विस्थापितों का पुनर्वास कराना डीएम पूनम के लिए बड़ी चुनौती

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 04 May 2018 6:32 AM

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करीब एक वर्ष चार महीना के अपने कार्यकाल के बाद निवर्तमान जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र ने गुरुवार को नयी जिला पदाधिकारी पूनम को प्रभार दे दिया. इस बीच नवागत जिला पदाधिकारी पूनम को विभिन्न कल्याणकारी व विकास योजनाओं को गति देने के साथ-साथ कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ेगा. कटिहार : कटिहार जिला प्रत्येक […]

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करीब एक वर्ष चार महीना के अपने कार्यकाल के बाद निवर्तमान जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र ने गुरुवार को नयी जिला पदाधिकारी पूनम को प्रभार दे दिया. इस बीच नवागत जिला पदाधिकारी पूनम को विभिन्न कल्याणकारी व विकास योजनाओं को गति देने के साथ-साथ कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ेगा.

कटिहार : कटिहार जिला प्रत्येक वर्ष बाढ़ व प्राकृतिक आपदा से जूझता रहा है. साथ ही सरकार के विभिन्न विकास व कल्याणकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन भी नये जिला पदाधिकारी के लिए कम चुनौती भरा नही है. जिले को नये डीएम से काफी अपेक्षाएं है. केंद्र सरकार ने के नीति आयोग ने देश की अति पिछला 101 जिला में कटिहार को शामिल किया है. ऐसे में नीति आयोग द्वारा निर्धारित किये गये सूचकांक पर बेहतर करने का भी एक चुनौती बरकरार है.
साथ ही कटिहार जिले को खुले में शौच से मुक्ति दिलाना भी एक बड़ी चुनौती है. शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, शुद्ध पेयजल, आवास जैसी कई बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी कई बड़े काम किये जाने है. खासकर बाढ़ व कटाव से विस्थापित लोगों के पुनर्वास का भी एक एक बड़ा मुद्दा सामने है. निवर्तमान जिला पदाधिकारी ने इन कामों को लेकर प्रयास किया था. नयी डीएम के सामने उन कार्यों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ उसे पूरा करने की भी जिम्मेदारी होगी.
नीति आयोग के सूचकांकों पर उतरना होगा खरा
नीति आयोग ने देश के 101 अति पिछड़े जिलाें में कटिहार को शामिल किया है. नीति आयोग सभी पिछड़े जिलों को मुख्यधारा में लाने के लिए कई तरह के इंडिकेटर तैयार किया है. उसी इंडिकेटर के आधार पर वर्ष 2022 तक अति पिछड़े सभी जिलाें को देश की मुख्यधारा में लाने की कार्य योजना बनायी जा रही है. कटिहार जिले में भी कार्य योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है. नये डीएम के सामने यह बड़ी चुनौती है कि नीति आयोग के द्वारा निर्धारित किये गये इंडिकेटर पर कैसे खरा उतरा जाये.
जानकारी के मुताबिक हर महीने नीति आयोग के द्वारा इंडिकेटर की प्रगति पर समीक्षा होनी है. ऐसे में फिलहाल नीति आयोग की मार्गदर्शिका के आलोक में इंडिकेटर के तहत जिला कार्य योजना बनाना जरूरी है. कार्य योजना के तहत ही नीति आयोग व केंद्र सरकार सीधे हर महीने समीक्षा करेगी. इसमें स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि, आधारभूत संरचना, वित्तीय समावेशन सहित कई तरह के बिंदु निर्धारित किये गये हैं. इसे कारगर तरीके से लागू करना नये डीएम के लिए चुनौतीपूर्ण है.
विस्थापितों को बसाने के लिए होता आ रहा है आंदोलन
जिला कटिहार जिला बाढ़ व कटाव का दंश हर साल झेलता है. बड़ी संख्या में लोग हर साल विस्थापित होते है. हजारों की तादाद में लोग बांध व अन्य ऊंचे स्थलों पर अभी बसे हुए है. विस्थापितों को लेकर समय-समय पर यहां आंदोलन होते रहे है. पिछले दो-तीन वर्षों से विस्थापितों के पुनर्वास को लेकर आंदोलन जोर पकड़ा है. वर्तमान डीएम मिथिलेश मिश्र ने इसके लिए कई तरह की रणनीति भी अपनायी थी. हर महीने पुनर्वास को लेकर समीक्षा की जा रही थी. नये डीएम के सामने यह बड़ी चुनौती है
कि किस तरह विस्थापितों का पुनर्वास किया जाय. पिछले दो-तीन डीएम विस्थापितों के पुनर्वास को लेकर किये गये आंदोलन के दौरान आश्वासन देते रहे है. पर अब तक विस्थापितों के पुनर्वास की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुयी है. ऐसे में नये डीएम को नीति अपनाकर जल्द से जल्द विस्थापितों के पुनर्वास करने के लिए ठोस पहल करनी पड़ेगी.
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