खाया खरना का प्रसाद, अब निर्जला उपवास
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 23 Mar 2018 5:14 AM
जहानाबाद नगर : लोक आस्था के चार दिवसीय महापर्व के दूसरे दिन गुरुवार को छठव्रतियों द्वारा खरना किया गया. खरना के उपरांत छठव्रती 36 घंटे के निर्जला उपवास पर चले गये. शुक्रवार की शाम अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ दिया जायेगा. इसके लिए जिले के सभी सूर्य मंदिरों एवं छठ घाटों पर विशेष इंतजाम कराये गये […]
जहानाबाद नगर : लोक आस्था के चार दिवसीय महापर्व के दूसरे दिन गुरुवार को छठव्रतियों द्वारा खरना किया गया. खरना के उपरांत छठव्रती 36 घंटे के निर्जला उपवास पर चले गये. शुक्रवार की शाम अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ दिया जायेगा. इसके लिए जिले के सभी सूर्य मंदिरों एवं छठ घाटों पर विशेष इंतजाम कराये गये हैं.
छठ घाटों पर साफ-सफाई के साथ ही पेयजल, रोशनी तथा चिकित्सकीय टीम की व्यवस्था करायी गयी है. वहीं जहां पानी की कमी थी वहां पानी की भी भरपूर व्यवस्था करायी गयी है ताकि छठव्रतियों को अर्घ देने में परेशानी नहीं हो. गुरुवार को खरना को लेकर सुबह से ही तैयारी चल रही थी. सुबह में दूध की व्यवस्था करने में लोग जुटे हुए थे ताकि प्रसाद बनाया जा सके. वहीं दोपहर बाद छठव्रती नदियों तथा सरोवरों में स्नान करने के उपरांत खरना के लिए प्रसाद बनाने में जुट गये.
इसके लिए नदियों तथा कुएं का पानी का इस्तेमाल किया गया. नये चूल्हे पर आम की लकड़ी को जलावन के रूप में इस्तेमाल करते हुए पीतल के बर्तन में खरना के लिए प्रसाद बनाया गया. प्रसाद बनाने के दौरान छठव्रतियों के साथ ही घर की अन्य महिलाओं द्वार छठ गीत गाये जाते रहे. प्रसाद के लिए खीर तथा रोटी पकायी गयी. शाम ढलते ही छठव्रतियों ने छठ गीतों के बीच प्रसाद ग्रहण किया. तत्पश्चात प्रसाद खिलाने का दौर देर रात तक चलता रहा.
लोगों ने एक-दूसरे के घरों में जाकर खरना का प्रसाद ग्रहण किया तथा भगवान भास्कर के प्रति अपना सिर झुकाकर उनकी अाराधना की. इधर नदी तटों एवं सरोवरों तटों पर भी खरना का प्रसाद बनाते छठ व्रती देखे गये. छठ घाटों पर छठ गीत भी गूंजते रहे. खरना के उपरांत अब छठव्रती शुक्रवार की शाम अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ देंगे.
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