंदरूनी कलह से जूझ रही है. इस बीच प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कादरी के बनने के बाद रोजाना कोई न […]
पटना : बिहार प्रदेश कांग्रेस और विवादों का नाता बहुत दिनों तक जारी रहने की संभावना है. बिहार की राजनीति में पुनर्जन्म का सुख भोग रही कांग्रेस सत्ता से अलग होने के बाद अपने अंदरूनी कलह से जूझ रही है. इस बीच प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कादरी के बनने के बाद रोजाना कोई न कोई बयान हवा में तैर रहे हैं. कांग्रेस को करीब से जानने वाले लोग बताते हैं कि अशोक चौधरी अपने अभियान में लगे हुए हैं. कुछ कहा नहीं जा सकता कि क्या हो सकता है. काकब कादरी से पार्टी के 27 विधायकों में से ज्यात्तर विधायक नाराज चल रहे हैं. अशोक चौधरी के गुट वाले विधायक कोई बयान भले न दें, लेकिन अंदर ही अंदर कादरी से पूरी तरह अलग चल रहे हैं. उधर, कादरी का कहना है कि पार्टी के भीतर किसी भी तरह का कोई विवाद नहीं है. आज बिहार प्रदेश कांग्रेस के राज्य प्रतिनिधियों का सम्मेलन बुलाया गया है. कार्यकारी अध्यक्ष की मानें, तो इसमें पार्टी के सभी नेता विधायक और सांसद भाग लेंगे.
इससे पूर्व, पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश प्रसाद सिंह, विधायक भावना झा, पूर्व एमएलसी ज्योति और पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रेमचंद मिश्र की उपस्थिति में रविवार को मीडिया से बातचीत में कादरी ने कहा कि हमारे यहां चल रही संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और पार्टी के निर्वाचन अधिकारी प्रदीप भट्टाचार्य, सभी वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक, विधान पार्षद, जिला अध्यक्ष और चुने हुए प्रतिनिधि कल आयोजित होने वाले राज्य प्रतिनिधि सम्मेलन में भाग लेंगे. पार्टी के प्रतिनिधियों के चुनाव को लेकर विरोधाभास होने के बारे में पूछे जाने पर कादरी ने कहीं भी किसी भी स्तर पर विरोधाभास होने से इंकार करते हुए कहा कि जिला अध्यक्षों से उनकी बात हुई है, जिन्होंने काम किया है वे आगे भी काम करेंगे और जहां बदलाव की जरुरत होगी वहां बदले जाएंगे. लेकिन अभी यथास्थिति बनी रहेगी.
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अशोक चौधरी के साथ विरोधाभास और उनकी टीम में शामिल रहे लोगों की आज के प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अनुपस्थिति के बारे में पूछे जाने पर कादरी ने कहा कि उनसे हमारा कोई विरोधाभास नहीं है और उन्हें कल की बैठक को लेकर सूचित भी किया गया है तथा उसमें उन्हें शामिल होना चाहिए. उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के महागठबंधन छोडकर भाजपा के साथ राजग सरकार का गठन करने के बाद से कांग्रेस के एक गुट के टूटकर जदयू में शामिल होने की चर्चाओं के बीच पार्टी आलाकमान ने तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष अशोक चौधरी को हटाकर कादरी को पार्टी की प्रदेश इकाई का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। महागठबंधन में जदयू, राजद और कांग्रेस शामिल थे. कादरी ने कहा कि पार्टी से ऊपर कोई नेता और व्यक्ति नहीं है. आलाकमान के ऊपर कोई भी नेता अगर टीका टिप्पणी करेगा, पार्टी में गतिरोध और दल को कमजोर करने की कोशिश करेगा तो चाहे वह कितना भी बडा नेता हो, वह उनपर अनुशासनात्मक कार्वाई करेंगे. आलाकमान से पार्टी के विरोधोभास को लेकर चर्चा के बारे में पूछे जाने पर कादरी ने कहा कि ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है.
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