प्रेमी को सिकंदराबाद, प्रेमिका को भेजा मौसी घर

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 12 Apr 2015 8:28 AM

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पंजवारा: ‘प्रेम’ पर पहरेदारी के लिए विवादित फैसलों के लिए मशहूर बसबिट्टा गांव एक बार फिर सुर्खियों में है. धोरैया प्रखंड के अंतिम छोर पर स्थित यह गांव बीते दस दिनों से लोगों की चर्चा का केंद्र बना हुआ है. यहां दो प्रेमी जोड़े ग्रामीण पंचायती के आगे बेबस होकर गुमनामी की जिंदगी जीने के […]

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पंजवारा: ‘प्रेम’ पर पहरेदारी के लिए विवादित फैसलों के लिए मशहूर बसबिट्टा गांव एक बार फिर सुर्खियों में है. धोरैया प्रखंड के अंतिम छोर पर स्थित यह गांव बीते दस दिनों से लोगों की चर्चा का केंद्र बना हुआ है. यहां दो प्रेमी जोड़े ग्रामीण पंचायती के आगे बेबस होकर गुमनामी की जिंदगी जीने के लिए बेबस हैं.

मामला चार अप्रैल का है. गांव का एक प्रेमी जोड़ा अपनी दुनिया बसाने घर से निकल पड़ा. परिजनों को जैसे ही इस बात की भनक लगी, उनकी खोज शुरू हो गयी, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी. इस दौरान दोनों के देवघर में होने की सूचना मिली, तो परिजन वहां पहुंचे और प्रेमी युगल को साथ लेकर बसबिट्टा पहुंचे. इसके बाद पंचायती का दौर शुरू हुआ. आठ अप्रैल को फरमान जारी हुआ कि प्रेमी-प्रेमिका अलग रहेंगे. ग्रामीणों ने युवक और युवती के परिजनों से समझौता पत्र पर हस्ताक्षर कराया.

दोनों को किया गया प्रताड़ित : इस बीच ग्रामीणों के मुताबिक लड़के और लड़की को परिजनों के हाथों प्रताड़ना ङोलनी पड़ी. सूत्रों की माने तो लड़के को काफी चोट आयी है. मामला जब गांव से बाहर आया, तो शनिवार को स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी कि प्रेम प्रसंग मामले में गांव के एक युवक को बंधक बना कर रखा गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए बौंसी इंस्पेक्टर त्रिपुरारी सिंह एवं धोरैया थाने के एसआइ यूपी सिंह बसबिट्टा पहुंचे और संभावित ठिकानों पर युवक की तलाश किये. तलाश के दौरान युवक के पिता के साथ-साथ युवती के परिजनों ने ग्रामीणों के सामने दोनों के भागने की बात कबूल की. दोनों पक्षों ने पुलिस को एक समझौता पत्र सौंपते हुए बताया की मामला रफा-दफा कर लिया गया है. युवक को सिकंदराबाद मजदूरी करने के लिए भेज दिया गया है, जबकि युवती अपनी मौसी के घर गयी है. पुलिस ने ग्रामीणों के समक्ष दोनों के परिजनों से लिखित आवेदन लिया. इस पर युवक-युवती के सही सलामत होने की बात दोनों के परिजनों ने कबूल की है.
सुनाया गया था तुगलकी फरमान
एक वर्ष पूर्व इसी गांव में एक विवाहिता को अपने दो दुधमुंहे बच्चों को छोड़ कर अपने प्रेमी के साथ रहने का हुक्म सुनाया गया था. इस एवज में पंचायत ने 11 हजार रुपये प्रेमी युवक को जुर्माना लगाया था, जबकि पांच हजार रुपये विवाहिता के पति पर पत्नी को संभाल कर नहीं रखने के लिए अदा करना पड़ा था. उस वक्त भी यह गांव सुर्खियों में रहा. सूत्रों की मानें, तो इस पूरे फसाद की जड़ में गांव के एक चिकित्सक की भूमिका संदेह के घेरे में है. लोग दबी जुबान से उस पर युवक के साथ ज्यादती करने के गंभीर आरोप लगा रहे हैं.
मामला हुआ पेचीदा
स्थानीय लोग इस बात पर विश्वास नहीं कर रहे हैं कि युवक सही सलामत मजदूरी करने बाहर गया हुआ है. ग्रामीणों की मानें, तो उसे इस घटना के बाद काफी चोट लगी है. हालांकि पुलिस जांच के दौरान इतने बड़े विवाद के बाद युवक और युवती का सामने न आना इससे मामला को और पेचीदा बनाये हुए है.
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