अररिया में स्कूल से दूर बच्चों को मुख्यधारा में जोड़ने की बड़ी तैयारी, डीएम ने दिया सख्त निर्देश
Published by : Pratyush Prashant Updated At : 15 May 2026 11:03 AM
जिला प्रशासन के साथ अधिकारियों की बैठक
Araria News: अररिया में अब कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए जिला प्रशासन ने बड़ी पहल शुरू की है. ईंट-भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों के बच्चे, बाल श्रमिक और पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा.
Araria News: अररिया से पंकज कुमार की रिपोर्ट. जिले में शिक्षा व्यवस्था को अधिक समावेशी और मजबूत बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने स्कूल से बाहर रह रहे बच्चों की पहचान और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने की कवायद तेज कर दी है.
बिहार शिक्षा परियोजना जिला कार्यकारिणी समिति की 21वीं बैठक में जिलाधिकारी विनोद दूहन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और यह सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है कि कोई भी बच्चा विद्यालय से बाहर न रहे.
ईंट-भट्ठों और मजदूर परिवारों के बच्चों पर फोकस
बैठक में विशेष रूप से प्रवासी मजदूर परिवारों के बच्चों, ईंट-भट्ठों पर काम करने वाले परिवारों के बच्चों और बाल मजदूरी से मुक्त कराए गए बच्चों की शिक्षा को लेकर चिंता जताई गई. जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे बच्चों की पहचान के लिए विशेष सर्वे अभियान चलाया जाए.
उन्होंने कहा कि निर्माण स्थलों और असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले परिवारों के बच्चों के लिए अलग रणनीति बनानी होगी ताकि उन्हें स्कूलों से जोड़ा जा सके और उनकी पढ़ाई नियमित रूप से जारी रह सके.
बाल मजदूरी से मुक्त बच्चों के लिए बनेगी खास व्यवस्था
डीएम ने कहा कि बाल मजदूरी से मुक्त कराए गए बच्चों के लिए शिक्षा में पुनर्वास की ठोस व्यवस्था जरूरी है. अगर ऐसे बच्चों को समय पर शिक्षा से नहीं जोड़ा गया तो वे दोबारा श्रम के दायरे में जा सकते हैं.
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे बच्चों की पढ़ाई, काउंसलिंग और नियमित निगरानी की व्यवस्था की जाए ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रह सके.
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर भी रहेगा जोर
बैठक में यह भी कहा गया कि शिक्षा सिर्फ नामांकन तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों की नियमित उपस्थिति, सीखने की गुणवत्ता और समग्र विकास पर भी ध्यान देना जरूरी है.
जिलाधिकारी ने विद्यालयों में खेल सामग्री, पुस्तकालय, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और बैठने की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. साथ ही शिक्षकों की कार्य आधारित रैंकिंग तैयार करने और बायोमेट्रिक उपस्थिति की निगरानी को भी जरूरी बताया.
शिक्षकों की जवाबदेही होगी तय
बैठक में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा भी की गई. डीएम ने पिछले वित्तीय वर्ष में देर से स्कूल पहुंचने वाले शिक्षकों पर हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी और शिक्षा विभाग के सभी कर्मियों की अप्रैल माह की बायोमेट्रिक उपस्थिति रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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