भरगामा के आदर्श मध्य विद्यालय में चारदीवारी नहीं होने से सुरक्षा भगवान भरोसे

बैठक मे उपस्थित अध्यक्ष व सचिव | Prabhat Khabar Network
भरगामा प्रखंड के सिरसिया कला स्थित आदर्श मध्य विद्यालय में चारदीवारी न होने से सुरक्षा व्यवस्था चरमरा गई है. खुले परिसर से बाहरी लोगों और पशुओं की आवाजाही से पढ़ाई बाधित हो रही है और छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
भरगामा प्रखंड क्षेत्र के सिरसिया कला स्थित आदर्श मध्य विद्यालय में चारदीवारी (बाउंड्री वॉल) नहीं रहने के कारण विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. विद्यालय परिसर पूरी तरह खुला रहने से दिनभर बाहरी लोगों और आवारा पशुओं की बेरोकटोक आवाजाही बनी रहती है. इससे न केवल पठन-पाठन का माहौल बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, बल्कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है.
शिक्षा समिति की बैठक में गूंजा सुरक्षा का मुद्दा
इसी ज्वलंत समस्या के समाधान और प्रशासनिक ध्यान आकृष्ट करने के लिए विद्यालय शिक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. समिति के अध्यक्ष निर्मल कुमार झा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विद्यालय की वर्तमान स्थिति और सुरक्षा से जुड़े खतरों पर विस्तार से चर्चा की गई. अंत में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर शिक्षा विभाग से विद्यालय की चारदीवारी का शीघ्र निर्माण कराने की पुरजोर मांग की गई.
असामाजिक तत्वों का डेरा और मवेशियों का विचरण
बैठक में उपस्थित समिति के सदस्यों और प्रबुद्ध नागरिकों ने खुले परिसर से होने वाले नुकसानों को रेखांकित किया:
- संपत्ति को नुकसान: चारदीवारी नहीं होने के कारण रात के समय विद्यालय परिसर में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे स्कूल की खिड़की, दरवाजे और अन्य सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका हमेशा बनी रहती है.
- बाधित होती पढ़ाई: दिन के समय परिसर में मवेशियों के विचरण और अनावश्यक लोगों की आवाजाही से कक्षा में पढ़ रहे बच्चों का ध्यान भटकता है और शिक्षण कार्य प्रभावित होता है.
- बेटियों की सुरक्षा: सबसे बड़ी चिंता छात्राओं की सुरक्षा को लेकर है, क्योंकि खुला परिसर होने के कारण कोई भी बाहरी व्यक्ति आसानी से स्कूल के कमरों तक पहुंच जाता है.
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सुरक्षित माहौल जरूरी: प्रधानाध्यापक
बैठक को संबोधित करते हुए आदर्श मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक सरोज कुमार ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सबसे पहली शर्त एक सुरक्षित और अनुशासित वातावरण है.
चारदीवारी का निर्माण होने से न केवल विद्यालय परिसर सुरक्षित होगा, बल्कि बाहरी हस्तक्षेप पूरी तरह बंद होने से स्कूल में अनुशासन कायम रहेगा, जिससे बच्चों को एक बेहतर और भयमुक्त शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा.
अनदेखी पर अप्रिय घटना की चेतावनी
बैठक में समिति की सचिव गीता देवी सहित अन्य सदस्यों ने भी एक स्वर में शिक्षा विभाग और संबंधित जिला स्तरीय अधिकारियों से अविलंब बजटीय स्वीकृति देकर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की.
समिति के सदस्यों ने कड़े लहजे में कहा कि यदि समय रहते विभाग द्वारा इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई, तो भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना से इनकार नहीं किया जा सकता, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी. बैठक का समापन विद्यालय के समुचित विकास और सुरक्षा व्यवस्था को हर स्तर पर मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ.
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लेखक के बारे में
By राष्ट्रभूषण पिंटू
राष्ट्रभूषण पिंटू प्रिंट माध्यम में 12 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. भरगामा (अररिया) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.
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