अररिया का मिनी देवघर, रानीगंज का बाबा इंदु मटेश्वर महादेव मंदिर
Published by : Pratyush Prashant Updated At : 15 May 2026 8:36 AM
Baba Indu Mateshwar Mahadev Temple
Aaj Ka Darshan: अररिया. बिहार के सीमावर्ती जिले अररिया में एक ऐसा शिवालय है जिसकी ख्याति सात समंदर पार न सही, लेकिन सरहद पार नेपाल तक जरूर फैली है. रानीगंज प्रखंड के बसेठी गांव में स्थित 'बाबा इंदु मटेश्वर महादेव मंदिर' केवल पत्थरों और नक्काशी का ढांचा नहीं, बल्कि लाखों शिवभक्तों की अटूट आस्था का जीवंत केंद्र है. यहाँ की मिट्टी में महादेव के जयकारों की ऐसी गूंज है कि सावन के महीने में पूरा इलाका केसरिया रंग में रंगा नजर आता है.
Aaj Ka Darshan: अररिया से राहुल सिंह की रिपोर्ट. अररिया जिले के रानीगंज प्रखंड स्थित बसेठी गांव का Baba Indu Mateshwar Mahadev Temple शिवभक्तों की गहरी आस्था का केंद्र बना हुआ है. सदियों पुराने इस मंदिर में हर दिन भक्तों की भीड़ उमड़ती है, लेकिन सावन, महाशिवरात्रि और सोमवार के दिन यहां का नजारा पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है.
मंदिर परिसर में सुबह से ही ‘हर हर महादेव’ के जयघोष गूंजने लगते हैं. श्रद्धालु जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आते हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि बाबा इंदु मटेश्वर महादेव के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है.
इतिहास के धुंधले पन्नों में दर्ज है मंदिर की पहचान
स्थानीय लोगों और प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार बसेठी गांव का यह शिव मंदिर ऐतिहासिक महत्व रखता है. हालांकि मंदिर की स्थापना कब हुई और इसे किसने बनवाया, इसका कोई आधिकारिक शिलालेख या सरकारी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है.
इसके बावजूद मंदिर की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है. ग्रामीण बताते हैं कि यह स्थान पीढ़ियों से शिवभक्तों की आस्था का केंद्र रहा है और यहां वर्षों से पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है.
सावन में दिखता है अद्भुत शिवमय नजारा
सावन की पहली सोमवारी से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगती है. Nepal समेत आसपास के तमघट्टी, पहुंसरा, नढकी, गुणवंती, उफरैल, बौसी, फरकिया, नंदनपुर, मिर्जापुर, गितवास, खरहट, हसनपुर और बरबन्ना जैसे दर्जनों गांवों से हजारों लोग यहां जलाभिषेक करने पहुंचते हैं.
भक्त गंगाजल और पवित्र जल चढ़ाकर भगवान शिव से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं. मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्ति गीत और मंत्रोच्चार का माहौल बना रहता है.
नेपाल से भी पहुंचते हैं श्रद्धालु
मंदिर की प्रसिद्धि सीमावर्ती क्षेत्रों तक फैली हुई है. नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर पूजा-अर्चना और चढ़ावा अर्पित करते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से भारत-नेपाल की सांस्कृतिक आस्था का यह केंद्र लोगों को जोड़ने का काम कर रहा है.
श्रद्धालुओं के अनुसार बाबा इंदु मटेश्वर महादेव का दरबार लोगों की आस्था और विश्वास का ऐसा केंद्र है, जहां हर भक्त को आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है.
Also Read:Kosi River Tragedy: कोसी की लहरों से चार दिन बाद मिला युवक का शव, गांव में मचा कोहराम
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










