सैफगंज–सुकेला सड़क पर पुल निर्माण को लेकर विवाद गहराया, सांसद प्रदीप सिंह ने किया निरीक्षण
फोटो- पुराने पुल का निरीक्षण करते सांसद प्रदीप कुमार सिंह
अररिया के भरगामा प्रखंड में पुल निर्माण को लेकर ग्रामीणों और सिंचाई विभाग में विवाद गहरा गया है. सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है. सड़क चौड़ी पर पुल संकरा रहने से भविष्य में आवागमन बाधित होने की आशंका जताई जा रही है.
Araria Bridge Dispute: अररिया जिले के भरगामा प्रखंड में निर्माणाधीन सैफगंज–सुकेला मुख्य सड़क पर बेलसारा वितरणी नहर स्थित पुल के निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है. स्थानीय लोगों की शिकायत पर अररिया सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने बुधवार देर शाम निर्माण स्थल का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने सिंचाई (कोसी) विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली और तकनीकी पहलुओं की जांच कराने का निर्देश दिया.
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ग्रामीणों ने नए पुल की उठाई मांग
ग्रामीणों ने सांसद को बताया कि सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत इस स्थान पर नया पुल बनाया जाना चाहिए था, लेकिन सिंचाई विभाग एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) का हवाला देकर पुराने जर्जर पुल की मरम्मत करा रहा है. उनका आरोप है कि विभाग केवल विंग वॉल का निर्माण कर औपचारिकता पूरी कर रहा है, जिससे भविष्य में बड़ी समस्या उत्पन्न हो सकती है.
अधिकारियों से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
निरीक्षण के दौरान सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने संबंधित एसडीओ और कनीय अभियंता से दूरभाष पर बातचीत कर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली. उन्होंने अधिकारियों को तकनीकी मानकों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि भविष्य में सड़क और पुल को लेकर कोई समस्या न रहे.
सड़क चौड़ी, पुल संकरा होने पर जताई चिंता
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता यशवंत कुणाल उर्फ सुमन सिंह ने बताया कि वर्तमान पुल काफी पुराना और क्षतिग्रस्त है. इसकी चौड़ाई लगभग 10 फीट है, जबकि निर्माणाधीन सड़क 18 फीट से अधिक चौड़ी बनाई जा रही है. ऐसे में यदि पुराने पुल को ही बरकरार रखा गया तो सड़क चौड़ी होने के बावजूद पुल संकरा रह जाएगा, जिससे बड़े वाहनों के आवागमन में कठिनाई होगी और एक समय में केवल एक दिशा से ही वाहन गुजर सकेंगे.
करोड़ों की परियोजना में गुणवत्ता पर उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं. ऐसे में पुल का निर्माण भी उसी मानक के अनुरूप होना चाहिए. उनका कहना है कि यदि अभी तकनीकी विसंगतियों को दूर नहीं किया गया तो भविष्य में यातायात प्रभावित होगा और दोबारा सरकारी धन खर्च करना पड़ेगा.
संयुक्त निरीक्षण की मांग
Araria Bridge Dispute: स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, पथ निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग से संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण कर सड़क की चौड़ाई के अनुरूप नए पुल का निर्माण कराने की मांग की है. उनका कहना है कि समय रहते उचित निर्णय लिया गया तो भविष्य में क्षेत्रवासियों को बेहतर और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी.
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