फारबिसगंज के जर्जर भवन में चल रहा टीबी यूनिट, खतरे के बीच इलाज कराने को मजबूर मरीज
Published by : Pratyush Prashant Updated At : 15 May 2026 10:46 AM
जर्जर भवन में चल रहा यूनिट का का तस्वीर
TB Unit Crisis: फारबिसगंज अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में संचालित टीबी यूनिट खुद गंभीर बदहाली का शिकार है. छत से गिरते गिट्टी-पत्थर और टपकते पानी के बीच स्वास्थ्यकर्मी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं, जबकि मरीज इलाज और जांच के लिए रोज यहां पहुंचने को मजबूर हैं.
TB Unit Crisis: अररिया के फारबिसगंज से मो कलीमुद्दीन की रिपोर्ट . फारबिसगंज अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में स्थित पुराने जर्जर भवन में टीबी यूनिट का संचालन किया जा रहा है. भवन की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि छत से लगातार गिट्टी और प्लास्टर गिर रहा है.
इसके बावजूद यहां रोजाना दर्जनों टीबी मरीज जांच और इलाज के लिए पहुंचते हैं. सबसे बड़ी चिंता यह है कि निक्षय पोषण योजना की राशि भी मरीजों के खातों में नहीं पहुंच रही, जिससे मरीज लगातार अस्पताल और टीबी यूनिट का चक्कर लगाने को मजबूर हैं.
खतरे के साये में चल रही जांच और इलाज
बताया जा रहा है कि जिस भवन में सिबिनेट लैब संचालित हो रही है, वहां की छत पूरी तरह जर्जर हो चुकी है. बरसात के दिनों में पानी टपकता है और बिजली की वायरिंग भी बेहद खराब स्थिति में है. इतना ही नहीं, भवन में पीने के पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं है. जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर कर्मचारियों को बाहर से पानी लाना पड़ता है.
टीबी यूनिट में हर दिन 15 से 20 मरीजों के बलगम की जांच सिबिनेट, माइक्रोस्कोपिक और ट्रूनेट मशीन से की जाती है. यहां सीनियर टीबी लेबोरेटरी सुपरवाइजर उदय चंद पासवान, सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर मो. असीम, अशोक कुमार सिंह और लैब टेक्नीशियन योगेश पासवान मरीजों की जांच में जुटे रहते हैं.
इस साल अब तक 388 मरीजों का चल रहा उपचार
टीबी यूनिट में इस वर्ष 1 जनवरी से 15 मई 2026 तक कुल 388 मरीजों का इलाज चल रहा है. वहीं वर्ष 2025 में कुल 476 मरीज टीबी पॉजिटिव पाए गए थे, जिनका उपचार इसी यूनिट में किया गया था. लगातार बढ़ते मरीजों के बावजूद भवन की बदहाल स्थिति को लेकर अब तक ठोस कदम नहीं उठाया गया है.
निक्षय पोषण योजना की राशि के लिए भटक रहे मरीज
टीबी मरीजों का आरोप है कि सरकार की निक्षय पोषण योजना के तहत मिलने वाली छह हजार रुपये की सहायता राशि अब तक उनके खातों में नहीं पहुंची है. मरीजों का कहना है कि वे कई बार टीबी यूनिट और अस्पताल का चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा.
क्या बोले अस्पताल प्रभारी
रेफरल अस्पताल प्रभारी डॉ. राजीव कुमार बसाक ने बताया कि जर्जर भवन की समस्या को लेकर विभाग को लिखित जानकारी भेजी जा चुकी है. उन्होंने कहा कि जल्द नया भवन बनने की संभावना है. साथ ही निक्षय पोषण योजना की राशि मरीजों के खातों में भेजने के लिए जिला स्तर पर सूची भी भेज दी गयी है.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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