डीईओ का बड़ा एक्शन, बच्चों से बेंच लगवाने वाली विशिष्ट शिक्षिका और HM को 24 घंटे का अल्टीमेटम

बैंच की पुल से जाती शिक्षिका
जोगबनी के प्राथमिक विद्यालय खजूरबाड़ी का वीडियो वायरल होने के बाद जिला शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है. बच्चों से गंदे पानी में बेंच लगवाने वाली शिक्षिका को 24 घंटे में जवाब देने का नोटिस जारी किया गया है.
जोगबनी नगर परिषद के वार्ड संख्या 11 स्थित प्राथमिक विद्यालय खजूरबाड़ी का शर्मनाक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अररिया जिला शिक्षा विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में है. भाजपा जिला कोषाध्यक्ष सह मुख्य पार्षद प्रतिनिधि रोहित यादव द्वारा इस मामले की शिकायत जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) से किए जाने के बाद, विभाग ने इसे गंभीरता से लिया है. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ने स्कूल के प्रधान शिक्षक (HM) को पत्र भेजकर 24 घंटे के भीतर जवाब तलब किया है.
क्या था पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए इस वीडियो में प्राथमिक विद्यालय खजूरबाड़ी का प्रांगण पूरी तरह जलमग्न दिख रहा है. वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि घुटने भर गंदे पानी में खड़े होकर छोटे-छोटे मासूम बच्चे स्कूल की विशिष्ट शिक्षिका श्रीमती अफसाना प्रवीण के लिए बेंच लगा रहे हैं.
शिक्षिका महोदया खुद पानी में पैर न रखते हुए, बच्चों द्वारा लगाए गए बेंचों पर चढ़कर 'वीआईपी' अंदाज में स्कूल के भीतर प्रवेश कर रही हैं, जबकि बच्चे उसी कीचड़ और पानी को पार कर आने-जाने को मजबूर हैं.
डीईओ ने माना आरटीई एक्ट का उल्लंघन, मांगी रिपोर्ट
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), अररिया संदीप रंजन ने स्कूल के प्रधान शिक्षक को कड़ा पत्र जारी किया है:
- गैर-जिम्मेदाराना रवैया: पत्र में कहा गया है कि वायरल वीडियो से साफ है कि प्रधान शिक्षक अपने दायित्वों का निर्वहन उचित तरीके से नहीं कर रहे हैं.
- कानून का उल्लंघन: स्कूली बच्चों से बेंच की दुलाई करवाना और इतने भारी जलजमाव के बीच बच्चों को स्कूल बुलाना 'शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2011' के नियमों के बिल्कुल प्रतिकूल है.
- अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी: विभाग ने आदेश दिया है कि 24 घंटे के अंदर दोषी शिक्षिका श्रीमती अफसाना प्रवीण से स्पष्टीकरण लें और तथ्यपरक साक्ष्यों के साथ अपना जवाब जिला कार्यालय में जमा करें. ऐसा न करने पर दोनों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी.
"शिक्षकों की यह मानसिकता बर्दाश्त नहीं": रोहित यादव
इस पूरे मामले को उजागर करने और अधिकारियों तक पहुंचाने वाले भाजपा जिला कोषाध्यक्ष सह मुख्य पार्षद प्रतिनिधि रोहित यादव ने शिक्षकों के इस व्यवहार पर गहरा क्षोभ प्रकट किया है.
"यह बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है. एक तरफ जहां बिहार सरकार बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और बेहतर शिक्षा के लिए करोड़ों रुपये की योजनाएं चला रही है, वहीं प्राथमिक विद्यालय खजूरबाड़ी का यह नजारा शिक्षकों की संवेदनहीन मानसिकता को दर्शाता है. बच्चों को शिक्षा देने वाले ही अगर उनसे मजदूरी कराएंगे, तो समाज में क्या संदेश जाएगा? मैंने अधिकारियों से मांग की है कि इस मामले में अविलंब ऐसी ठोस कार्रवाई की जाए जो नजीर बने." — रोहित यादव, मुख्य पार्षद प्रतिनिधि सह भाजपा जिला कोषाध्यक्ष, अररिया
प्रशासनिक हलचल तेज:
शिक्षा विभाग की इस त्वरित कार्रवाई के बाद प्रखंड के अन्य सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और प्रबंधकों में भी हड़कंप मच गया है. स्थानीय अभिभावकों ने विभाग के इस कदम का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि अब स्कूल में जलजमाव की समस्या का भी कोई स्थाई समाधान निकाला जाएगा.
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लेखक के बारे में
By सुदीप भारती
सुदीप भारती प्रिंट माध्यम में 12 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सिकटी (अररिया) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.
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