बिहार के धनकुबेर इंजीनियर के पास करोड़ों की जमीनें, पेट्रोल पंप, विदेश में बंगला, जानिए रेड में और क्या-क्या मिला
Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 18 Mar 2026 7:00 AM
छापेमारी के दौरान EOU की टीम
Bihar News: बिहार में बिजली विभाग के एक इंजीनियर पर EOU ने बड़ी कार्रवाई की है. छापेमारी में करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ है. 7 ठिकानों पर हुई कार्रवाई में जमीन, गोदाम और नेपाल तक फैले निवेश के सबूत मिले हैं.
Bihar News: नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के जयनगर (मधुबनी) में तैनात एग्जीक्यूटिव इंजीनियर मनोज कुमार रजक पर EOU की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है. टीम ने एक साथ 7 ठिकानों पर छापेमारी की. शुरुआती जांच में करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ है.
3 करोड़ से ज्यादा की जमीन के दस्तावेज मिले
छापेमारी के दौरान EOU को 17 जमीन और भूखंड के दस्तावेज मिले हैं. इनकी बाजार कीमत 3 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है. ये संपत्तियां अररिया, सुपौल, दरभंगा और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से जुड़ी हैं.
कैश और बैंक बैलेंस भी मिला
जांच में 1.05 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं. इसके अलावा अलग-अलग बैंकों में 4.25 लाख रुपये जमा होने की जानकारी मिली है. एजेंसी अभी सभी खातों की जांच कर रही है.
भाई को भी बनाया गया सह अभियुक्त
इस मामले में इंजीनियर के भाई संजय रजक को भी सह अभियुक्त बनाया गया है. उनके नाम पर एचपी गैस एजेंसी चलती है. इसी एजेंसी के नाम पर खरीदी गई स्कॉर्पियो गाड़ी का इस्तेमाल सरकारी कार्य में दिखाया गया और भुगतान इंजीनियर ने खुद लिया.
कई जगह गोदाम और मकान का खुलासा
तलाशी के दौरान सुपौल के करजाईन में तीन गोदाम बनाए जाने के सबूत मिले हैं. निर्मली में एक और गोदाम की जानकारी मिली है. वहीं दरभंगा में आवासीय मकान भी सामने आया है.
नेपाल में बन रहा बंगला, पत्नी के नाम पेट्रोल पंप
जांच में यह भी सामने आया है कि मनोज रजक ने नेपाल के सुनसरी जिले में जमीन लेकर बंगला बनवाना शुरू किया है. उनकी पत्नी वीणा भारती के नाम पर दरभंगा-बिरौल रोड पर एचपी पेट्रोल पंप के लिए जमीन लीज पर ली गई है.
आय से 62% ज्यादा संपत्ति का मामला
EOU ने मनोज रजक के खिलाफ आय से 62.66 प्रतिशत अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया है. इसके बाद ही छापेमारी की गई. टीम दरभंगा, जयनगर, निर्मली और करजाईन समेत कई जगहों पर जांच कर रही है.
निगरानी कोर्ट से वारंट लेकर हुई कार्रवाई
बताया जा रहा है कि मुजफ्फरपुर स्थित निगरानी न्यायालय से सर्च वारंट लिया गया था. इसके बाद टीम ने सभी ठिकानों पर एक साथ छापा मारा. फिलहाल जांच जारी है. एजेंसी दस्तावेज और संपत्ति के साक्ष्य खंगाल रही है. आशंका है कि पद का दुरुपयोग कर बड़ी काली कमाई की गई है. जांच में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.
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By Abhinandan Pandey
अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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