Hajipur News : बाल श्रम उन्मूलन हेतु विशेष छापामारी अभियान, एक बाल श्रमिक विमुक्त

Published by : YUVRAJ RATAN Updated At : 15 May 2026 8:44 AM

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बाल श्रमिक को विमुक्त कराते पदाधिकारी

Hajipur News : बाल श्रम उन्मूलन हेतु विशेष छापामारी अभियान, एक बाल श्रमिक विमुक्त, नियोजक पर दर्ज हुई प्राथमिकी

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Hajipur News (अभिषेक शाश्वत) : श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के दिशा-निर्देश तथा डीएम के मार्गदर्शन में जिले में बाल श्रम उन्मूलन हेतु लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इसी क्रम में गुरुवार को जिला स्तरीय गठित धावा दल द्वारा हाजीपुर प्रखंड क्षेत्र में छापामारी अभियान चलाकर 01 बाल श्रमिक को विमुक्त कराया गया.

तत्काल बाल श्रमिक को मुक्त कराया गया

धावा दल द्वारा हाजीपुर स्थित राजेन्द्र चौक के समीप संचालित ‘मेसर्स पाल स्वीट्स’ प्रतिष्ठान में निरीक्षण किया गया, जहां नियोजक प्रेम कुमार द्वारा एक बाल श्रमिक से कार्य कराया जा रहा था. जांच के दौरान बाल श्रमिक से पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि उसे नियमानुसार न्यूनतम मजदूरी का भुगतान भी नहीं किया जा रहा था. तत्पश्चात बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम प्रावधानों के तहत उक्त बाल श्रमिक को तत्काल विमुक्त कराया गया.

नियोजक पर दर्ज हुई प्राथमिकी

श्रम अधीक्षक शशि कुमार सक्सेना ने बताया कि विमुक्त कराये गए बाल श्रमिक को अग्रेतर कार्रवाई हेतु बाल कल्याण समिति, हाजीपुर के समक्ष प्रस्तुत कर सुपुर्द कर दिया गया है. साथ ही संबंधित नियोजक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने एवं अन्य विधिसम्मत कार्रवाई करने का निर्देश संबंधित क्षेत्र के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी को दिया गया है.

20 से 50 हजार का जुर्माना और छह माह से दो वर्षों तक कारावास की है सजा

इन्होंने बताया कि बाल श्रम करवाने वाले नियोजकों के विरुद्ध कानून के तहत 20 हजार रुपये से 50 हजार रुपये तक जुर्माना अथवा छह माह से दो वर्ष तक कारावास या दोनों का प्रावधान है. इसके अतिरिक्त सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एमसी मेहता बनाम तमिलनाडु सरकार मामले में पारित आदेश के आलोक में प्रति बाल श्रमिक 20 हजार रुपये बाल श्रमिक पुनर्वास कोष में जमा कराना भी अनिवार्य है. साथ ही न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के अंतर्गत भी संबंधित नियोजकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी.

मुख्यमंत्री राहत कोष से 25 हजार दिए जाएंगे

विमुक्त बाल श्रमिकों के पुनर्वास हेतु सरकार द्वारा विभिन्न सहायता योजनाएं संचालित हैं. पात्र बाल श्रमिकों को तत्काल आर्थिक सहायता के रूप में तीन हजार रुपये की राशि उनके बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी तथा मुख्यमंत्री राहत कोष से 25 हजार रुपये प्रति बाल श्रमिक की दर से उनके नाम से फिक्स्ड डिपॉजिट कराया जाएगा. साथ ही शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य संबंधित विभागों द्वारा विमुक्त बाल श्रमिकों एवं उनके परिवारों को विभागीय योजनाओं से आच्छादित किया जाएगा.

श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सहित पुलिस पदाधिकारियों ने मारा था छापा

उक्त छापामारी दल में संजीत कुमार चौधरी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी हाजीपुर, अंकित राज श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी गोरौल, नेहा कुमारी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी भगवानपुर, दीपू कुमार मिश्रा श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी बिदुपुर तथा नगर थाना हाजीपुर के पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे.

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