भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है कृषि

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 22 Nov 2015 6:52 PM

विज्ञापन

बहेड़ी : रबी महोत्सव के अवसर पर रविवार को राजीव गांधी सभा भवन में कृषक प्रषिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. बीएओ अमरेन्द्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में प्रमुख मुन्नी देवी ने दीप प्रज्वलित कर शिविर का उदघाटन किया. इस मौके पर मानवाधिकार संरक्षण प्रतिश्ठान के जिला अध्यक्ष प्रदीप कुमार चौधरी ने किसानों को संबोधित […]

विज्ञापन

बहेड़ी : रबी महोत्सव के अवसर पर रविवार को राजीव गांधी सभा भवन में कृषक प्रषिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. बीएओ अमरेन्द्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में प्रमुख मुन्नी देवी ने दीप प्रज्वलित कर शिविर का उदघाटन किया.

इस मौके पर मानवाधिकार संरक्षण प्रतिश्ठान के जिला अध्यक्ष प्रदीप कुमार चौधरी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का रीढ़ माना जाता है, लेकिन गुणवत्ता की कमी के कारण आज हमारे सामने कुपोषण सबसे बड़ी चुनौती बन गया है.

इसका मुख्य कारण है अधिक उपज के लिए अधिक से अधिक रासायनिक खाद एवं प्रदूषित खाद का उपयोग. इसको लेकर किसानों को क्वालिटी के साथ क्वांटिटी का ध्यान रखते हुए खेतों में जैविक खाद का उपयोग को प्राथमिकता देनी चाहिए. इससे हरित क्राति एवं इन्द्रधनुष जैसे अन्य कार्यक्रम को सफलता मिलेगी. वहीं थानाध्यक्ष सीताराम प्रसाद ने कहा कि हमारे देश में 70 फीसदी आबादी कृषि पर आश्रित है.

लेकिन तकनीकी जानकारी के अभाव में उन्हें खेती करने में काफी कठिनाई होती है. इससे किसानों की दशा एवं दिशा दोनों प्रभावित होती है. उन्होंने जैविक खाद के उपयोग पर बल देते हुए इससे गुणवत्ता पूर्ण खेती एवं अधिक उपज मिलने की दिशा में किसानों को प्रेरित किया. बीएओ श्री सिंह ने किसानों को अधिक उपज के लिए कतारवद्ध खेती करने पर बल दिया.

प्रशिक्षण शिविर को आगे बढ़ाते हुए प्लांट प्रोटेक्शन निरीक्षक सुनील कुमार ने कृषि रोड मैप के पंचमुखी उद्देश्य एवं बीज योजना के उद्देश्य के बारे में विस्तार से जानकारी दी. वही मिट्टी जांच अधिकारी शाहिद जमाल ने गुणवत्ता पूर्ण खेती के लिए मिट्टी जांच को प्राथमिकता देते हुए नमूना लेने को लेकर खेत का सर्वेक्षण,औजार का चयन एवं नमूने की गहराई विस्तार से जनाकारी दी.

इसके अलावे किसानों को वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन तकनीक, जीरो ट्रीलेज विधि से गेंहू की बुआई सहित मक्का एवं दलहन की उन्नत खेती के बारे में आवश्यक जानकारी दी. इस मौके पर कई कृषि समन्यवयक एवं तकनीकी सहायकों ने अपने विचार व्यक्त किये.

बहेड़ी : प्रखंड मुख्यालय पर आयोजित रवि महोत्सव की खानापूरी को लेकर शिविर में चर्चा का विषय बना रहा. किसानों के बीच वितरण की गयी आत्मा संदेश पुस्तिका में नवीन जानकारी नही रहने को लेकर विभाग पर तरह तरह के सवाल उठ रहे थे. जिसमें 2014 संस्करण दर्शाया गया था. वही पुस्तिका में मुख्यमंत्री के नाम व फोटो की जगह पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को रेंखाकित करने को लेकर कई महागठबंधन कार्यकर्ताओं ने इसे कृषि विभाग की लापरवाही करार देते हुए क्षोभ व्यक्त किया.

किसान जागरुकता रबी विशेषांक 2014 में अक्टूबर दिसम्बर को दर्शाते हुए आत्मा संदेश पुस्तिका पर कृषि विभाग का लोगों लगा हुआ है. चालू वितीय वर्ष की प्रकाशित पुस्तिका उपलब्ध नही होने को लेकर शिविर में किसानों ने इसे आड़े हाथ ले लिया.

इसको लेकर जदयू के प्रखंड अध्यक्ष गंगा प्रसाद सिंह ने कहा कि कृषि विभाग के कार्यक्रम पर आत्मा पर लाखों का खर्च होती है, लेकिन विभाग की नजरअंदाजी के कारण सरकार के इस योजना में खानापूरी कर कई तरह के सवाल लोगों के सामने खड़ा कर दिया है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन