बंद चीनी मिल व अशोक पेपर मिल को चालू करा पायेंगे माननीय मंत्री!

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 22 Nov 2015 6:52 PM

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बंद चीनी मिल व अशोक पेपर मिल को चालू करा पायेंगे माननीय मंत्री!नयी सरकार से दरभंगा जिले के लोगों को जगी उम्मीद अरसे बाद तीन तीन मंत्री बने हैं इस जिले से दरभंगा . नीतीश कुमार पांचवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं. इस मंत्रिमंडल में दरभंगा को भी काफी अच्छी भागीदारी मिली […]

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बंद चीनी मिल व अशोक पेपर मिल को चालू करा पायेंगे माननीय मंत्री!नयी सरकार से दरभंगा जिले के लोगों को जगी उम्मीद अरसे बाद तीन तीन मंत्री बने हैं इस जिले से दरभंगा . नीतीश कुमार पांचवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं. इस मंत्रिमंडल में दरभंगा को भी काफी अच्छी भागीदारी मिली है. सरकार के खजाना की चाबी दरभंगा के अलीनगर से विधायक अब्दुलबारी सिद्धिकी को थमायी गयी है. जबकि राजस्व एवं भूमि सुधार जैसे महत्वपूर्ण महकमा भी दरभंगा से विधान पार्षद डा मदन मोहन झा को सौंपी गयी है. गरीब- गुरबों को खाद्यान्न हर महीने उलपब्ध कराने वाले विभाग का जिम्मा भी जिले के ही विधायक मदन सहनी को खाद्य उपभोक्ता एवं संरक्षण विभाग का मंत्री बनाकर सौंपा गया है. सबसे ज्यादा अहम यह भी है कि कुशेश्वरस्थान के रहने वाले एवं समस्तीपुर से सांसद रहे महेश्वर हजारी को नगर विकास एवं आवास विभाग का जिम्मा सौंपा गया है. श्री हजारी जब सांसद थे तो दरभंगा जिला का हायाघाट एवं कुशेश्वरस्थान विधानसभा क्षेत्र उनके संसदीय क्षेत्र में था जिसका वे प्रतिनिधित्व करते थे. ऐसे में तीन नहीं बल्कि चार मंत्री इस जिले से जुड़े सीधे जुड़े हैं. ऐसे में यहां के लोगों की अपेक्षा नयी सरकार से कुछ ज्यादा ही है. खासकर वैसी योजनाएं या उद्योग-धंधे जो वर्षों से बंद पड़े हुए हैं. उसे चालू कराने की दिशा में इनकी भूमिका क्या होगी, यह गौर करने लायक होगी. अशोक पेपर मिल वर्षों से बंद पड़ा हुआ है. रैयाम चीनी मिल एवं सकरी चीनी मिल के बंद होने से किसानों की माली हालत खराब हो चुकी है. इन मिलों को फिर से चालू कराने की जबावदेही नयी सरकार में बने मंत्रियों से लोगों की है. कुशेश्वरस्थान क्षेत्र हो या फिर घनश्यामपुर का इलाका. आज भी सड़क एवं पुल पुलिया के मामले में काफी पीछे है. दरभंगा नगर निगम तो हैं लेकिन यहां जो विकास के कार्य होने चाहिए थी, वह अब तक नहीं हो सका है.नये उद्योग धंधे लगाने के साथ साथ ही बड़ी संख्या में मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए मंत्रियों के द्वारा क्या कदम उठाये जाते हैं यह गौर करने लायक होगा. इसके अलावा बख्तियारपुर ताजपुर पथ को ताजपुर(समस्तीपुर) से आगे बढ़ाते हुए नेपाल तक जोड़ने की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दिला पाने की दिशा में इन मंत्रियों की भूमिका भी अहम होगी. जाले में कृषि विज्ञान केन्द्र तो हैं पर एक भी कृषि कॉलेज नहीं है. ऐसे में दरभंगा, मधुबनी एवं सीतामढ़ी के छात्रों को पूसा, ढोली, भागलपुर या फिर अन्य जगहों पर कृषि की पढ़ाई करने के लिए जाना होता है. बिजली के मामले में भी यह जिला अभी काफी पीछे चल रहा है. आज भी ढेर सारे गांव हैं जहां बिजली नहीं पहुंच सकी है. शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के साथ साथ हर घर में शौचालय का निर्माण कराने की दिशा में सरकार एवं मंत्री क्या कदम उठा पाते हैं यह देखना होगा. अरसे बाद तीन तीन मंत्री इस जिले को मिला है तो अपेक्षा भी ज्यादा है. लोगों की उम्मीद भरी निगाहें इन मंत्रियों पर टिकी हुई है.

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