नौकरी की उम्मीद टूटी तो खेती-बागवानी से लिखी सफलता की कहानी, दूसरों को भी दे रहे रोजगार
Published by : Sweta Vaidya Updated At : 02 Jun 2026 9:54 AM
Success Story: सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड के माझीडीह गांव निवासी सुखदेव महतो ने सरकारी नौकरी की उम्मीद टूटने के बाद हार नहीं मानी, बल्कि खेती-बागवानी और पोल्ट्री फार्मिंग को अपना भविष्य बनाया. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.
चांडिल से हिमांशु गोप की रिपोर्ट
Success Story: सरकारी नौकरी पाने का सपना हर शिक्षित युवा देखता है, लेकिन जब बार-बार कोशिश करने के बावजूद सफलता नहीं मिलती तो अधिकांश लोग निराश हो जाते हैं. झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड अंतर्गत रसुनिया पंचायत के माझीडीह टोला गांव निवासी सुखदेव महतो ने निराशा के आगे हार मानने के बजाय उसे अवसर में बदल दिया. सरकारी नौकरी की आस टूटने के बाद उन्होंने पूर्वजों की जमीन को ही अपनी ताकत बनाया और आज बागवानी और पोल्ट्री फार्मिंग के जरिए न केवल खुद आत्मनिर्भर बने हैं, बल्कि चार अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि उनकी ये कोशिश ऐसे इलाके में सफल हो रही है जो जंगली हाथियों के आतंक के लिए जाना जाता है. हर साल हाथियों के झुंड फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं, फिर भी सुखदेव ने जोखिम उठाकर खेती और पशुपालन के क्षेत्र में नया मुकाम हासिल किया है.
पेपर लीक ने छीनी नौकरी की उम्मीद
माझीडीह निवासी सुखदेव महतो स्नातक शिक्षित हैं. उन्होंने कई प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लिया, लेकिन बार-बार परीक्षाओं और रिजल्ट में आई अनिश्चितताओं ने उनके सपनों को झटका दिया. सुखदेव महतो ने बताया कि कई बार परीक्षा देने के बाद भी पेपर लीक और अन्य कारणों से भर्ती प्रक्रियाएं प्रभावित हुईं. धीरे-धीरे उन्होंने सरकारी नौकरी के पीछे भागने के बजाय स्वरोजगार को अपनाने का फैसला लिया.
केसीसी लोन से शुरू किया बागवानी मिशन
अक्टूबर 2022 में सुखदेव महतो ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से बैंक से ऋण लेकर अपने तीन एकड़ खेत में बागवानी की शुरुआत की.उन्होंने केसर, दशहरी, आम्रपाली और मालदा प्रजाति के आम के पौधे लगाए. इसके साथ ही नींबू, अमरूद और पपीता की खेती भी शुरू की. आज तीन वर्षों की मेहनत के बाद पौधे चार से पांच फीट तक बढ़ चुके हैं और फल देने लगे हैं. खेत में फैली हरियाली और लहलहाते पौधे उनकी मेहनत और दूरदर्शिता की गवाही देते हैं.
पोल्ट्री फार्म से बढ़ी आय
बागवानी के साथ-साथ सुखदेव महतो ने अपने फार्म हाउस में पोल्ट्री फार्म की भी शुरुआत की. गर्मी के मौसम में वे एक बार में तीन हजार से पांच हजार तक चूजों का पालन करते हैं. पोल्ट्री फार्म के संचालन में परिवार के सदस्य भी सहयोग करते हैं. इससे उनकी आय के स्रोत बढ़े हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है.
खुद करते हैं मार्केटिंग
सुखदेव महतो अपने फार्म में उत्पादित फल और पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री के लिए किसी बिचौलिए पर निर्भर नहीं हैं. वे खुद आम, पपीता, अमरूद सहित अन्य उत्पादों को चांडिल स्टेशन, चांडिल बाजार और आसपास के हाट-बाजारों तक पहुंचाकर बेचते हैं. सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचने से उन्हें बेहतर मूल्य मिलता है और मुनाफा भी बढ़ता है.
हाथियों के खतरे के बीच नहीं छोड़ी हिम्मत
माझीडीह क्षेत्र लंबे समय से जंगली हाथियों के उत्पात से प्रभावित रहा है. हाथियों के झुंड अक्सर खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं. इसके बावजूद सुखदेव ने अपने सपनों को टूटने नहीं दिया. वे अब अपने फार्म की सुरक्षा के लिए सोलर फेंसिंग लगाने की तैयारी कर रहे हैं. सुखदेव महतो का कहना है कि खेती में जोखिम जरूर है, लेकिन मेहनत और सही योजना से सफलता हासिल की जा सकती है. उनका मानना है कि अगर सरकार युवाओं को खेती, बागवानी और पशुपालन के क्षेत्र में अधिक प्रोत्साहन और सहायता दे तो ग्रामीण क्षेत्रों से होने वाला पलायन काफी हद तक रुक सकता है.
सुखदेव महतो युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत
सुखदेव महतो की सफलता अब क्षेत्र के अन्य बेरोजगार युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है. उनकी पहल ने यह साबित कर दिया है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो तो खेती और कृषि आधारित व्यवसाय भी सम्मानजनक आय और रोजगार का बड़ा माध्यम बन सकते हैं. स्थानीय स्तर पर उनके मॉडल की सराहना हो रही है और कृषि विभाग भी इसे ग्रामीण स्वरोजगार के सफल उदाहरण के रूप में देख रहा है.
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By Sweta Vaidya
श्वेता वैद्य प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हैं. उन्हें कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक साल से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में श्वेता झारखंड बीट को कवर कर रही हैं, जहां वह राज्य की ताजा खबरें, लोगों की भलाई से जुड़े मुद्दे, सरकारी योजनाओं, स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विषयों पर आधारित स्टोरीज तैयार करती हैं. श्वेता की हर बार कोशिश यही रहती है कि बात आसान, साफ और सीधे तरीके से लोगों तक पहुंचे, जिससे कि हर कोई उसे बिना दिक्कत के समझ सके. कंटेंट राइटर के तौर पर उनका फोकस होता है कि कंटेंट सिंपल, रिलेटेबल और यूजर-फ्रेंडली हो. झारखंड बीट से पहले उन्होंने लाइफस्टाइल बीट के लिए भी कंटेंट लिखा. इस बीट में उन्होंने रेसिपी, फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स, गार्डनिंग टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर आर्टिकल लिखे.
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