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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अमेरिका फर्स्ट नीति ने अगर H-1B वीजा को किया समाप्त तो, हजारों भारतीयों पर गिर सकती है गाज

Updated at : 21 Jan 2025 6:35 PM (IST)
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Donald Trump with wife

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

US President Donald Trump : डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ले ली है और उन्होंने अपने संबोधन में यह साफ कहा है कि उन्हें अमेरिका का राष्ट्रपति दोबारा बनने का अवसर इसलिए मिला है कि ताकि अमेरिका को एक बार फिर महान बनाया जाए. डोनाल्ड ट्रंप ने जो संकेत दिए हैं, उससे यह साफ जाहिर है कि अमेरिका फर्स्ट की नीति उनकी प्राथमिकता है. अमेरिका फर्स्ट नीति को कारगर बनाने के लिए ट्रंप प्रशासन कड़े कदम उठा रही है, ऐसे में सवाल यह है कि क्या ट्रंप प्रशासन H-1B वीजा को समाप्त कर देगा? अगर ऐसा हुआ तो हजारों भारतीयों की नौकरी जाएगी और उन्हें अमेरिका छोड़ना पड़ सकता है.

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US President Donald Trump : अमेरिका के नव निर्वार्चित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पद की शपथ ले ली है और अब  समय आ गया है कि चुनाव के वक्त जो वायदे किए गए थे उन्हें पूरा किया जाए. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार यह दोहराया है कि उनकी नीतियां अमेरिका फर्स्ट की होगी, जिसमें देश में अब जो निर्णय लिए जाएंगे उसमें अमेरिकियों का हित सर्वोपरि होगा. किसी भी फैसले से अमेरिकियों को होने वाले नुकसान के बारे में सोचकर ही कोई फैसला किया जाएगा. चुनाव प्रचार के दौरान डोनाल्ड ट्रंप और उनके सहयोगी विवेक रामास्वामी ने भी यह स्पष्ट कहा था कि अमेरिकियों के हित में वे H-1B वीजा को समाप्त कर देंगे. हालांकि अब रामास्वामी ट्रंप प्रशासन का हिस्सा नहीं हैं.

क्या है अमेरिका फर्स्ट नीति

अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं. इस आदेश में अमेरिकी विदेश विभाग को यह निर्देश दिया गया है कि वे विदेश नीति अमेरिकी हितों की रक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाएं. ट्रंप की सरकार प्राथमिकता तय करने में अमेरिका और उसके नागरिकों को हर चीज से ऊपर रखेगी. डोनाल्ड ट्रंप ने यह आदेश अमेरिकी सीनेट द्वारा मार्को रुबियो को विदेश मंत्री के रूप में स्वीकार कर लिए जाने के बाद आया है. चुनावी भाषणों के दौरान ही ट्रंप ने यह स्पष्ट कर दिया था कि अगर वे सत्ता में होते तो रूस-यूक्रेन युद्ध नहीं होता. डोनाल्ड ट्रंप जिस अमेरिका फर्स्ट नीति का समर्थन कर रहे हैं वो ये कहता है कि पहले अपने नागरिकों का हित सोचो. इस लिहाज से ट्रंप और उनकी सरकार रूस और यूक्रेन युद्ध में यूक्रेन पर पैसे खर्च करना रोक सकती है और उन पैसों का इस्तेमाल मैक्सिको की सीमा पर अवैध प्रवासियों को रोकने के लिए कर सकती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन से किनारा करने का ट्रंप का फैसला भी अमेरिका फर्स्ट पाॅलिसी को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम प्रतीत होता है. नागरिकता को लेकर भी ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी फर्स्ट के सिद्धांत को ही सामने रखा है. ट्रंप ने यह साफ कर दिया है कि अब किसी भी प्रवासी को अमेरिका की नागरिकता नहीं मिलेगी. अब जन्म के आधार पर प्रवासियों के बच्चों को जो नागरिकता मिल जाती है, वह अब संभव नहीं होगा.

भारत और अमेरिका के संबंधों पर क्या होगा असर?

Mukesh and Nita Ambani with Donald Trump
मुकेश और नीता अंबानी डोनाल्ड ट्रंप के साथ

अबतक डोनाल्ड ट्रंप ने जिस तरह की बयानबाजी की है, उससे यह तो प्रतीत हो रहा है कि भारत-अमेरिका संबंध में कुछ खास सकारात्मक नहीं होने वाला है. अगर डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका फर्स्ट की नीतियों को ज्यादा सख्ती से लागू करेंगे तो भारतीयों को नुकसान हो सकता है. साथ ही टैरिफ बढ़ाने से व्यापार पर भी असर होगा. लेकिन चीन के साथ व्यापार कम करने के अमेरिकी फैसले से भारत को फायदा ही होगा, क्योंकि अगर वे चीन के साथ संबंध नहीं रखेंगे तो भारते के साथ व्यापार करेंगे. ट्रंप को यह पता है कि भारत जैसी बढ़ती अर्थव्यवस्था को वो इग्नोर करके अपना ही नुकसान करेंगे, इसलिए उन्होंने भारत के प्रतिनिधि विदेश मंत्री एस जयशंकर को अपने शपथग्रहण समारोह में पहली पंक्ति में जगह दी और अपने इरादे को स्पष्ट कर दिया है कि भारत के साथ अमेरिका के संबंध कैसे हो सकते हैं. हालांकि अगर एच 1 बी वीजा को ट्रंप प्रशासन ने समाप्त किया, तो भारत से अमेरिका जाकर काम करने वालों पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है, जिसकी घोषणा ट्रंप ने चुनावों के दौरान की थी. H-1B वीजा लेकर भी अमेरिका सरकार कड़े निर्णय ले सकती है.

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ट्रंप के अन्य महत्वपूर्ण फैसले जिनकी हो रही है चर्चा

अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई ऐसे फैसले लिए हैं जिनकी चर्चा हो रही है. इसमें सर्वप्रमुख है अमेरिका की आव्रजन नीति( immigration policy of us). डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अमेरिका की नौकरियों पर पहला हक अमेरिकियों का है, लेकिन प्रवासी उसमें भी दखलंदाजी करते हैं. उन्हें एक बार वीजा मिल जाने से वे वहां की नागरिकता प्राप्त करने के अधिकारी बन जाते हैं, जिसे रोकना ट्रंप सरकार का उद्देश्य है. वे अमेरिका-मेक्सिकों की सीमा पर दीवार को पूरा कराने की बात कर रहे हैं, ताकि उधर से अवैध रूप से प्रवासी अमेरिका में प्रवेश ना करें.प्रवासियों के कानूनी प्रवेश को रोकने के लिए बनाए गए एप को भी समाप्त कर दिया गया है.राष्ट्रीय सुरक्षा का ध्यान रखते हुए ट्रंप ने यह घोषणा भी की है कि वे पनामा नहर को वापस अपने अधिकार में लेंगे क्योंकि पनामा नहर को बनाने में हजारों अमेरिकन मारे गए थे.

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Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

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