रराजस्व वसूली में अव्वल, पोल तार फिसड्डी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 22 Nov 2015 7:23 PM
दरभंगा : राजस्व प्राप्ति में विगत दो वर्षों से राज्य में अव्वल रहने के बावजूद दरभंगा शहरी क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं पर उत्तर बिहार पावर होल्डिंग कंपनी की नजरें इनायत नहीं हो रही है. यही वजह है कि केवल शहरी क्षेत्र में प्रतिमाह विभाग को 7 करोड़ से ज्यादा राजस्व की वसूली के बावजूद जर्जर […]
दरभंगा : राजस्व प्राप्ति में विगत दो वर्षों से राज्य में अव्वल रहने के बावजूद दरभंगा शहरी क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं पर उत्तर बिहार पावर होल्डिंग कंपनी की नजरें इनायत नहीं हो रही है. यही वजह है कि केवल शहरी क्षेत्र में प्रतिमाह विभाग को 7 करोड़ से ज्यादा राजस्व की वसूली के बावजूद जर्जर पोल व तार से लोगेां को निजात नहंीं मिल रही है.
शहरी क्षेत्र में अभी भी दर्जनों ऐसे मुहल्ले हैं जहां लकड़ी के खंभे एवं बांस के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है. छह पावर सब स्टेशनोें से 54 हजार को मिलती बिजलीविभागीय सूत्रों के अनुसार शहरी क्षेत्र में दो डिविजन दरभंगा एवं लहेरियासराय में कुल 53 हजार 978 विद्युत उपभोक्ता हैं.
इन उपभोक्ताओं को छह पावर सब स्टेशनों अर्बन, दोनार, बेला, डीएमसीएच, पंडासराय एवं जेल के निकट से बिजली आपूर्ति की जाती है. इन 54 हजार उपभोक्ताओं से पावर होल्डिंग कंपनी को प्रतिमाह करीब 7 करोड़ राजस्व की प्राप्ति होती है. जानकारी के अनुसार पिछले तीन वित्तीय वर्ष में दरभंगा शहरी क्षेत्र से रेकॉर्ड वसूली के कारण कार्यपालक अभियंता एवं राजस्व पदाधिकारी को भी पुरस्कृत किया गया.
विभागीय सूत्रोंके अनुसार वित्तीय वर्ष 2013-14 मेंं 51 करोड़, 2014-15 में 54.50 करोड़ एवं 2015 अप्रैल से अक्बूबर तक 48.26 करोड़ की वसूली की गयी है.आरएपीडीआरपी से चल रही योजना शहरी क्षेत्र के जर्जर पोल-तार बदलने के लिए उत्तर बिहार पावर होल्डिंग कंपनी ने करीब 10 करोड़ की योजनाएं दरभंगा एवं मधुबनी में चल रही है.
अबतक एक दर्जन से अधिक मुहल्लों में जर्जर पोल-तार भी बदले गये हैं. इसके बावजूद चूनाभट्ठी, कटहलबाड़ी, सुंदरपुर, चित्रगुप्तनगर, आजमनगर, बड़ाबाजार, रत्नोपट्टी सहित दो दर्जन मुहल्ले ऐसे हैं जहां जर्जर पोल-तार से बिजली दी जा रही है. दुमदुमा व बड़ा बाजार में जर्जर पोलवर्षों पूर्व लगाये गये लोहे के पोल जमीन के निकट ही जंग लगने से जर्जर हो गये हैं.
दुमदुमा मुहल्ला में ऐसे तीन जर्जर पोल सड़क की ओर ही झुका है. तेज हवा चलने पर उसके आसपास के लोग डर के मारे घर छोड़ वहां से दूर चले जाते हैं. लगभग यही स्थिति बड़ा बाजार एवं गुल्लोबाड़ा के कई पोलों की भी है.
लत्ती से ढंके हैं पोल-तारउत्तर बिहार पावर होल्डिंग कंपनी ने शहरी क्षेत्र में लाइन मंेटिनेंस एवं पोल-तार से पेड़ की डाली-लत्ती हटाने के लिए हाइड्रोलिक मशीन दी है. इसके बावजूद एमआरएम कॉलेज के मुख्य द्वार के निकट , रहमगंज सहित कई जगहों पर लत्ती से ढके तारों से ही बिजली आपूर्ति की जा रही है. इसके कारण अर्थिंग की आशंका बनी रहती है.
क्या कहते हैं अधिकारीशहरी क्षेत्र में जर्जर पोल-तार बदलने के लिए आरएपीडीआरपी योजना से काम चल रहा है. स्थानीय सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता की रिपोर्ट पर ही पोल-तार बदले जा रहे है. आगामी मार्च 2016 तक सभी जर्जर पोल-तार बदलने का लक्ष्य है.सुनील कुमार दास कार्यपालक अभियंता नगर विद्युत आपूर्ति प्रमंडल
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