कवर्ड वायर और डीपी की योजना फेल: जहानाबाद में पोलों पर तारों का मकड़जाल बना खतरे की वजह
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 12 Jun 2026 7:29 AM
पोलों पर तारों का जाल.
Jahanabad News: बिजली पोलों पर डीपी लगाए गए थे, ताकि अवैध कनेक्शन पर रोक लग सके. लेकिन देखरेख की अभाव में डीपी खराब हो गये. मरम्मत भी नहीं करायी गयी. पूरी खबर नीचे पढ़ें.
जहानाबाद से संजय अनुराग की रिपोर्ट
Jahanabad News: शहर में बिजली के पोलों पर फैले तारों के मकड़जाल ने उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है. खराब डीपी, डायरेक्ट कनेक्शन और मरम्मत के अभाव में शहर की बिजली व्यवस्था अव्यवस्थित होती जा रही है. हालात ऐसे हैं कि पोलों पर उलझे तार कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं. पिछले रविवार को शिवाजी पथ में शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने इस खतरे को और गंभीरता से सामने ला दिया है.
अवैध कनेक्शन पर रोक के लिए लगाये गये थे डीपी
करीब दो से तीन वर्ष पूर्व बिजली विभाग ने खुले नंगे तारों को हटाकर कवर्ड वायर लगाने का अभियान चलाया था. इसके साथ ही बिजली के पोलों पर डीपी (डिस्ट्रिब्यूशन प्वाइंट) लगाए गए थे, ताकि उपभोक्ताओं को व्यवस्थित तरीके से कनेक्शन दिया जा सके और अवैध कनेक्शन पर रोक लग सके. शुरुआती दिनों में व्यवस्था बेहतर रही, लेकिन समय के साथ डीपी खराब होते गए और उनकी मरम्मत नहीं कराई गई.
स्थिति यह हो गई कि डीपी में फॉल्ट आने या सॉकेट जल जाने पर संबंधित उपभोक्ता का कनेक्शन सीधे मुख्य तार से जोड़ दिया गया. नए उपभोक्ताओं के लिए भी पर्याप्त संख्या में नए डीपी नहीं लगाए गए. नतीजतन पोलों पर डायरेक्ट कनेक्शनों की संख्या बढ़ती गई और तारों का जाल फैलता चला गया.
शोभा की वस्तु बनकर रह गए डीपी
शहर के अधिकांश पोलों पर लगे डीपी या तो पूरी तरह खराब हो चुके हैं या उनमें कुछ ही सॉकेट काम कर रहे हैं. कई स्थानों पर डीपी केवल दिखावे की वस्तु बनकर रह गए हैं, जबकि अधिकांश उपभोक्ताओं के कनेक्शन सीधे तारों से जुड़े हुए हैं. इससे स्पार्किंग, कार्बन और शॉर्ट सर्किट की घटनाएं बढ़ रही हैं.
शिवाजी पथ: शॉर्ट सर्किट से लग चुकी है आग
पिछले रविवार को शिवाजी पथ स्थित बिजली के तारों के मकड़जाल में अचानक शॉर्ट सर्किट से आग लग गई. आग लगने के बाद तारों से निकल रही चिंगारियां सड़क पर गिरने लगीं, जिससे आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए बिजली विभाग को सूचना दी, लाइन कटवाई और पानी डालकर आग बुझाई. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था.
फॉल्ट ढूंढने में छूटते हैं लाइनमैन के पसीने
बिजली के पोलों पर फैले तारों के जाल के कारण किसी उपभोक्ता के खराब कनेक्शन को ढूंढना भी मुश्किल हो गया है. मरम्मत कार्य के दौरान लाइनमैन को घंटों मशक्कत करनी पड़ती है. कई बार तारों की अधिकता के कारण फॉल्ट की पहचान करने में भी परेशानी होती है.
आंधी-पानी में बढ़ जाती है परेशानी
स्थानीय लोगों के अनुसार तेज हवा और बारिश के दौरान यह समस्या और गंभीर हो जाती है. हवा में झूलते तार आपस में टकराकर फॉल्ट पैदा करते हैं, जिससे कई इलाकों की बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है. जबकि कवर्ड वायर और डीपी लगाए जाने के समय दावा किया गया था कि ऐसी समस्याओं में कमी आएगी.
क्या कहते हैं कार्यपालक अभियंता
कार्यपालक विद्युत अभियंता डॉ. नंदलाल चौधरी ने स्वीकार किया कि शहर में कुछ डीपी खराब हैं. उन्होंने कहा कि पर्याप्त संख्या में डीपी उपलब्ध हैं, लेकिन भीषण गर्मी के दौरान लोड शेडिंग कर नए डीपी लगाने से उपभोक्ताओं को परेशानी होगी. मौसम में सुधार होते ही खराब डीपी को बदलने और आवश्यक स्थानों पर नए डीपी लगाने का कार्य किया जाएगा.
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