मधेपुरा के मुख्य बाजार में रोज लग रहा जाम, घंटों फंस रहे लोग, यातायात व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

जाम के समस्या से जूझ रहा है मधेपुरा शहर
Madhepura News: मधेपुरा शहर का मुख्य बाजार इन दिनों जाम की गंभीर समस्या से जूझ रहा है. सुबह से लेकर देर शाम तक सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं. हालात ऐसे हैं कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है. स्थानीय लोग प्रशासन और यातायात व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं.
मधेपुरा से अमन श्रीवास्तव की रिपोर्ट
Madhepura News: मधेपुरा शहर के मुख्य बाजार में रोजाना लगने वाले जाम ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. बाजार क्षेत्र की सड़कों पर सुबह से शाम तक वाहनों का दबाव बना रहता है, जिससे लोगों को घंटों फंसे रहना पड़ता है. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पहले यातायात पुलिस की सक्रियता से स्थिति नियंत्रण में रहती थी, लेकिन अब व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है.
बाजार की सड़कों पर हर दिन जाम का संकट
शहर के प्रमुख बाजार क्षेत्र में रोजाना जाम लगने से दुकानदार, ग्राहक, स्कूली बच्चे और मरीज सभी परेशान हैं. कई जगहों पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे लोगों का समय बर्बाद होता है और दैनिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं.
अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग बनी बड़ी वजह
स्थानीय लोगों के अनुसार बाजार में जाम की सबसे बड़ी वजह सड़क किनारे बढ़ता अतिक्रमण है. कई दुकानदार सड़क तक सामान फैला देते हैं, जिससे सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है. इसके अलावा वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग और सड़क किनारे खड़े ऑटो व ई-रिक्शा भी समस्या को और गंभीर बना रहे हैं.
यातायात पुलिस की कमी से बढ़ी परेशानी
नागरिकों का कहना है कि कुछ समय पहले तक प्रमुख चौक-चौराहों पर यातायात पुलिस की नियमित तैनाती रहती थी. पुलिसकर्मी जाम हटाने और यातायात नियंत्रित करने का काम करते थे. लेकिन अब उनकी मौजूदगी बहुत कम दिखाई देती है, जिससे अव्यवस्था बढ़ती जा रही है.
जाम का असर कारोबार और आम जीवन पर
लगातार लगने वाले जाम का असर स्थानीय कारोबार पर भी पड़ रहा है. दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक जाम के कारण बाजार आने से बच रहे हैं. वहीं स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. कई बार एंबुलेंस तक जाम में फंस जाती है, जिससे गंभीर मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है.
लोग बोले- ठोस कदम उठाने की जरूरत
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बाजार क्षेत्र में नियमित ट्रैफिक पुलिस की तैनाती, अतिक्रमण हटाने और पार्किंग की बेहतर व्यवस्था करने की मांग की है. नागरिकों का मानना है कि वन-वे सिस्टम लागू करने, ऑटो और ई-रिक्शा के लिए निर्धारित स्टैंड बनाने तथा यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने से स्थिति में सुधार आ सकता है.
Also Read: बिहार के इन 3 पुलों पर 15 जून की आधी रात से नहीं चलेंगी गाड़ियां, जानिए प्रशासन ने क्यों लिया फैसला
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










